गाज़ा में 10 हज़ार मरे, आंकड़े पर सवाल उठे तो UN बचाव में उतरा
एक बात उड़ा दी गई है कि गाज़ा से जारी मृतकों के आंकड़े भरोसे लायक नहीं हैं. लेकिन इस बात में दम कितना है? अंतरराष्ट्रीय संगठन क्या सोचते हैं?

7 अक्टूबर 2023 से शुरू हुई Israel-Hamas war में अब तक 1400 से ज़्यादा इज़रायली नागरिकों की जान गई है. और करीब 250 लोग बंधक हैं. ये आंकड़े इज़रायल सरकार ने जारी किए हैं. और इन्हें फेस वैल्यू पर लिया भी गया है. माने इज़रायल ने कहा, हमने मान लिया. लेकिन गाज़ा में मारे गए 10 हज़ार से ज़्यादा लोगों के मामले में ऐसा नहीं हो रहा है. एक तर्क उछाला गया है कि गाज़ा का स्वास्थ्य मंत्रालय हमास नियंत्रित है. इसीलिए वो गाज़ा में हताहतों की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बता रहा है. लेकिन पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन और अब UNICEF ने गाज़ा से जारी मृतकों के आंकड़े का बचाव किया है.
आंकड़े जारी कौन कर रहा है?
10 हज़ार से ज़्यादा मौतों वाला आंकड़ा गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय का है. यही आंकड़ा रामल्ला स्थित फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया है. रामल्ला (बचे-खुचे) फिलिस्तीन की प्रशासनिक राजधानी की तरह है.
मौत के आंकड़ों पर सवाल?
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने 29 अक्टूबर 2023 को कहा था कि उन्हें फिलिस्तीनियों द्वारा जारी की जा रही संख्या पर भरोसा नहीं है. वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा था कि गाज़ा में मरने वालों की संख्या, बताई जा रही संख्या से कहीं ज्यादा हो सकती है. क्योंकि कई लोग तो मलबे में दबे हुए हैं और उन्हें अभी तक आधिकारिक आंकड़े में नहीं जोड़ा गया है.
वैसे जब बाइडन प्रशासन से पत्रकारों ने सवाल किए, तो प्रवक्ता ने कह दिया कि अमेरिकी सरकार इस बात का खंडन नहीं कर रही है कि गाज़ा में हज़ारों आम नागरिक मारे गए हैं.
गाज़ा में मरने वालों की संख्या गाज़ा का स्वास्थ्य मंत्रालय जारी करता है. ये मंत्रालय हमास के अंडर आता है. जंग की वजह से इज़रायल की सीमाएं सील हैं. यही वजह है कि वहां विदेशी पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता बहुत ही सीमित हैं. हालांकि गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय का रिकॉर्ड आंकड़ों के मामले में अच्छा रहा है. उसके आंकड़े काफी हद तक सही रहे हैं. एसोसिएटेड प्रेस (AP) के अनुसार पिछली जंगों में गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय की गिनती UN और अन्य स्वतंत्र एजेंसियों के आंकड़े के आसपास ही रही है. गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक गाज़ा में फिलिस्तीनियों की मौत का आंकड़ा 10000 को पार कर चुका है जिसमें 4000 से अधिक बच्चे हैं.
UNICEF ने बताया, कितनी मौतें हुई?
UNICEF ने मौत के आंकड़ों को लेकर तमाम विरोधाभास के बीच एक बयान जारी किया है. यूनीसेफ के प्रवक्ता जेम्स एल्डर ने सीएनएन(CNN) से जुड़ी पत्रकार जूलिया चैटरली से बात करते हुए कहा,
‘’UNICEF में हम आंकड़ों को लेकर बहुत सतर्क रहते हैं. हमारी प्रतिष्ठा सिर्फ इसलिए नहीं है कि हम (संघर्ष के) मोर्चे पर हैं और राहत भी पहुंचा रहे हैं, बल्कि इसलिए है कि हमारे पास सबूत है.''
एल्डर आगे कहते हैं,
“यूनीसेफ (आंकड़ों की) रिपोर्टिंग को लेकर बहुत ही सख्ती से प्रक्रिया का पालन करता है. हम जानकारी इकट्ठा करते हैं और उसे कई स्रोतों से कंफर्म करते हैं. इसमें समय अधिक लगता है पर ये रिपोर्ट्स बहुत ही गहन होती हैं.”
यूनिसेफ के प्रवक्ता ने गाज़ा से जारी होने वाले मौतों के आंकड़ों का बचाव करते हुए कहा है कि संगठन के आंकड़े ऐतिहासिक रूप से हमास-नियंत्रित गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों से मेल खाते हैं. UN और बाक़ी अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और विशेषज्ञों का कहना है कि ग़ाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सबसे कठिन परिस्थितियों में भी सटीक संख्या बताई है. मिसाल के लिए,
- 2008 युद्ध: मंत्रालय ने बताया- 1,440 फुलिस्तीनी मारे गए. UN ने बताया 1,385.
- 2014 युद्ध: मंत्रालय ने 2,310 फिलिस्तीनियों के मारे जाने की सूचना दी, UN ने 2,251.
- 2021 युद्ध: मंत्रालय ने कुल 260 फिलिस्तीनियों के मारे जाने के आंकड़े दिए, UN ने 256.
संयुक्त राष्ट्र (UN) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 6 नवंबर 2023 को बताया था कि पिछले 2 हफ्तों में राफा बॉर्डर क्रॉसिंग से 400 से अधिक ट्रक गाज़ा में मानवीय सहायता लेकर गए हैं. जबकि इस जंग से पहले हर दिन करीब 500 ट्रक गाज़ा में एंटर करते थे.
(यह भी पढ़ें : फ़िलिस्तीनियों की मौत के आंकड़ों पर बाइडन को 'शक', असल में कितने लोग मारे जा चुके हैं?)

