'हमारे साथ जो हुआ, उससे भारत सबक ले', चीन-पाकिस्तान पर यूक्रेन की मंत्री ने बड़ी बात कह दी
यूक्रेन की मंत्री ने बहुत साफ बात बोली है
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“भारत को उन देशों को न रोकने के खतरों को पहचानना चाहिए, जो अपना एजेंडा बिना किसी के डर या रोक-टोक के चलाते हैं.”
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय की पहली डिप्टी मिनिस्टर एमाइन झेपार (Emine Dzheppar) का यही कहना है. नई दिल्ली में इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स (ICWA) में मीडिया से बात करते हुए एमाइन ने ये बात कही. एनडीटीवी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक एमाइन ने भारत के पड़ोसी देश, पाकिस्तान और चीन, (India-Pakistan-China) की ओर इशारा करते हुए ये बात कही.
एमाइन झापरोवा ने ICWA की मीटिंग में रूस का जिक्र करते हुए भारत को सीख लेने की बात कही. उन्होंने कहा कि पिछले साल यूक्रेन पर रूस के हमले से पहले की घटनाएं इस बात का एक उदाहरण हैं कि कैसे कठिन पड़ोसियों को संभाला जाना चाहिए. एमाइन ने बताया,
“मैं एक संदेश लेकर भारत आई हूं. यूक्रेन वास्तव में भारत और यूक्रेन के रिश्ते को करीब लाना चाहता है. हां, हमारे बीच एक इतिहास है, लेकिन हम भारत के साथ एक नए रिश्ते की शुरुआत करना चाहते हैं.”
पाकिस्तान और चीन पर बात करते हुए एमाइन ने कहा कि भारत के आसपास भी कठिन पड़ोसी हैं. उन्होंने बताया कि क्रिमिया प्रकरण भारत के लिए भी एक सीख है. जब भी कोई देश ऐसा करता है, और उसे रोका नहीं जाता, तो वो और बड़ा बना जाता है.
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय की पहली डिप्टी मिनिस्टर एमाइन झेपार ने भारत और रूस के ऊर्जा संबंधों पर भी अपनी बात सामने रखी. उन्होंने कहा कि अभी यूक्रेन इस स्थिति में नहीं है कि वो भारत को ये बताए कि वो दूसरे देशों के साथ अपने आर्थिक संबंध कैसे बनाए.
बता दें कि भारत रूस से सस्ते दाम पर कच्चा तेल खरीद रहा है. रूस पर पश्चिम देशों के प्रतिबंधों के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदता है.
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के दौरे पर बोलते हुए एमाइन ने कहा कि यूक्रेन उनका स्वागत करेगा यदि वो उनके देश का दौरा करते हैं. एमाइन ने आगे बताया कि उनकी ये यात्रा भारत और यूक्रेन के बेहतर संबंध और दोस्ती की निशानी है. यूक्रेन की मिनिस्टर ने भारत को ‘विश्वगुरु’ भी बताया और कहा कि आध्यात्मिक शिक्षा का संदेश न्याय है. लेकिन, कुछ देश कभी-कभी युद्ध चुनते हैं.
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