The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Twitter Blue Bird logo replaced by Doge logo elon musks story viral

ट्विटर पर 'चिड़िया' की जगह जो 'कुत्ता' आया, वो 10 साल पहले क्यों वायरल था?

एलन मस्क ने फिर सबको चौंकाया, पर कहानी बहुत पुरानी है.

Advertisement
pic
4 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 4 अप्रैल 2023, 01:06 PM IST)
Twitter replaces Blue Bird logo with Doge dog Elon Musk
ट्विटर में नीली चिड़िया की जगह 'डोज़' का लोगो आने लगा है (फोटो- काबोसू/आजतक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

एक अप्रैल को दुनिया में ‘अप्रैल फूल्स डे’ मनाया जाता है. इस बार अप्रैल के पहले दिन ट्विटर पर मौजूद ‘ब्लू टिक धारी’ जनता ये सोच बैठी थी कि उन्हें अप्रैल फूल बना दिया. किसने? ट्विटर वाले एलन मस्क (Elon Musk Twitter) ने. मस्क ने ऐसा ऐलान किया था कि जो लोग ब्लू टिक वेरिफिकेशन (Twitter Blue Tick) के लिए पैसा नहीं देंगे, उनका वेरिफिकेशन छीन लिया जाएगा. हालांकि, अधिकतर लोगों का वेरिफिकेशन जस का तस बना हुआ है. लेकिन अब अचानक से एक बदलाव हुआ है. ट्विटर की चिड़िया वाले (Twitter Blue Bird Logo) लोगो में. चिड़िया की जगह “डोज़” वाले लोगो (Twitter Doge Dog) ने ले ली है. इस लोगो में एक डॉग बना हुआ है. ये काफी फेमस है. आइए, इसकी पूरी कहानी जानते हैं.

ट्विटर का नीली चिड़िया वाला लोगो वेब पेज में होम बटन के तौर पर देखा जाता था. लेकिन अब इस लोगो की जगह ‘डोज कॉइन क्रिप्टोकरेंसी’ वाला लोगो आ गया है. वही फेमस ‘डोज़’ मीम वाले डॉग का लोगो. फेमस क्यों, ये आगे बताएंगे. इससे पहले एलन मस्क के ट्विटर पोस्ट के बारे में जानिए.

मस्क ने रात करीब 12 बजकर 20 मिनट पर एक फोटो पोस्ट की. फोटो में एक ‘डोज डॉग’ कार की ड्राइविंग सीट पर बैठा दिख रहा है. वो ट्रैफिक पुलिस वाले को अपना लाइसेंस दिखा रहा है. लाइसेंस में नीली चिड़िया (ट्विटर का पुराना लोगो) की फोटो है. जिस पर डोज डॉग ट्रैफिक पुलिस वाले से कह रहा है, “ये पुरानी फोटो है”. ट्वीट यहां देखिए.

‘डोज़’ लोगो में डॉग कौन सा है?

मीम वर्ल्ड में डोज़ के नाम से फ़ेमस ये डॉग फीमेल डॉग है. जिसका असली नाम है काबोसु. काबोसु पिछले साल 5 नवंबर को 17 साल की हुई है. काबोसु जापान में पाई जाने वाली शीबा इनु ब्रीड की डॉग है.

काबोसु की कहानी की शुरुआत होती है 2008 से. दो साल की काबोसु जिस फार्म पर बाकी डॉग्स के साथ रहती थी, वो बंद हो गया था. सभी डॉग्स को वहां से निकाला जा रहा था. ऐसे में प्राइमरी स्कूल में पढ़ाने वाली अतसुको सातो वहां पहुंचीं. उन्होंने दो साल की इस नन्ही डॉग को अडॉप्ट कर लिया. अतसुको को इस छोटी सी डॉगी की शक्ल जापान में पाए जाने वाले नींबू जैसे फल से मिलती लगी. तो अतसुको ने इसका नाम भी उसी फल के नाम पर रख दिया. काबोसु.

पिछले साल काबोसु को थैलेसीमिया डिटेक्ट हुआ था. इसकी जानकारी काबोसु की मालिक अतसुको सातो ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए दी थी. सातो जापान के साकूरा में स्कूल टीचर हैं.

‘डोज’ की कहानी

ट्विटर पर आई डोज डॉग की फोटो की कहानी आज से दस साल पहले शुरू हुई थी. इस साल ‘डोज़’ को जानी-मानी क्रिप्टोकरेंसी डोज़ कॉइन का लोगो बनाया गया था. इस लोगो को साल 2013 में डिजाइन किया गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस लोगो को बिटकॉइन जैसी दूसरी क्रिप्टोकरेंसी का मज़ाक उड़ाने के लिए बनाया गया था.

13 फ़रवरी 2010. काबोसु की मालकिन ने अपने पर्सनल ब्लॉग पर काबोसु के साथ अपनी कुछ फोटोज़ अपलोड कीं. इन कई तस्वीरों में से एक फ़ोटो में काबोसु की एक सोलो तस्वीर थी. जिसमें वो अपनी दोनों भौहें उठाए तिरछी निगाहों से कैमरे को देख रही थी.

करीब आठ महीने बाद 28 अक्टूबर 2010 को काबोसु की ये तस्वीर रेडिट डॉट कॉम पर अपलोड की गई. अपलोडर ने काबोसु की फ़ोटो के साथ कैप्शन में पहली बार 'डॉज' शब्द का इस्तेमाल किया था. असल में ये 'डॉज' वर्ड 2005 में एयर हुए अमेरिकन एनिमेटेड टीवी शो 'होमस्टार रनर' के एक एपिसोड से निकला था. कुछ महीने बाद काबोसु की इस तस्वीर को टम्बलर पर भी अपलोड किया गया. सेम कैप्शन के साथ.

खैर, तीन साल ज़्यादा कुछ नहीं हुआ. लेकिन 2013 में अचानक से काबोसु की ये तस्वीर वायरल होने लगी. लोग काबोसु की तस्वीर को अलग-अलग तरीके से एडिट कर धड़ाधड़ शेयर किए जा रहे थे. जुलाई 2013 तक 'डॉज' कीवर्ड ऑनलाइन सर्च में टॉप पर आ गया. एक महीने बाद अगस्त में रेडिट जैसी साइट डॉज मीम्स से भरी पड़ी थीं.

मस्क का ‘डोज़’ से लगाव

एलन मस्क ने लंबे समय तक डोज़ कॉइन क्रिप्टोकरेंसी को प्रमोट किया है. यहां तक एक समय मस्क अपने आप को ‘डोज़ फादर’ भी कहने लगे थे. इतना ही नहीं, साल 2021 में एलन मस्क ने ‘डोज़ 1’ नाम की सैटेलाइट लॉन्च करने तक की बात कह दी थी. वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क ने ये तक कह दिया था कि ये सैटेलाइट मिशन डोज़ कॉइन से फंड किया जाएगा.

जनवरी 2022 में एलन मस्क ने कहा था कि डोज़ कॉइन का इस्तेमाल कर टेस्ला के प्रोडक्ट्स खरीदे जा सकते हैं. जिसके कुछ महीनों बाद मस्क ने बताया कि टेस्ला ने डोज़ कॉइन को खरीद लिया है. मस्क और डोज़ कॉइन का नाता इतना गहरा है कि ट्विटर खरीदते ही डोज़ कॉइन की कीमत बढ़ गई थी.

इस बीच एक ट्वीटर स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है. वायरल स्क्रीनशॉट में एक ट्विटर यूजर मस्क से कह रहा है कि ‘वो ट्विटर खरीद लें' और इसका लोगो बदल दें. जिस पर एलन मस्क ने रिप्लाई कर कहा है कि, “Haha that would sickkk”. आईडिया का तो पता नहीं, लेकिन लोगो अब बदल चुका है.

वाशिंगटन पोस्ट की खबर के अनुसार सोमवार, 3 अप्रैल को डोज़ कॉइन की कीमत में 15 फीसदी का इज़ाफा देखा गया. ऐसा ट्विटर पर डोज़ लोगो आने के बाद हुआ. इन तमाम बदलावों के बीच ये साफ नहीं हुआ है कि ट्विटर की होम बटन में ‘डोज़’ की फोटो क्यों दिख रही है. एलन मस्क ने भी इसको लेकर कुछ नहीं बताया है. यही नहीं, ट्विटर के मोबाइल एप पर अभी कोई बदलाव नहीं हुआ है.

वीडियो: दुनियादारी: पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स की कहानी, जिसने डॉनाल्ड ट्रंप को जेल की कगार पर पहुंचा दिया?

Advertisement

Advertisement

()