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'आपने हमें पर्ल हार्बर अटैक से पहले बताया था?’, ट्रंप ने जापान की PM के सामने कुरेदे जख्म

Trump remarks on Pearl Harbor: पर्ल हार्बर का मुद्दा जापान के लिए बेहद संवेदनशील है. 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए थे, जो अब तक युद्ध में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का इकलौता उदाहरण है.

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जापानी प्रधानमंत्री ट्रंप के बयान के बाद असहज नज़र आईं. (फोटो-ITG)
20 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 11:18 AM IST)
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19 मार्च को जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप से मिलने वाइट हाउस पहुंची थीं. ओवल ऑफिस में मीडिया इंटरैक्शन के दौरान ट्रंप के एक बयान ने जापान के सबसे संवेदनशील ज़ख्म को कुरेदने का काम किया. उन्होंने पर्ल हार्बर अटैक पर मज़ाकिया अंदाज़ में टिप्पणी की, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है. 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, रिपोर्टर ने जब ट्रंप से सवाल किया कि ईरान पर हमले से पहले उन्होंने इसकी जानकारी अपने सहयोगी देशों (खासकर जापान) को क्यों नहीं दी? तब ट्रंप ने कहा,

‘हमने किसी को नहीं बताया, क्योंकि हम सरप्राइज़ अटैक करना चाहते थे. और सरप्राइज़ अटैक में जापान से बेहतर कौन हो सकता है?’

उन्होंने ताकाइची की ओर देखते हुए आगे कहा,

‘आपने हमें पर्ल हार्बर के बारे में क्यों नहीं बताया?’

इस बयान पर ताकाइची ने कोई जवाब नहीं दिया. लेकिन इसके बाद से ही वो असहज नज़र आईं. पर्ल हार्बर का मुद्दा जापान के लिए बेहद संवेदनशील है. 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए थे, जो अब तक युद्ध में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का इकलौता उदाहरण है (Nuclear attack on Hiroshima and Nagasaki). 

इतिहास क्या कहता है?

7 दिसंबर 1941 की सुबह थी. अमेरिका के हवाई द्वीप में स्थित पर्ल हार्बर नौसैनिक अड्डा, जहां रोज़ की तरह सब कुछ सामान्य था. सैनिक अपने काम में लगे हुए थे. समुद्र शांत था. तभी अचानक जापानी लड़ाकू विमान आसमान में मंडराने लगे और अचानक बम बरसाना शुरू कर दिया. 

इसे अटैक ऑन पर्ल हार्बर के नाम से जाना गया. एक ऐसा हमला जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया. जापान ने बिना चेतावनी दिए अमेर‍िका के इस बड़े नौसैनिक अड्डे पर हमला कर दिया. कुछ ही घंटों में कई युद्धपोत डूब गए, सैकड़ों विमान तबाह हो गए और करीब 2400 लोग मारे गए.

अगले ही दिन तत्कालीन यूएस प्रेस‍िडेंट फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने इसे “a date which will live in infamy” यानी कलंक के रूप में याद किए जाने वाला दिन बताया था. इसके तुरंत बाद अमेरिका दूसरे विश्व युद्ध में कूद गया. फिर साल 1945 में अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम गिराए, जिस ज़ख्म को भरने में जापान को सालों लग गए. आज ट्रंप ने उसी ज़ख्म को फिर से कुरेदने का काम किया. 

इससे पहले भी ट्रंप ने जर्मनी से जुड़े डी-डे पर असंवेदनशील टिप्पणी की थी. तब भी मज़ाकिया अंदाज़ में उन्होंने कहा कि डी-डे आपके लिए तो अच्छा दिन नहीं रहा होगा. इसपर जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिख मर्ज़ ने जवाब दिया कि जर्मनी के लोग अमेरिका के आभारी हैं, क्योंकि उसके ही हस्तक्षेप ने उन्हें नाजी तानाशाही से आज़ादी दिलाई.

वीडियो: तारीख: कहानी जापान की जासूस की जिसने अमेरिका की जासूसी की, लेकिन उसके गुड़िया बेचते ही बवाल कट गया

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