ट्रंप के लिए मिलाजुला दिन, कनाडा ने आंख दिखाई, घुटनों पर आया यूक्रेन
Canada ने एक तरफ US Tariff के बदले जवाबी टैरिफ की घोषणा की. वहीं Ukraine ने Mineral Deal पर हरी झंडी दे दी है. सिर्फ इतना ही नहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr zelenskyy ने Russia के साथ शांति वार्ता के लिए भी इच्छा जताई है.

4 मार्च 2025, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) के लिए मिलाजुला दिन रहा. कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau Tariff) ने उनके लगाए टैरिफ का जवाब टैरिफ से दिया. दूसरी तरफ वॉइट हाउस में हुई तीखी नोंक-झोंक (Trump Zelensky Debate) के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेंलेंस्की के सुर बदलते नजर आ रहे हैं. खबरें हैं कि जेलेंस्की रूस से शांति वार्ता करने के साथ अमेरिका से खनिज की डील करने के लिए भी राजी हो गए हैं.
ट्रूडो का जवाब4 मार्च 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कनाडा पर टैरिफ (US Tariff) की घोषणा की. इसके अलावा उन्होंने मेक्सिको और चीन पर भी टैरिफ की घोषणा की थी. इस फैसले के बाद कनाडा की ओर से पहली प्रतिक्रिया आई है. कनाडा ने जवाब में अमेरिका पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के एलान किया है. कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वो कनाडा की अर्थव्यवस्था को खत्म करना चाहते हैं. वहीं, अर्थशास्त्र के जानकारों का मानना है कि टैरिफ से कनाडा की अर्थव्यवस्था में मंदी का दौर भी आ सकता है.
ट्रूडो का ये बयान ट्रंप के टैरिफ लगाने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद आया. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की खबर के अनुसार ट्रूडो ने कहा
ट्रूडो ने कहा कि कनाडा इस कदम को वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाइजेशन में चुनौती देगा. इसके लिए उन्होंने यूएस-कनाडा-मेक्सिको ट्रेड एग्रीमेंट का हवाला दिया. ट्रूडो और ट्रंप के रिश्ते पहले भी अच्छे नहीं रहे हैं. ट्रंप, दूसरी बार पद संभालने के बाद कई बार कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बता चुके हैं. साथ ही वो ट्रूडो को प्रधानमंत्री की जगह गवर्नर बोल चुके हैं. ट्रंप का कहना है कि वो यूएस-मैक्सिको-कनाडा ट्रेड डील से खुश नहीं हैं. ये डील उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में साइन की थी. ट्रंप के लिए निश्चित तौर पर ये असहज करने वाली बात थी. पर कुछ ही देर बाद यूक्रेन से एक खबर आई जिसने ट्रंप को राहत की सांस दी.
मान गए जेंलेंस्कीबीते दिनों यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की अमेरिका के दौरे पर थे. इस दौरान वॉइट हाउस में उनकी डॉनल्ड ट्रंप से तीखी बहस हुई. पूरी दुनिया ने इस बहस को स्क्रीन पर देखा. पर अमेरिका से लौटने के बाद जेलेंस्की ने इस बहस पर अफसोस जताया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और जेडी वेंस से हुई बहस का उन्हें अफसोस है. जेलेंस्की ने कहा कि अब चीजों को ठीक करने का समय है. इसी क्रम में वो अमेरिका के साथ खनिज की डील साइन करने के लिए राजी हो गए हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा
हालांकि अभी तक ट्रंप प्रशासन की ओर से खनिज की डील पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. समाचार एजेंसी CBS ने सूत्रों के हवाले से बताया कि डील अभी तक फाइनल नहीं हुई है. इसके अलावा डील के पैमाने और एग्रीमेंट में बदलाव भी किए जा सकते हैं. ट्रंप अब पहले की तुलना में बड़ी और बेहतर डील करने के मूड में हैं. CBS ने बताया कि मंगलवार, 4 मार्च तक ट्रंप या उनके टॉप सलाहकारों में से किसी की भी डील साइन करने की योजना नहीं थी.
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फिलहाल यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से पर रूस का कब्जा है. इसमें डॉनबास से लेकर क्रीमिया तक का इलाका शामिल है. रूस के कब्जे वाले इन हिस्सों में दुर्लभ खनिजों का भंडार है. ये खनिज एयरोस्पेस, टेक्नोलॉजी और ऊर्जा के क्षेत्र में काम आते हैं. पूरी दुनिया के दुर्लभ खनिज भंडार का 5 प्रतिशत यूक्रेन में है. अमेरिका क्षेत्रफल में यूक्रेन से लगभग 12 गुना बड़ा है. लेकिन अमेरिका में पूरे विश्व के सिर्फ 1-2 प्रतिशत दुर्लभ खनिज पाए जाते हैं.
वीडियो: दुनियादारी: अब यूक्रेन को कौन बचाएगा? ट्रंप ने कौन सी सैन्य मदद रोक दी?

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