The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • TRS leader Gosula Srinivas parks car in front of Amit Shahs convoy vehicle vandalised

अमित शाह के काफिले के सामने TRS नेता ने कार रोक दी, फिर क्या हुआ?

टीआरएस नेता ने सफाई दी है कि उनकी कार अपने आप रुक गई थी.

Advertisement
TRS leader car amit shah
हैदराबाद में रैली के दौरान अमित शाह और TRS नेता की कार (फोटो- BJP/ANI)
pic
साकेत आनंद
17 सितंबर 2022 (Updated: 17 सितंबर 2022, 02:22 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 17 सितंबर को हैदराबाद पहुंचे. मौका था 'हैदराबाद मुक्ति दिवस' का. हैदराबाद के परेड ग्राउंड में शाह ने एक जनसभा को संबोधित किया. जनसभा के ठीक बाद तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के नेता के साथ एक विवाद खड़ा हो गया. दरअसल, टीआरएस नेता गोसुला श्रीनिवास पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपनी कार अमित शाह के काफिले के सामने खड़ी कर दी. बाद में गृह मंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने उनकी कार को काफिले के आगे से हटाया. वहीं, अमित शाह के सुरक्षाकर्मियों पर टीआरएस नेता के कार में तोड़-फोड़ करने का भी आरोप लगा है.

इस मामले में एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें गोसुला श्रीनिवास की कार के शीशे टूटे नजर आ रहे हैं. एक वीडियो भी सामने आया है कि जिसमें श्रीनिवास की लाल रंग की कार काफी देर तक काफिले के आगे रुकी रहती है. कुछ सुरक्षाकर्मी उन्हें समझाते नजर आए जिसके बाद उनकी कार आगे बढ़ी. टीआरएस नेता ने बाद में सफाई दी कि उनकी कार अपने आप रुक गई थी. श्रीनिवास ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, 

"मैं टेंशन में था. मैं उनसे (पुलिस अधिकारियों) बात करूंगा. उन्होंने मेरी कार को तोड़ दिया. ये गैरजरूरी टेंशन उन्होंने दे दिया."

TRS और BJP का अलग-अलग जश्न

इससे पहले परेड ग्राउंड में अमित शाह ने कहा कि 'हैदराबाद मुक्ति दिवस' मनाने का उद्देश्य इस मुक्ति आंदोलन की कहानी को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है. उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस क्षेत्र की एक मांग थी कि हैदराबाद मुक्ति दिन को सरकार की अनुमोदन के साथ मनाया जाए. शाह ने कहा, 

"दुर्भाग्य की बात है 75 साल चले गए, जिन्होंने यहां पर शासन किया, उन्होंने वोट बैंक की राजनीति के कारण हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाने का साहस नहीं किया."

वहीं टीआरएस इस दिन को हैदराबाद इंटीग्रेशन डे के रूप में मना रही है. तेलंगाना के मंत्री केटी रमा राव (KTR) ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए ट्विटर पर लिखा, 

"74 साल पहले एक केंद्रीय गृह मंत्री तेलंगाना के लोगों को भारतीय संघ जोड़ने के लिए आए थे. आज एक केंद्रीय गृह मंत्री तेलंगाना के लोगों और उनकी राज्य सरकार को बांटने आए हैं. इसलिए मैं कहता हूं कि भारत को निर्णायक नीतियों की जरूरत है ना कि विभाजनकारी राजनीति की."

आजादी के एक साल बाद 17 सितंबर 1948 को हैदराबाद रियासत का भारत के साथ विलय हुआ था. निजाम के शासन में हैदराबाद राज्य में आज का पूरा तेलंगाना, महाराष्ट्र में मराठवाड़ा क्षेत्र जिसमें औरंगाबाद, बीड, हिंगोली, जालना, लातूर, नांदेड़, उस्मानाबाद, परभणी के साथ आज के कर्नाटक के कलबुर्गी, बेल्लारी, रायचूर, यादगिर, कोप्पल, विजयनगर और बीदर जिले शामिल थे. हैदराबाद के अंतिम निजाम मीर उस्मान अली खान ने 17 सितंबर, 1948 को विलय समझौते पर साइन किया था.

नेतानगरी: गोवा में अमित शाह ने हिमंत बिस्व सरमा से कैसे कांग्रेस के दो फाड़ करा दिए?

Advertisement

Advertisement

()