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हिट एंड रन कानून पर फिलहाल रोक, विरोध कर रहे ट्रांसपोटर्स और सरकार के बीच सुलह हो गई

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने बताया कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस से दस साल की सजा वाले कानून पर चर्चा हुई है. ये कानून अभी लागू नहीं हुआ है.

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2 जनवरी 2024 (अपडेटेड: 2 जनवरी 2024, 11:19 PM IST)
transporters agreed on giving up strike after talks with government
सरकार ने संगठन को आश्वासन दिया है कि फिलहाल कानून को लागू नहीं किया जाएगा. (फोटो- आजतक)
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नए हिट एंड रन कानून के विरोध में चक्का जाम कर रहे ट्रांसपोर्ट्स और सरकार के बीच सुलह हो गई है (Truckers calls off protest). ट्रांसपोर्ट्स संगठन ने पूरे देश में ड्राइवरों से हड़ताल वापस लेने को कहा है. सरकार ने भी संगठन को आश्वासन दिया है कि फिलहाल कानून को लागू नहीं किया जाएगा. इस पर चर्चा के लिए भी सरकार तैयार है.

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष अमृत लाल मदान ने बताया,

''आप सिर्फ हमारे ड्राइवर नहीं हैं, आप हमारे सैनिक हैं. हम नहीं चाहते कि आपको किसी असुविधा का सामना करना पड़े. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दस साल की सजा और जो जुर्माने का प्रावधान था, उसे रोक दिया है. ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की अगली बैठक होने तक कोई कानून नहीं लागू किया जाएगा."

वहीं केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने बताया कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस से दस साल की सजा वाले कानून पर चर्चा हुई है. ये कानून अभी लागू नहीं हुआ है. हम इसे लागू करने से पहले AIMTC से चर्चा करेंगे और इसके बाद ये लागू किया जाएगा. उन्होंने बताया,

“हम ये बताना चाहते हैं कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (2) लागू करने से पहले अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस से विचार विमर्श करने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा.”

राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा था

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि बिना प्रभावित वर्ग से चर्चा और बिना विपक्ष से संवाद के कानून बनाने की ज़िद लोकतंत्र की आत्मा पर निरंतर प्रहार है. उन्होंने कहा,

“जब 150 से अधिक सांसद निलंबित थे, तब संसद में शहंशाह ने भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ ड्राइवर्स के विरुद्ध एक ऐसा कानून बनाया, जिसके परिणाम घातक हो सकते हैं. सीमित कमाई वाले इस मेहनती वर्ग को कठोर कानूनी भट्टी में झोंकना, उनके जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है. और साथ ही इस कानून का दुरुपयोग संगठित भ्रष्टाचार के साथ ‘वसूली तंत्र’ को बढ़ावा दे सकता है. लोकतंत्र को चाबुक से चलाने वाली सरकार ‘शहंशाह के फरमान’ और ‘न्याय’ के बीच का फर्क भूल चुकी है.”

(ये भी पढ़ें: हिट-एंड-रन कानून के विरोध में ट्रक ड्राइवरों की देशभर में हड़ताल, पेट्रोल पंप पर क्यों लगीं लंबी लाइनें?)

कहां-कहां दिखा हड़ताल का असर?

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक एमपी, दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र में कई जगहों पर हड़ताल का असर देखने को मिला है. इन राज्यों की कई सड़कों पर हड़ताल की वजह से लंबा जाम लगा. मध्य प्रदेश के देवास जिले में बस और ट्रक ड्राइवर शहर में कई रास्ते बंद करने का प्रयास किया. पुलिस-प्रशासन के समझाने के बावजूद ड्राइवर्स का प्रदर्शन जारी रहा. पन्ना में बस और ट्रक ड्राइवरों ने नेशनल हाईवे-39 पर चक्काजाम किया. बस ड्राइवर्स की हड़ताल से यात्री भी परेशान रहे. इसके साथ ही सड़कों पर गाड़ियों की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं. इस दौरान उन्होंने 'काला कानून वापस लो' के नारे भी लगाए. राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में भी ट्रक और बस ड्राइवर सड़कों पर उतर आए. उन्होंने हाईवे जाम कर इस कानून का विरोध जताया.

हिट एंड रन कानून

केंद्र सरकार ने अपराध को लेकर नए कानून बनाए हैं. इसके तहत अगर कोई ट्रक या डंपर चालक किसी को कुचल कर भाग जाता है, तो उसे 10 साल तक की जेल होगी. इसके अलावा जुर्माना भी देना होगा. पहले इस मामले में कुछ ही दिनों में आरोपी ड्राइवर को जमानत मिल जाती थी. हालांकि पुराने कानून के तहत भी दो साल की सजा का प्रावधान था. बहरहाल, फिलहाल के लिए नए कानून को रोक दिया गया है. 

वीडियो: ‘औकात क्या है तुम्हारी’ हिट एंड रन कानून पर DM किशोर कन्याल को ड्राइवर ने अपनी औकात बता दी

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