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जिम कॉर्बेट पार्क में शराब पी रहे थे, बाघ ने हमला किया, तीन दिन बाद मिली लाश

इलाके में बाघ के हमले से 12 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

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26 दिसंबर 2022 (अपडेटेड: 26 दिसंबर 2022, 04:58 PM IST)
JIM Corbett park tiger attack
बाघ की सांकेतिक तस्वीर (फोटो- आजतक)
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उत्तराखंड का प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट (Jim Corbett Park) नेशनल पार्क. बाघों के संरक्षण के लिए बना यह पार्क पिछले कुछ समय से बाघों के हमले (Tiger attack) के कारण चर्चा में है. 24 दिसंबर को बाघ ने फिर से एक व्यक्ति पर हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई. पिछले हफ्ते भी पार्क में एक व्यक्ति बाघ का शिकार बना था. इसके बाद रामनगर प्रशासन ने इलाके में धारा-144 लागू कर दी थी. इसके बावजूद लोग उस इलाके में जा रहे हैं.

आजतक से जुड़े राहुल सिंह दरम्वाल की रिपोर्ट के मुताबिक, 24 दिसंबर को पार्क के प्रतिबंधित इलाके में तीन दोस्त बैठकर शराब पी रहे थे. उसी दौरान बाघ ने नफीस नाम के युवक पर हमला किया और उसे घसीटते हुए लेकर चला गया. नफीस रामनगर का रहने वाला है. जानकारी मिलने के बाद रामनगर पुलिस ने वन विभाग की टीम के साथ छानबीन शुरू की. लेकिन दो दिनों तक बॉडी नहीं मिली. आखिरकार 26 दिसंबर को पुलिस को उसकी लाश मिली.

12 से ज्यादा लोगों की मौत

वन विभाग ने बताया कि पिछले कुछ समय में इस इलाके में बाघ के हमले से 12 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इन घटनाओं के बाद ही रामनगर प्रशासन ने धनगढ़ी से मोहान तक प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है. इसके बावजूद लोग उन इलाकों में जाते हैं. वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए एक टीम बनाई है. हालांकि, बाघों के मूवमेंट को लेकर कोई सफलता नहीं मिली है.

बाघ को ट्रैक करने के लिए ड्रोन कैमरे की मदद ली जा रही है. कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं. साथ ही हाथियों की भी मदद ली जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, कई जगहों पर पिंजरे लगाए गए हैं. डॉक्टरों की टीम भी वहां मौजूद है. वन विभाग और जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की कई टीमें मुख्य मार्ग और जंगल क्षेत्र में पैट्रोलिंग कर रही है.

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क 520 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है. इसलिए आबादी को देखते हुए कई प्रतिबंधित क्षेत्र बनाए गए हैं. वन विभाग चेतावनी दे चुका है कि जिन इलाकों में बाघ लोगों को शिकार बना रहा है उस क्षेत्र में ना जाएं. ऐसे इलाकों से गुजरते हुए गाड़ियों को नहीं रोकने का निर्देश हैं.

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