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हैकिंग ना छीन ले ऋषि सुनक के ब्रिटिश पीएम बनने का सपना!

ब्रिटेन के चुनाव में हैकिंग का ख़तरा, सुनक और ट्रूज़ में कौन मारेगा बाज़ी?

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3 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 3 अगस्त 2022, 09:02 PM IST)
The threat of hacking in the UK election, who will win between Sunak and Truss? (Photo-India Today)
ब्रिटेन के चुनाव में हैकिंग का ख़तरा, सुनक और ट्रूज़ में कौन मारेगा बाज़ी? (फोटो-इंडिया टुडे)
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ब्रिटेन में बोरिस जॉनसन के इस्तीफे के बाद नया पीएम चुना जाना था, उसके लिए कंज़र्वेटिव पार्टी के अंदर ही चुनाव होने थे. पार्टी के अंदर चुनाव के कुछ चरण पूरे हो चुके हैं. जिसमें दो लोग फाइनल हुए हैं. ऋषि सुनक और लिज ट्रूज़. अब इन दोनों के बीच टक्कर होनी है. इन दोनों कैंडीडेट के बीच कंज़र्वेटिव पार्टी के मेम्बर्स वोट डालेंगे. लेकिन चुनाव के इस फेज़ में हैकिंग का खतरा मंडरा रहा है. जिसकी वजह से फाइनल राउंड की वोटिंग में दरी हुई है. टेलीग्राफ अखबार की ख़बर के मुताबिक, गवर्नमेंट कम्युनिकेशन्स हेडक्वार्टर्स GCHQ जो एक स्पाई एजेंसी है उसकी तरफ से हैकिंग की चेतावनी दी गई है. उनकी तरफ से कहा गया है कि साइबर हैकर्स बैलेट को बदल सकते हैं. 

पार्टी के करीब 1 लाख 60 हजार सदस्यों को पोस्ट बैलेट जारी किए जाने हैं, जो 11 अगस्त तक आ सकते हैं. खास बात है कि बैलेट पहले सोमवार से भेजे जाने थे. लेकिन हैकिंग वाली कहानी सामने आ गई जिससे प्रक्रिया में देरी हुई है. ब्रिटेन के नए पीएम की घोषणा 5 सितंबर को होगी. लेकिन जिस तरह साइबर अटैक का खतरा बढ़ा है, उससे चुनाव प्रक्रिया में देरी हो सकती है. 

ब्रिटेन के साथ ही आज सुर्ख़ियों में ऑस्ट्रेलिया भी बना रहा. वजह ? ऑस्ट्रेलिया में मार्क बडल नाम के खूंखार अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया है. बुधवार को उसे टर्की से प्रत्यर्पित करके ऑस्ट्रेलिया लाया गया था . फिलहाल बडल को डार्विन की स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा. जिसके बाद पुलिस अधिकारी उसे विक्टोरिया ले जाने की तैयारी में लगे हुए हैं. बडल ऑस्ट्रेलिया में सबसे बड़ा मोटरसाइकिल गिरोह चलाता था. बडल के अपराधों की लिस्ट लंबी रही है. उसके अपराधों का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसे ऑस्ट्रेलिया में मोस्ट वांटेड व्यक्ति की लिस्ट में भी रखा जा चुका है. 

क्या-क्या आरोप हैं बडल पर?

बडल पर आरोप है कि उसने मेलबर्न के मार्केट में 2 अरब रुपयों से भी ज़्यादा की कोकीन सप्लाई की है. ड्रग्स के सप्लाई के अलावा बडल पर कई हत्या के आरोप भी हैं, 2010 में सिडनी के एक गार्ड की हत्या के आरोप में उससे पूछताछ की गई थी. समय बीतने के साथ बडल के पापों का घड़ा भरता जा रहा था, साथ ही वो पुलिस की नज़रों में भी चढ़ने लगा था. इससे तंग आकर 2016 में बडल मिडल ईस्ट भाग गया. मिडल ईस्ट के कई देशों में उसने अपना ड्रग्स का कारोबार जारी रखा. सबसे ज़्यादा उसने वक्त बिताया दुबई में. दुबई के बाद बडल का अगला ठिकाना टर्की रहा. टर्की में भी बडल पर ड्रग्स की हेराफेरी और उसे सप्लाई करने के आरोप लगे हैं. लेकिन कुछ समय बाद ही टर्की में उसे गिरफ्तार कर लिया गया. अब ऑस्ट्रलिया में बडल के ऊपर आगे केस चलेंगे. 

देश दुनिया की ख़बरों के बीच आज कुवैत ने भी जगह बनाई. कुवैत में लंबे समय से राजनितिक विवाद चल रहा है. विवाद ये है कि कुवैत के प्रिंस और संसद के बीच सही ढंग से समन्वय नहीं बन पा रहा है. दोनों के बीच तनातनी बनी हुई है. जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था सुधार से जुड़े फैसले लेने में बाधा हो रही है. अब इस विवाद को विराम देने के लिए कुवैत में औपचारिक रूप से संसद को भंग कर दिया गया है. पिछले महीने ही क्राउन प्रिंस शेख मेशल अल-अहमद अल-सबा ने इसका ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि वे संसद को भंग करके जल्द चुनाव का करवाएंगे. 

पिछले दो साल में कुवैत में ये पांचवीं सरकार है. संसद भंग होने के बाद अब अगले 2 महीने में चुनाव करने की घोषणा की गई है. इस राजनितिक उठा-पटक के चलते इस साल कुवैत में बजट ही पेश नहीं हो पाया है. वित्त मंत्री अब्दुल वहाब अल रशीद ने कहा है कि साल 2022-23 का बजट चुनाव होने के बाद ही पेश किया जाएगा. प्रिंस की तरफ से 2 महीने के अंदर चुनाव कराने की बात तो कर दी गई है लेकिन इसके लिए अभी तक कोई तारीख पक्की नहीं हो पाई है. ऐसे में कुवैत का बजट आने में देरी हो सकती है. और संभवतः देश में और राजनितिक अस्थिरता बढ़ सकती है. इस मामले से जुड़ा जो भी अपडेट होगा वो आपतक पहुंचाते रहेंगे.

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