The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Thabo Bester south africa rapist who faked death arrested in Tanzania

जेल में लाश मिली, 1 साल बाद जिंदा निकला, 'फेसबुक रेपिस्ट' की थ्रिलर स्टोरी

सीरियल रेपिस्ट मरने के बाद करोड़पति गर्लफ्रेंड के पास कैसे पहुंचा? 

Advertisement
Thabo Bester south africa rapist
कैसे ये मरने के बाद भी जिंदा हो गया ये रेपिस्ट? (फोटो: Getty Images)
pic
अभय शर्मा
20 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 20 अप्रैल 2023, 09:33 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

साल 2010 और 2011 की बात है. दक्षिण अफ्रीका में एक व्यक्ति खूब चर्चा में रहा था. अपराध के लिए. लोगों ने नाम दिया - 'फेसबुक रेपिस्ट'. यंग, छरहरा नौजवान. बातें करने में उस्ताद. फेसबुक पर महिलाओं से दोस्ती करता. नौकरी दिलाने का वादा करता. मिलना-जुलना शुरू हो जाता. इसके बाद वो उनसे रेप करता और पैसे ठग कर गायब हो जाता. कुछ महिलाएं पुलिस के पास गईं. पकड़ा गया. अदालत ने मर्डर और रेप के मामले में जेल भेज दिया. कुछ साल बाद जेल में आग लगती है, उसकी जली हुई लाश मिलती है. कहा गया कि जलकर मर गया. लोग सबकुछ भूल जाते हैं. फिर घटना के करीब सात महीने बाद सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति की एक सेलिब्रिटी महिला डॉक्टर के साथ फोटो वायरल होती है. फोटो देखकर लोग हैरान हो जाते हैं, चेहरा लगभग वैसा ही जैसा उस रेपिस्ट का था, जो साल भर पहले जेल में जलकर मर चुका था.

तो, आइए जानते हैं,
- कौन था ये रेपिस्ट?
- कैसे ये मरने के बाद भी जिंदा हो गया था?
- और फिर कैसे दोबारा पकड़ा गया?        

अब बिल्कुल शुरू से शुरू करते हैं. दक्षिण अफ्रीका का शहर है केपटाउन. रिहायशी इलाकों के लिए मशहूर. 25 साल का थाबो बेस्टर यहीं रहता था. तेजी से आगे बढ़ने और पैसे कमाने के लिए उसने गलत रास्ता चुन लिया था. वो मॉडल्स को निशाना बनाता. फेसबुक के जरिए उनसे दोस्ती करता, फिल्मों और एड में काम दिलाने का वादा करता. बोलने में माहिर था तो मॉडल्स उससे प्रभावित हो जातीं. लाखों रुपयों की गाड़ियों में उन्हें घुमाता. कुछ महीने बाद रेप करता, उन्हें लूटता और गायब हो जाता. फिर अगला शिकार ढूंढता. इस तरह थाबो बेस्टर ने कई महिलाओं को अपना शिकार बनाया.

दो महिलाएं हिम्मत जुटाकर पुलिस के पास पहुंचीं. FIR दर्ज कराई. रेप, धोखाधड़ी और लूट का केस दर्ज हुआ. बेस्टर फरार हो गया, कई दिनों तक गायब रहने के बाद अक्टूबर 2011 में एक दिन पकड़ा गया. मुकदमा चला. केपटाउन के लोकल कोर्ट ने दोषी ठहराया और उसे 50 साल कैद की सजा सुनाई.

अब साल 2012 आ गया, मामला ऊपरी अदालत में पहुंच गया. तभी केपटाउन पुलिस को जोहान्सबर्ग की एक मॉडल नोमफुंडो तुहुलु की हत्या के मामले में कुछ सुराग मिलते हैं. तुहुलु का मर्डर 21 सितंबर, 2011 को केपटाउन के ही एक गेस्ट हाउस में हुआ था. जांच के दौरान पुलिस को मॉडल के लैपटॉप में एक मेल मिला, जो थाबो बेस्टर ने नाम बदलकर भेजा था. पूछताछ हुई, बेस्टर ने जुर्म कबूल कर लिया.

अब आपको बताते हैं कि थाबो बेस्टर ने पुलिस को क्या बताया. उसने कहा,

Embed

इस कबूलनामे के बाद 16 अगस्त, 2012 को वेस्टर्न केपटाउन हाईकोर्ट ने थाबो बेस्टर को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई. उसे साउथ अफ्रीका की सबसे ज्यादा सिक्योरिटी वाली मैंगौंग जेल में रखा गया. इस जेल की सुरक्षा की जिम्मेदारी ब्रिटिश सिक्योरिटी कंपनी G4S के पास है.

कैसे अफ्रीका की सबसे सुरक्षित जेल से थाबो बेस्टर भाग निकला?

मैंगौंग जेल में थाबो बेस्टर सभी से अच्छा व्यवहार करता. कई बार तो उसने सुरक्षा अधिकारियों की भी मदद की. धीरे-धीरे करीब 10 साल बीत गए. फिर आया 3 मई, 2022 का दिन. सुबह-सुबह जेल के एक सेल के चारों ओर आग भड़क उठी. आग बहुत तेज थी. कई घंटों बाद आग पर काबू पाया जा सका. जिस सेल में आग लगी थी उसे खोला गया तो उसमें एक जली हुई लाश मिली. सेल थाबो बेस्टर का था, तो मान लिया गया कि ये लाश उसी की है.

एक नामी अपराधी की मौत का मामला था, वो भी आग से, तो जेल विभाग, पुलिस और सिक्योरिटी कंपनी G4S ने एक जांच शुरू की. लेकिन, जांच के बाद यही कहा गया कि मरने वाला थाबो बेस्टर ही था.

ऐसा क्या हुआ कि दुनिया को पता चला - थाबो बेस्टर जिंदा है

जेल में आग की घटना को करीब सात महीने बीते चुके थे. लोग बेस्टर को भुला चुके थे. तभी ह्यूमन राइट्स पर लिखने वाले एक न्यूज़ पेपर - ग्राउंडअप - ने एक खबर छापी. दिसंबर 2022 में छपी इस खबर ने दक्षिण अफ्रीका में भूचाल ला दिया. वहां की सियासत में भी और सोसाइटी में भी. इस खबर में दक्षिण अफ्रीका की एक सेलिब्रिटी डॉक्टर नंदीफा मगुदुमना नजर आ रही थीं. वो अपने बच्चे के साथ थीं, उनके साथ एक व्यक्ति था जिसका चेहरा काफी हद तक थाबो बेस्टर से मिलता-जुलता था. न्यूज़ पेपर ने ये फोटो डॉक्टर के एक फैन के सोशल मीडिया अकाउंट से ली थी, जिसने फोटो डालते हुए ये सवाल पूछा था कि ये डॉक्टर के साथ नजर आ रहा ये व्यक्ति कौन है?

'ग्राउंडअप' की खबर ने कोहराम मचा दिया. लोग सरकार और पुलिस पर सवाल उठाने लगे. पुलिस डॉक्टर मगुदुमना के घर पहुंची, लेकिन तब तक डॉक्टर थाबो बेस्टर के साथ भाग चुकी थीं.

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक धीरे-धीरे और बातें भी सामने आने लगीं. जेल में जलकर मरने वाले व्यक्ति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की वो बातें सामने आईं जो पहले नहीं बताई गई थीं. इसमें लिखा था,

Embed

इसका सीधा मतलब था कि लाश को पहले सेल में रखा गया फिर आग लगाई गई.

मार्च 2023 में पुलिस ने फिर मामले की जांच शुरू की. दक्षिण अफ्रीका की संसद की एक समिति ने भी जांच शुरू की. जांच में पता चला कि जिस दिन जेल में आग लगी, उस दिन कुछ घंटे पहले एक गाड़ी वहां पहुंची थी. इसमें रखकर ही एक व्यक्ति की लाश जेल में लाई गई थी. इसके बाद और भी खुलासे हुए. जांच में पता चला कि थाबे बेस्टर को जेल के अधिकारी के कपड़े पहनाकर जेल से भगाया गया.

जेल में जो सेल उसे दी गई थी, उसके पास ही जेल का इमरजेंसी एग्जिट गेट था और आग लगने पर थाबो बेस्टर को उसी गेट से बाहर भगा दिया गया. पता ये भी चला कि बेस्टर वाली सेल के पास लगा CCTV कैमरा भी अच्छे से काम नहीं कर रहा था. यानी ये एक ऐसी साजिश थी जिसमें जेल के ही कई अधिकारी भी शामिल थे. यानी दुनिया की सबसे बड़ी ब्रिटिश सिक्योरिटी एजेंसी G4S अब घेरे में आ गई. कंपनी ने ड्यूटी पर तैनात तीन कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया और सात अन्य को निलंबित कर दिया.

थाबो बेस्टर जेल से भागने के बाद डॉक्टर के पास क्यों पहुंचा? 

थाबो बेस्टर जेल से भागने के बाद सीधे करोड़पति डॉक्टर नंदीफा मगुदुमना के पास पहुंचा. डॉक्टर के साथ जोहान्सबर्ग के सबसे रिहायशी इलाके में रहने लगा. बताते हैं कि 35 साल की डॉक्टर नंदीफा से उसकी मुलाकात साल 2006 में हुई थी. स्किन की डॉक्टर नंदीफा से उसकी गहरी दोस्ती थी. नंदीफा जेल में कई बार बेस्टर से मिलने भी गई थीं.

कुल मिलाकर जब बवाल मचा तो और लोग भी घिरे. संसदीय कमेटी के सामने जेल के कुछ अधिकारियों ने कहा कि अक्टूबर 2022 में ही पुलिस और कानून मंत्री रोनाल्ड लमोला को इसके बारे में पता चल गया था. बता दिया गया था कि थाबो बेस्टर जेल में नहीं मरा, बल्कि वो भाग गया. लेकिन, मंत्री ने ये बात दबा दी.

हाल ही में मंत्री लमोला ने लोगों से यह कहते हुए माफ़ी मांगी कि वो और अधिक जानकारी आने का इंतजार कर रहे थे और इसलिए किसी को कुछ नहीं बताया.

उधर, दक्षिण अफ्रीका पुलिस ने थाबो बेस्टर को पकड़ने के लिए जाल बिछाना शुरू किया. पता लगा वो अपनी गर्लफ्रेंड डॉक्टर नंदीफा मगुदुमना के साथ देश छोड़ चुका है. फिर मामले में इंटरपोल की मदद ली गई. अफ्रीका के कई देशों के हवाई अड्डों पर सिक्योरिटी को एलर्ट किया गया. आखिरकार, 7 अप्रैल 2023 को सीरियल रेपिस्ट और हत्यारे थाबो बेस्टर को नंदीफा मगुदुमना के साथ तंजानिया में पकड़ लिया गया. दोनों तंजानिया से केन्या भागने की तैयारी में थे.

आखिर ये साजिश कैसे रची गई थी, कौन-कौन इसमें शामिल था? ये जानने के लिए पुलिस लगातार बेस्टर और डॉ नंदीफा से पूछताछ कर रही है. G4S के अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है. बेस्टर के भागने में मदद करने के आरोप में अब तक चार लोगों को अरेस्ट किया गया है, इनमें G4S कंपनी का एक पूर्व अधिकारी और डॉ नंदीफा के पिता शामिल हैं.

वीडियो: दुनियादारी: यूएस इलेक्शन में फेक न्यूज फैलाने वाले फॉक्स न्यूज से 7000 करोड़ क्यों छिने?

Advertisement

Advertisement

()