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आतंकवादियों ने अपहरण करके क्यों मार डाला सेना के जवान औरंगजेब को?

ईद मनाने के लिए घर निकले औरंगजेब अब कभी घर नहीं पहुंच सकेंगे.

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15 जून 2018 (अपडेटेड: 14 जून 2018, 03:46 AM IST)
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जवान औरंगजेब जिसकी आतंकियों ने अपहरण के बाद हत्या कर दी.
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रमजान के पवित्र महीने में जारी सीजफायर के बीच आतंकियों ने गुरुवार को दो कत्ल किए. श्रीनगर में राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी और पुलवामा में सेना के जवान औरंगजेब खान की अपहरण कर हत्या कर दी गई.
औरंगजेब खान भारतीय सेना की 44 राष्ट्रीय रायफल्स में तैनात थे. हाल ही में हिज्बुल के आतंकी समीर टाइगर का एनकाउंटर करने वाली टीम में शामिल थे. 4, जम्मू और कश्मीर लाइट इंफेंट्री में रायफलमैन औरंगजेब मेजर शुक्ला के पर्सनल गार्ड थे. मेजर शुक्ला और उनकी टीम ने बुरहान वानी के साथी रहे सद्दाम पेंढर और समीर टाइगर का हाल ही में एनकाउंटर किया था.
औरंगजेब जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में कसबलरी सलनी गांव के रहने वाले थे. फिलहाल पुलवामा के शादीमार्ग में पोस्टेड थे. ईद के लिए उन्हें तीन दिन की छुट्टी मिली. जब वो कैंप से घर के लिए निकले तो उन्होंने एक प्राइवेट गाड़ी में शोपियां तक के लिए लिफ्ट ली. वहां से उन्हें मुगल रोड होते हुए घर जाना था. लेकिन कलामपुरा गांव के पास उनका पीछा कर रही हथियारबंद आतंकियों की एक गाड़ी ने उनकी गाड़ी रोक उनका अपहरण कर लिया.
ड्राइवर ने अपहरण की सूचना तुरंत पुलिस को दी. सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया. वहां से 10 किलोमीटर दूर गुस्सू गांव में औरंगजेब का शव मिला. औरंगजेब को आतंकियों ने 15 गोलियां मारी थीं. ईद मनाने के लिए घर निकले औरंगजेब अब कभी घर नहीं पहुंच सकेंगे.
औरंगजेब और उनकी टीम ने इस साल में 19 आतंकियों को ढेर कर दिया है.
औरंगजेब और उनकी टीम ने इस साल में 19 आतंकियों को ढेर कर दिया है.

औरंगजेब का परिवार लंबे समय से सेना से जुड़ा रहा है. उनके पिता सेना से रिटायर्ड हैं. एक अंकल 2004 में आतंक विरोधी ऑपरेशन में शहीद हो चुके हैं. औरंगजेब के भाई में सेना में ही हैं.
सुरक्षाबलों के जवानों का अपहरण कर हत्या की दो साल में यह तीसरी वारदात है. इससे पहले सेना के कैप्टन उमर फयाज और बीएसएफ के जवान रमजान पैरे की हत्या भी ऐसे ही की गई.
बुधवार को देर शाम पुलवामा के नवपोरा पयेन में एक पुलिसकर्मी का अपहरण आतंकियों ने कर लिया. उनकी अबतक कोई खोज खबर नहीं है.


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