22 जुलाई की सुबह रथी देवी स्कूल में क्लास ले रही थी. वो मदुरै (तमिलनाडु) के पासके एक सरकारी स्कूल में टीचर थी. 22 जुलाई की दोपहर के पौने चार बज रहे थे. रथीदेवी आठवीं के बच्चों को पढ़ा रही थी. पिछले तीन सालों से वो ये नौकरी कर रही थी. उसदिन उसका पति गुरुमुनीस्वरण स्कूल आया. उसने रथी देवी के क्लासरूम में जाने के लिएस्कूल प्रशासन से परमिशन मांगी. क्लास सेकंड फ्लोर पर था. वो क्लास के अंदर गया. इसदौरान गुरुमुनीस्वरण और रथी देवी की बहस हुई. बहस बढ़ती गई और गुरुमुनीस्वरण ने अपनीजेब से चाकू निकाल लिया. क्लास में बच्चे चिल्लाते रहे. गुरुमुनीस्वरण ने बच्चों केसामने रथी देवी को चाकू घोंप-घोंपकर मार दिया.रथी देवी की मौत कुछ मिनटों में हो गई. जितनी देर में बाकी टीचर्स वहां पहुंचे,उतनी देर में गुरुमुनीस्वरण वहां से भाग गया. स्कूल के टीचर्स ने फौरन पुलिस कोबताया. इलाके के एसपी अरुण जल्दी ही स्कूल पहुंचे और जांच शुरू की.मर्डर के समय रथी देवी आठवीं के बच्चों को पढ़ा रही थी. जांच में पता चला रथी देवी सिथानेंदाल गांव की रहने वाली थी. उसका पति ओमशक्ति गांवका रहने वाला था. पारिवारिक झगड़े के चलते दोनों के बीच में रिश्ते ख़राब हो रखे थे.दोनों की शादी करीब छह साल पहले हुई थी. उनके जुड़वां बच्चे हैं. एक लड़का और एकलड़की. कई महीनों से दोनों के बीच लड़ाइयां हो रही थी. आपसी मतभेद के चलते रथी देवीपति को छोड़ अपने मायके में रहने लगी.गुरुमुनीस्वरण पेशे से सिविल इंजिनियर है. काफ़ी समय से वो विदेश में काम कर रहा था.तीन साल पहले वो भारत लौटा और यहीं सेटल हो गया. रथी देवी से अलग होने के बादवो विरुधुनगर में रहने लगा. दोनों बच्चे अपनी मां के साथ रहते थे. पर मियां-बीवी केरिश्ते नहीं सुधरे. चीज़ें इतनी बदतर हो गईं कि गुरुमुनीस्वरण ने रथी देवी का कत्लकर दिया.रथीदेवी इस सरकारी स्कूल में पिछले तीन सालों से काम कर रही थीं.गुरुमुनीस्वरण के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया गया है. खून करने के बाद गुरुमुनीस्वरणने लोकल पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है. जिन बच्चों के सामने रथी देवी का खूनहुआ वे अभी शॉक में हैं. इलाके के डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर ने कहा है कि बच्चे औरटीचर्स को सही काउंसलिंग दी जाएगी ताकि वे इस ट्रॉमा से उबर पाएं.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो