The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • T20 World Cup: Did Babar Azam call Team India Kafir after winning match?

क्या जीत के बाद बाबर आज़म ने टीम इंडिया को काफिर कहा?

'कुफ्र टूटा' का मतलब क्या है आखिर?

Advertisement
pic
25 अक्तूबर 2021 (अपडेटेड: 25 अक्तूबर 2021, 10:25 AM IST)
Img The Lallantop
इसी बातचीत के दौरान पाकिस्तानी टीवी प्रेज़ेंटर ने कुफ़्र शब्द का इस्तेमाल किया था. (स्क्रीनशॉट)
Quick AI Highlights
Click here to view more
कुफ़्र. अरबी का लफ़्ज़ है. इस्लाम में इसके बहुत मायने है. पॉज़िटिव में नहीं, नेगेटिव में. कुफ़्र का मतलब है खु़दा को मानने से इन्कार करना. इस्लामिक मत से अलग मत रखना भी कुफ़्र माना जाता है. सिचुएशन बाल की खाल निकालने वाली हो, तो और भी कई मतलब निकाले जाते हैं. लेकिन मोटा-मोटी यही है कि अगर आप ख़ुदा को नहीं मानते, इस्लाम से जुड़ी परंपराओं, आज्ञाओं आदि का विरोध करते हैं या अलग आचरण रखते हैं तो आप पर कुफ़्र तारी है, आप अधर्म की चपेट में हैं. और अधर्म को फ़ॉलो करने वालों को कहते हैं काफ़िर. नास्तिक, अधर्मी. रविवार 24 अक्टूबर को T20 World Cup 2021 के अपने पहले मैच में टीम इंडिया पाकिस्तान से बुरी तरह हार गई, तो कुफ़्र-काफ़िर लोगों की ज़ुबान पर चढ़ गए. बाबर आज़म ने टीम इंडिया को काफ़िर कहा? भारत-पाकिस्तान अगर विश्व कप में भिड़ें तो समझ लीजिए, वही क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट का फ़ाइनल है. कट्टर क्रिकेट लवर्स तो कहते हैं भईया वर्ल्ड कप हार जाना, पाकिस्तान से मत हारना. बीते 29 सालों में भारत विश्व कप में पाकिस्तान से कभी नहीं हारा. ना तो वनडे क्रिकेट वाले विश्व कप में और ना ही टी20 में. लेकिन रविवार को ये अनहोनी हो गई. पहली बार भारत को किसी विश्व कप में पाकिस्तान के हाथों हार का सामना करना पड़ा है. इस जीत का सहरा बंधा बाबर आज़म के सिर पर, जो पाकिस्तानी टीम के कप्तान हैं और आधुनिक क्रिकेट के धुरंधर बल्लेबाज़ बताए जाते हैं.
Cricket Twenty20 World Cup Match
टीम इंडिया को हराने के बाद जीत का जश्न मनाते पाकिस्तान के कप्तान बाबर आज़म (बाएं) और मोहम्मद रिज़वान (दाएं). (साभार- पीटीआई)

मैच के बाद ICC से अप्रूव एक पाकिस्तानी चैनल के प्रेज़ेंटर ने बाबर आज़म का इंटरव्यू लिया. बाज़िद ख़ान नाम बताया जा रहा है इनका. दावा है कि इसी इंटरव्यू में बाबर आज़म ने टीम इंडिया को 'काफ़िर' कहा. लेकिन ये सही नहीं है.
बाज़िद ख़ान ने बाबर आज़म से पाकिस्तानी टीम की परफ़ॉर्मेंस को लेकर बात की, सवाल किए. इसी दौरान 'कुफ़्र' सुनाई दिया. बाबर आज़म के मुंह से नहीं, बल्कि बाज़िद खान ने कुफ़्र टूटने की बात कही. वीडियो देख लीजिए. वीडियो से ये बिल्कुल साफ़ है कि बाबर आज़म ने भारतीय टीम के खिलाड़ियों के लिए काफ़िर शब्द का इस्तेमाल नहीं किया. एक बार 'कुफ़्र' सुनाई दिया वो भी ICC के प्रेज़ेंटर की तरफ़ से, जिन्हें इस बात की प्रचंड ख़ुशी थी कि आख़िरकार विश्व कप में पाकिस्तान ने भारत को हरा दिया. इसी उत्साह में उन्होंने अगले मैच की तैयारी पर बोल रहे बाबर आज़म से कहा- लेकिन कुफ़्र तो टूट गया. इस पर बाबर आज़म ने जवाब दिया- ये तो अल्लाह का करम है.
निशाने पर आए बाबर आज़म
बाबर का 'अल्लाह का करम' कहना मतलब भगवान की कृपा को स्वीकार करना. अंग्रेज़ी में इसे THANK YOU GOD कहते हैं. लेकिन इस्लाम और मुसलमानों को टेढ़ी आंख से देखने वालों ने इसका ये मतलब बना दिया कि प्रेज़ेंटर ने टीम इंडिया को काफ़िर कहने की कोशिश की, जिसे बाबर आज़म ने एक तरह से स्वीकार कर लिया. ये दावा भी सही नहीं है, लेकिन हमारे यहां कुछ लोगों ने इसे सही मान लिया है. ये कुछ ट्वीट देखें.  

'कुफ़्र टूटने' का मतलब क्या है? ये एक कहावत है. कुफ़्र टूटना मतलब किसी दुर्भाग्य का ख़त्म होना. धार्मिक लोग इसे ऐसे समझें कि किसी श्राप का अंत हो गया. वो अंग्रेज़ी में शब्द होता है न जिंक्स. बस वही. कुफ्र टूटा यानी वो जिंक्स टूटा. पाकिस्तान क्रिकेट और वहां के क्रिकेट फैन्स के लिए बीती रात कुछ ऐसा ही हुआ है. दुनियाभर में क्रिकेट खेलते हुए भारत और पाकिस्तान ने कई बार एक-दूसरे के ख़िलाफ़ जीत हासिल की है. इस मामले में पाकिस्तान का रिकॉर्ड बेहतर है. दोनों देशों के बीच अब तक खेले गए 132 वनडे मैचों में से 73 पाकिस्तान ने जीते हैं और 55 भारत ने. लेकिन जब बात वर्ल्ड कप की आती तो पाकिस्तान को कभी जीत नसीब नहीं हुई. टी20 फ़ॉर्मेट बाद में आया, लेकिन उसमें भी पाकिस्तान को यही 'श्राप' लग गया. एक मज़बूत राय बन गई कि वर्ल्ड कप में पाकिस्तान भारत से नहीं जीत सकता तो नहीं जीत सकता. लेकिन 24 अक्टूबर 2021 के बाद ये राय बदल गई है.
अब अगर आप भी तगड़े क्रिकेट फ़ैन हैं तो समझ जाएंगे कि पाकिस्तानी क्रिकेट फैन्स के लिए ये कितनी बड़ी ख़ुशी का मौक़ा है. इस ख़ुशी में पाकिस्तानी प्रेज़ेंटर ने कुफ़्र की जगह ये कहा होता कि आज पाकिस्तान का श्राप टूट गया, तब कोई बवाल नहीं कटता.
तो क्या सीखा आपने? कि सोशल मीडिया के झूठों के फेर में नहीं पड़ना है. अपनी अक़्ल लगानी है. और निराश ना हों अगला मैच हम ज़रूर जीतेंगे.

Advertisement

Advertisement

()