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सीरिया में खत्म हुआ असद का शासन, विद्रोहियों के कब्जे के बाद PM बोले- स्वतंत्र चुनाव होने चाहिए

Syria war updates: विद्रोहियों ने राजधानी दमिश्क पर क़ब्जा करने के बाद राष्ट्रपति Bashar al-Assad के महल पर भी क़ब्जा कर लिया है. सीरिया में अब आगे क्या होगा?

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8 दिसंबर 2024 (पब्लिश्ड: 06:16 PM IST)
Syria War Updates
राष्ट्रपति बशर अल-असद के महल पर भी कब्जा हो गया (फ़ोटो - PTI)
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सीरिया (Syria) की राजधानी दमिश्क (Damascus) पर विद्रोहियों का कब्जा हो गया है. इससे कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रपति बशर अल-असद अपना महल छोड़कर किसी अज्ञात जगह पर भाग गए. ये सब होने के बाद अब प्रधानमंत्री मोहम्मद अल-जलाली का बड़ा बयान आया है (Syria PM Mohammed al-Jalali statement). उन्होंने कहा है कि अब सीरिया में स्वतंत्र चुनाव होने चाहिए, जिससे यहां के लोग अपने नए राष्ट्रपति को चुन सकें. दूसरी तरफ़, विद्रोहियों ने हमलों के बाद दमिश्क में राष्ट्रपति भवन पर क़ब्जा कर लिया है (Rebels Damascus presidential palace). उन्होंने राष्ट्रपति बशर अल-असद को पद से हटाने की भी घोषणा कर दी है.

सीरियाई प्रधानमंत्री जलाली ने कहा कि राष्ट्रपति बशर अल-असद के देश छोड़कर भाग जाने के बाद, वो सत्ता परिवर्तन का समर्थन करने और विपक्ष के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं. वहीं, सीरियाई विद्रोहियों ने राष्ट्रपति भवन पर क़ब्जे के बाद एक बयान जारी किया है. न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की ख़बर के मुताबिक़ इस बयान में कहा गया है,

पूरी शक्तियों के साथ शासन करने के लिए सत्ता हस्तांतरण का काम जारी है. ये महान सीरियाई क्रांति, असद के शासन को उखाड़ फेंकने के संघर्ष के चरण से आगे बढ़ गई है. अब ऐसे सीरिया का निर्माण होगा, जिसके लिए लोगों ने बलिदान दिया है.

बशर अल-असद के राजधानी से ग़ायब होने के बाद विद्रोही गुटों के संगठन - सीरियाई डेमोक्रेटिक फ़ोर्सेज (SDF) - ने भी एक बयान जारी किया है. बताया जाता है कि SDF का समर्थन अमेरिका करता है. SDF ने अपने बयान में कहा है,

ये अत्याचार के अंत का एक ऐतिहासिक क्षण है. ये महान उपलब्धि लंबे समय तक दमन होने के बावजूद स्वतंत्रता, सम्मान और समानता की ओर बढ़ने का संकेत है. शहीदों के खून, बंदियों की पीड़ा और विस्थापितों के संघर्ष ने स्वतंत्रता के लिए एक सीधा रास्ता तैयार किया है.

वहीं, विद्रोहियों ने सीरिया के अंदर रूस और ईरान के प्रभाव को भी झटका देने की कोशिश की है. एक ईरानी TV में बताया गया कि विद्रोहियों ने ईरान के दूतावास पर हमला किया है. दरअसल सालों से चल रहे संघर्ष में रूस और ईरान ने राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार की मदद की थी. ऐसे में ये दोनों विद्रोहियों को फूटी आंख नहीं सुहाते. ऐसे में अब जाहिर है कि असद की सरकार जाने से सीरिया में रूस और ईरान भी काफी कमजोर हो जाएंगे.

ये भी पढ़ें - एक-एक शहर पर कब्जा करते हुए ऐसे राजधानी पहुंचे सीरियाई विद्रोही

बशर अल-असद कहां हैं?

इससे पहले ख़बर आई थी कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद राजधानी दमिश्क से किसी अज्ञात जगह पर चले गए हैं. उनका ठिकाना ख़बर लिखे जाने तक अज्ञात है. सीरियाई सरकार की तरफ़ से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

वीडियो: दुनियादारी: सीरिया का ये शहर भी गया, बशर अल-असद की कुर्सी भी जाने वाली है?

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