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स्वाति मालीवाल मारपीट केस: बिभव कुमार को नहीं मिली जमानत, वकील ने कोर्ट के बाहर क्या कह दिया?

Swati Maliwal Assault Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस स्टेज पर इस बात को नहीं नकारा जा सकता कि बिभव कुमार गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं.

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12 जुलाई 2024 (पब्लिश्ड: 04:28 PM IST)
bibhav kumar bail plea rejected by delhi high court judge said could tamper evidences
27 मई को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने बिभव की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. (फोटो- )
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दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वाति मालीवाल की कथित पिटाई के आरोपी बिभव कुमार की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है (Bibhav Kumar bail rejected). कोर्ट ने आरोपों के प्रकार और उनकी गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका को खारिज किया है. साथ ही ये भी आशंका जताई है कि कुमार सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं.

लाइव लॉ में छपी नुपूर थपलियाल की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता ने मामले की सुनवाई की. जस्टिस अनूप ने बताया कि आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए याचिका को खारिज किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने ये भी आशंका जताई कि कुमार सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस स्टेज पर इस बात को नहीं नकारा जा सकता कि कुमार गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं.

मामले में आरोपी विभव कुमार की तरफ से सीनियर वकील एन हरिहरन पेश हुए. वहीं दिल्ली पुलिस की तरफ से दलीलें सीनियर वकील संजय जैन ने दीं. जस्टिस अनूप ने सुनवाई के दौरान कहा,

“इसमें कोई संदेह नहीं है कि याचिकाकर्ता को केवल निजी सचिव के रूप में नामित किया गया है, लेकिन तथ्य दर्शाते हैं कि वो काफी प्रभाव रखते हैं. इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि अगर याचिकाकर्ता को इस स्तर पर जमानत पर रिहा कर दिया जाता है तो गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है, या सबूतों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है.”

बता दें कि 18 मई को बिभव कुमार को गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद मामले में सुनवाई करते हुए 27 मई को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने बिभव की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. इसके बाद 7 जून को भी सेशन कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी.

हाई कोर्ट के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के लीगल सेल के हेड वकील संजीव नासियार का बयान भी सामने आया. PTI की रिपोर्ट के मुताबिक संजीव ने बताया,

“यह एक कानूनी लड़ाई है और हम पूरी तरह से कोर्ट पर भरोसा करते हैं, लेकिन ये दुखद है कि जिन मामलों में आम तौर पर अग्रिम जमानत दे दी जाती है कोर्ट वैसा नहीं कर रहा है. ये आहत करने वाला है. हम हाई कोर्ट के डिटेल्ड फैसले का अध्ययन करेंगे और आवश्यकतानुसार कानूनी उपाय खोजेंगे.”

मामला क्या है?

13 मई को AAP नेता और दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के साथ मुख्यमंत्री निवास पर कथित तौर पर मारपीट होने का मामला सामने आया था. इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया था कि 13 मई की सुबह मुख्यमंत्री निवास से लगातार दो फोन कॉल आए. कॉलर ने अपना नाम ‘स्वाति मालीवाल’ बताया और अपने साथ मारपीट होने की बात कही. इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस कथित मारपीट को संज्ञान में लिया.

16 मई को सांसद स्वाति मालीवाल ने भी मामले पर चुप्पी तोड़ी. उन्होंने पुलिस शिकायत दर्ज कराई और बिभव कुमार पर गंभीर आरोप लगाए. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, स्वाति ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी बॉडी पर कई बार ‘हमला’ किया गया. दावा किया गया कि जब वो ड्रॉइंग रूम में इंतजार कर रही थीं, तो बिभव ने उनके साथ ‘दुर्व्यवहार’ किया.

दिल्ली पुलिस ने मामले में IPC की धारा 354 (स्त्री की मर्यादा को ठेस पहुंचाना), 506 (आपराधिक धमकी), 509 (महिला की गरिमा का अपमान करने के उद्देश्य से कुछ कहना, या करना) और 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत FIR दर्ज की है.

वीडियो: Swati Maliwal Interview में 13 मई को याद कर Arvind Kejriwal, Bibhav Kumar पर कौनसे नए आरोप लगा गईं?

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