हिन्दू वाले बयान को लेकर राहुल गांधी के समर्थन में आए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि Rahul Gandhi का भाषण हिंदू धर्म का खंडन नहीं करता है. उन्होंने कहा कि हमने राहुल गांधी का पूरा भाषण सुना, वह स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि हिंदू धर्म में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है.

संसद के विशेष सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने पहले भाषण में हिंदुओं को लेकर बयान दिया था. जिसके बाद हिंदू संगठन सहित भाजपा ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए देशभर में विरोध प्रदर्शन किया. राहुल गांधी की हिंदू वाले बयान पर हो रही आलोचना के बीच ज्योतिर मठ के 46वें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कांग्रेस सांसद के समर्थन आ गए हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का भाषण हिंदू धर्म का खंडन नहीं करता है. हमने राहुल गांधी का पूरा भाषण सुना, वे साफ कह रहे हैं कि हिंदू धर्म में हिंसा का स्थान नहीं.
दरअसल, संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान विपक्ष के नेता के तौर पर अपने पहले भाषण में राहुल गांधी ने बीजेपी नेताओं पर सांप्रदायिक आधार पर लोगों को बांटने का आरोप लगाया. अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने कहा,
‘जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं वे हिंसा की बात करते हैं’.
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राहुल गांधी ने जब भाजपा पर यह आरोप लगाया तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने आपत्ति जताते हुए यह कहा कि कांग्रेस नेता ने पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहा है. अब इस विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि राहुल गांधी का भाषण हिंदू धर्म का खंडन नहीं करता है. उन्होंने कहा कि गांधी के बयान का केवल एक हिस्सा फैलाना सही नहीं है और जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाना चाहिए.
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के इस बयान को कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किया है, जिसमें वो कह रहे हैं,
'हमने राहुल गांधी का पूरा भाषण सुना. वे साफ कह रहे हैं कि हिंदू धर्म में हिंसा का स्थान नहीं है. राहुल गांधी कहीं भी हिंदू धर्म के विपरीत बात नहीं कर रहे हैं. राहुल गांधी के आधे वक्तव्य को फैलाना अपराध है. ऐसा करने वाले को दंडित किया जाना चाहिए.’
हालांकि, लोकसभा में राहुल गांधी के 1 जुलाई को दिए गए इस भाषण पर कैंची चला दी गई थी. उन्होंने संसद में तकरीबन 90 मिनट का भाषण दिया था और इस दौरान मोदी सरकार और भाजपा को 20 से ज्यादा मुद्दों पर घेरा था. उन्होंने हिंदू, अग्निवीर, किसान, मणिपुर, NEET, बेरोजगारी, नोटबंदी, GST, MSP, हिंसा, भय, धर्म, अयोध्या, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अडाणी-अंबानी, प्रधानमंत्री और स्पीकर से जुड़े कुछ मुद्दों पर चर्चा की थी. न्यूज़ एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा में दिए गए राहुल गांधी के इस भाषण का कुछ हिस्सा रिकॉर्ड से हटा दिया गया है. हिंदू, पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी, आरएसएस और कई अन्य मुद्दों पर की गई राहुल की टिप्पणियों को उनके भाषण से हटाया गया है.
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए गांधी से माफी की मांग की थी. हालांकि, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने अपने भाई का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि मेरा भाई (राहुल) कभी भी हिंदुओं के खिलाफ नहीं बोल सकता. उसने बीजेपी और बीजेपी नेताओं के बारे में बोला है.
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