'20 साल पहले नसबंदी हुई' दोस्त की बेटी से रेप के आरोपी अफसर की दलील, पुलिस ने ये टेस्ट करा लिया
दिल्ली में साल 2020 में पीड़िता के पिता की मौत हो गई थी. इसके बाद आरोपी अफसर पीड़िता को अपने घर लेकर आ गया. आरोप है कि इसी दौरान पीड़िता का कई बार रेप किया

दिल्ली (Delhi) में नाबालिग (Minor) के साथ महीनों तक रेप और फिर अबॉर्शन मामले में नई जानकारी सामने आई है. 22 अगस्त को आरोपी प्रेमोदय खाखा (Premoday Khakha) के वकील ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल ने 20 साल पहले नसबंदी करा ली थी इसलिए नाबालिग लड़की के गर्भवती होने की कोई संभावना नहीं है. दावा किया कि तमाम आरोप निराधार हैं.
इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा और सृष्टि ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार के निलंबित अधिकारी का अब पोटेंसी टेस्ट कराया गया है. यौन उत्पीड़न या बलात्कार के आपराधिक मामले में एक सर्टिफाइड यूरोलॉजिस्ट ये टेस्ट करता है ताकि पता लगाया जा सके कि आरोपी यौन कृत्यों में शामिल होने में सक्षम है या नहीं.
आरोपी प्रेमोदय खाखा और उनकी पत्नी सीमा रानी को दिल्ली की एक अदालत ने एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
क्या है मामला?मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग में तैनात डिप्टी डायरेक्टर पर अपने दोस्त की बेटी के साथ बार-बार रेप करने का आरोप है. मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोपी अफसर को सस्पेंड कर दिया. आरोपी की पत्नी पर पीड़िता का अबॉर्शन कराने का आरोप है.
पीड़िता 12वीं क्लास में पढ़ती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुराड़ी स्थित एक चर्च में पीड़िता के परिवार और डिप्टी डायरेक्टर की मुलाकात हुई थी. दोनों परिवार एक ही शहर से आते थे इसलिए जल्द ही अच्छे संबंध बन गए. रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2020 में पीड़िता के पिता की मौत हो गई थी. इसके बाद वो काफी परेशान रहने लगी. इस बीच आरोपी पीड़िता को अपने घर लेकर आ गया. आरोप है कि इसी दौरान पीड़िता का कई बार रेप किया गया. जब पीड़िता प्रेग्नेंट हो गई तब आरोपी ने इसकी जानकारी अपनी पत्नी को दी. आरोप है कि तब पत्नी भी इस पूरे मामले में शामिल हो गई.
दो साल बाद हुआ खुलासापूरा मामला तब सामने आया जब पीड़िता को एंग्जाइटी अटैक आने लगे. इन अटैक्स के इलाज के लिए पीड़िता को दिल्ली के सेंट स्टीफंस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में काउंसिलिंग के दौरान ही पीड़िता ने बताया कि डिप्टी डायरेक्टर कई बार उनका रेप कर चुके हैं. उसके बाद मामले की सूचना बुराड़ी पुलिस स्टेशन को दी गई. पीड़िता ने लगभग 2 साल के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 376 (2), 506, 509, 323, 313, 120B, 34IPC और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. आरोप है कि डिप्टी डायरेक्टर ने पीड़िता को चर्च में भी कई बार मोलेस्ट किया था.
वीडियो: 'माफ करना, बेटी' 5 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या, केरल पुलिस ने ट्वीट कर माफी मांगी

