कौन हैं ये लोग, जिन्होंने सुषमा स्वराज को इतनी गालियां दी हैं?
और इसके बावजूद इन पर कोई ऐक्शन नहीं लिया जा रहा.

कहां से शुरू हुआ विवाद?

अनस और तन्वी जिन्होंने दावा किया कि उनके साथ बदसलूकी हुई और बाद में उन्हें पासपोर्ट जारी कर दिया गया.
नोएडा के रहने वाले मोहम्मद अनस सिद्दीकी और उनकी पत्नी तन्वी सेठ ने लखनऊ में 19 जून को पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था. मोहम्मद अनस के पासपोर्ट का रिन्यूअल होना था, जबकि तन्वी सेठ का नया पासपोर्ट बनना था. 20 जून को दंपती को लखनऊ के रतन स्क्वॉयर स्थित पासपोर्ट ऑफिस बुलाया गया. तन्वी के मुताबिक जब कागजात सी- 5 काउंटर पर पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा के पास पहुंचे, तो उन्होंने कागजात की जांच के दौरान पति और पत्नी के धर्म अलग-अलग होने का हवाला देकर पासपोर्ट जारी करने से मना कर दिया और कहा कि दोनों धर्म बदलकर शादी कर लें, तो पासपोर्ट जारी हो जाएगा. हालांकि विकास मिश्रा का दावा था कि तन्वी के कागजात में नाम अलग-अलग थे, इस वजह से उन्होंने पासपोर्ट बनाने से मना किया था. इसी के बाद से विवाद शुरू हो गया था. अनस और तन्वी ने धर्म की वजह से पासपोर्ट न बनाए जाने को लेकर रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर विजय द्विवेदी से इसकी शिकायत कर दी और साथ ही पूरी घटना को ट्विटर पर बताते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को टैग कर दिया. इसके तुरंत बाद ही तन्वी सेठ का पासपोर्ट जारी कर दिया गया. बाद में ये सामने आया कि पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनका तबादला गोरखपुर के लिए कर दिया गया है. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद विकास मिश्रा का तबादला रोक दिया गया था.
विवादों में क्यों घिरीं सुषमा स्वराज?

सुषमा स्वराज को ट्विटर पर टैग करने के एक दिन के बाद ही तन्वी सेठ को उनका नया पासपोर्ट मिल गया. लेकिन इस पासपोर्ट के मिलने के साथ ही सोशल मीडिया पर लोग भड़क गए. सोशल मीडिया पर आरोप लगाया जाने लगा कि ट्विटर की वजह से तन्वी का पासपोर्ट बन गया है, जबकि उनके कागजात की जांच नहीं की गई. कहा गया कि तन्वी और उनके पति नोएडा में रहते हैं, लेकिन उन्होंने पासपोर्ट लखनऊ के पते पर बनवा लिया है, जो गलत है. इसके बाद पासपोर्ट ऑफिस की तरफ से मोहम्मद अनस और तन्वी सेठ के पते की जांच का काम लखनऊ पुलिस को सौंप दिया गया. लेकिन ट्रोलर्स को मौका मिल चुका था. पहले तो उन्होंने सोशल मीडिया पर #IstandwithVikashMishra नाम से हैशटैग शुरू किया और फिर इन सबके लिए सीधे तौर पर सुषमा स्वराज को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके लिए खूब भला-बुरा कहा गया. इसकी बानगी देखिए-
मैंने भी बहुत लंबे समय तक वीजा माता को ट्विटर पर फॉलो किया है... मुझे याद नहीं पड़ता कि किसी हिन्दू के ट्वीट पर उन्होंने उसकी कभी कोई समस्या सुलझाई हो... लेकिन मुस्लिम चाहे वह पाकिस्तान का मरीज हो और ट्विटर पर वीजा मांग ले तो, वीजा माता हाजिर... 2B Cntd👇 pic.twitter.com/MVQQueZE1r
— Arnab Goswami (@singhhsaaheb) June 23, 2018
#VisaMata
is on a mission. pic.twitter.com/0kq7Q8Hi6i
— Hunट₹₹♂ 🇫🇷 (@nickhunterr) June 22, 2018
@SushmaSwaraj
— sachin gupta (@sachinm34077621) June 23, 2018
में आपको अनफॉलो कर रहा हूँ, क्योंकि आपने बिना किसी प्रारंभिक जांच के पासपोर्ट अधिकारी को केवल इस आधार पर दोसी माना कि शिकायतकर्ता मुसलमान है
Biased decision #ISupportVikasMishra
shame on you mam...is it effect of your islamic kidney?? — Indra Bajpai (@bajpai_indra) June 22, 2018
She is almost dead woman as she runs on only one kidney (borrowed from some one else ) and any time that can stop working .
— Capt Sarbjit Dhillon (@dhillonsarbjit2) June 22, 2018
@SushmaSwaraj
मैडम हम आपका बहुत आदर करते हैं लेकिन उसका मतलब यह नहीं क्या आप की गलत नीतियों का भी समर्थन करते रहें एक फर्जी पासपोर्ट कैसे 1 घंटे के अंदर मिल सकता है फर्जी सादिया खान उर्फ तन्वी सेठ उस अधिकारी का क्या कसूर था उसने तो अपना कर्तव्य निभाया मुस्लिम तुष्टिकरण की हद — राजपूत विपुल सिंह 🚩🚩 (@RoyalVipulRajp1) June 23, 2018


भारत में जब ये सब हो रहा था, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज देश के बाहर थीं. वो 17 जून से 2 जून तक इटली, फ्रांस, लग्जमबर्ग, बेल्जियम और यूरोपियन यूनियन के दौरे पर थीं. 24 जून को जब वो भारत लौटीं, उन्होंने एक ट्वीट कर लिखा-
'मुझे नहीं पता है कि उनके देश में न रहने के दौरान क्या-क्या हुआ. हालांकि, मैं कुछ ट्वीट्स से सम्मानित महसूस कर रही हूं. मैं उन ट्वीट्स को आप सभी के साथ साझा कर रही हूं, इसलिए मैंने उन्हें लाइक किया है.'
I was out of India from 17th to 23rd June 2018. I do not know what happened in my absence. However, I am honoured with some tweets. I am sharing them with you. So I have liked them. — Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) June 24, 2018
ये सुषमा स्वराज का तंज था, जो उन्होंने ट्रोलर्स पर कसा था. भारत लौटने के बाद सुषमा स्वराज ने अपने खिलाफ किए गए 60 ट्वीटस् को लाइक किया और कुछ को रिट्वीट भी किया.
कौन हैं ये लोग, जिन्होंने सुषमा को इतनी गालियां दी हैं?

सोशल मीडिया पर एक केंद्रीय मंत्री को गालियां देने वाले लोगों में बहुत से ऐसे लोग हैं, जिनके फॉलोवर केंद्रीय मंत्री से लेकर बीजेपी के बड़े-बड़े नेता और सेना के अधिकारी हैं. भला-बुरा कहने वालों में से एक को तो खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक फॉलो करते हैं.
इस ट्वीट को करने वाली राजी को उसके ट्विटर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी फॉलो करते हैं.I have to dig out the tweet where I had written one of the top women whom I admire is @SushmaSwaraj
— Raji (@raji7373) June 23, 2018
..no not any more ...she is worst...no admiration any more for her..afyer kidney failure she survived for spoiling India ..?
Earlier @SushmaSwaraj
was acting as Visa Mata for Pakistanis and now she had evolved to Passport Mata for the Muslim community instead of backing her officers who are just following the process in order to appear secular. Media help such manipulative people to create fake news — BP (@Bharatp1) June 21, 2018
इस ट्वीट को करने वाले को भी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से फॉलो करते हैं. इसके अलावा रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग भी इनको फॉलो करते हैं.
इस ट्वीट को करने वाले को केंद्रीय मंत्री आरके सिंह फॉलो करते हैं.If u r Muslim, No verification needed is the new Rule by Passport Matah @SushmaSwaraj
— Anirudh Routray (@anirudharoutray) June 24, 2018
.This lady has spoilt all Hindus Sentiments by thhis cheap appeasement mentality.Her twitter works only, she never worked.
It's unfortunate such leaders like @SushmaSwaraj
leaves her #brain
at home before going out n responding to such important issues of #NationalSecurity
@PMOIndia
@AmitShah
@BJP4India
#MyHindustan
— JYOTSNADEVIMARDARAJ served #Chai 36,000ft (@jyotsnadevi33) June 23, 2018
इस ट्वीट को करने वाले को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और आरके सिंह दोनों ही लोग फॉलो करते हैं.
ये ट्वीट करने वाले गोपाल शर्मा को ट्विटर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल फॉलो करते हैं.All these rules are applicable only for HINDUS
मुस्लिम को तो सुषमा स्वराज एक ट्वीट पर खुद उनके घर जाकर पासपोर्ट देकर आती हैं बल्कि गलती न होने के बाद भी पासपोर्टऑफिसर को punish भी करती हैं
विश्वास न हो तो अपना नाम मुस्लिम करके यही ट्वीट एक बार फिर करके देखो आप फिर देखो तमाशा
— gopal sharma (@sharmagopal99) June 24, 2018
Change your name to Vaheeda Shaikh, apply for a passport, do a press conf with a fake harassment story, get @ndtv
to cover it, tweet to @SushmaSwaraj
, get a passport in two hours and then do gharwapsi! https://t.co/05f9DUpLaY
— Shefali Vaidya (@ShefVaidya) June 22, 2018
इस ट्वीट को करने वाली कॉलमिस्ट शेफाली वैद्य को तो खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, आरके सिंह, गिरिराज सिंह, धर्मेंद्र प्रधान, निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी के साथ ही बीजेपी महासचिव राम माधव भी फॉलो करते हैं.
इस ट्वीट को करने वाले को भी पीयूष गोयल फॉलो करते हैं.नया पासपोर्ट जल्दी बनवाने के लिए यह नया पहचान पत्र हैं.
1-धर्म = मुस्लिम 2- जाति = दलित
यह सब पहचान पत्र लेकर लाओं और जल्द पासपोर्ट बनावाओं.
— Rakesh Kumar Rai (@RakeshK91181861) June 23, 2018
मोदी जी से बैर नही लेकिन सुषमा बुआ आपकी खैर नही.. सुषमा स्वराज के फेसबुक पेज की रेटिंग 48 घण्टे में 4.5 से 1.4 हो गयी, मजबूरन रेटिंग का app पेज से हटाया गया। — Awantika🇮🇳 (@SinghAwantika) June 23, 2018
अवंतिका नाम से ट्वीट किए गए इस हैंडल को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ ही केंद्रीय मंत्री आरके सिंह और गिरिराज सिंह दोनों ही फॉलो करते हैं.
ट्विटर पर किसी को फॉलो करने में क्या दिक्कत है?
वैसे तो सोशल मीडिया सबके लिए खुला हुआ मंच है. जो जिसको चाहे फॉलो कर सकता है, अपनी बात कह सकता है, दूसरे की बात सुन सकता है. लोग फॉलो भी किसी को इसलिए ही करते हैं, ताकि उसकी सोच को जाना जा सके, उसकी बात को समझा जा सके. लेकिन जिन लोगों ने फेसबुक और ट्विटर पर सुषमा स्वराज को गालियां दी हैं, उनको देश के सबसे जिम्मेदार पदों पर बैठे हुए लोग फॉलो कर रहे हैं. देश की रक्षा मंंत्री से लेकर देश के ऊर्जा मंत्री तक उन लोगों के विचार जानने के लिए उनको ट्विटर पर फॉलो कर रहे हैं, जो उनकी ही कैबिनेट के एक वरिष्ठ मंत्री को लगातार अपशब्द कह रहे हैं. अब इसे सिर्फ इस नज़रिए से तो नहीं ही देखा जा सकता कि इतने जिम्मेदार लोग ऐसी सोच को जानने के लिए किसी को भी ट्विटर पर फॉलो कर लें, जो सिर्फ गालियां ही देता हो.

सुषमा स्वराज केंद्रीय मंत्री हैं. ट्विटर पर उनके एक करोड़ से भी ज्यादा फॉलोवर हैं. फेसबुक पर भी उनके करीब 30 लाख फॉलोवर हैं और उन्हें पसंद करने वाले हैं. ऐसे में अगर सुषमा स्वराज को ट्रोल आर्मी इतनी आसानी से निशाना बना सकती है और उनके खिलाफ कैंपेन चला सकती है, तो फिर आम आदमी का क्या हश्र होगा, इसका अंदाजा लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं है.
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ISIS ने मोसुल में 39 भारतीयों को मार डाला था, जिनके जिंदा होने की उम्मीद सुषमा स्वराज ने बंधाई थी
सब करना कभी सदन में हाजिरजवाब सुषमा स्वराज के सामने न पड़ना
40 साल पहले सुषमा स्वराज को हरियाणा कैबिनेट से इस नेता के कहने पर हटाया गया था
पुराने पत्रकार ने मोदी, योगी, आडवाणी अटल और प्रमोद महाजन के मजेदार किस्से सुनाए
