NASA का मिशन बीच में छोड़ धरती पर लौट रहा SpaceX कैप्सूल, इमरजेंसी के बाद वापसी
SpaceX Crew 11 emergency return: स्पेस कैप्सूल 14 जनवरी की रात तकरीबन 10:20 GMT बजे धरती के लिए रवाना हुआ. यह 15 जनवरी की सुबह 08:41 GMT यानी भारतीय समयानुसार लगभग दोपहर 2:11 बजे धरती पर पहुंचेगा.

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) गए चार एस्ट्रोनॉट अपना मिशन अधूरा छोड़कर इमरजेंसी में वापस धरती पर लौट रहे हैं. ऐसा इसलिए, क्योंकि उनमें से एक एस्ट्रोनॉट की तबीयत बेहद खराब हो गई है. रॉयटर्स को मुताबिक इन एस्ट्रोनॉट को लेकर स्पेस एक्स का एक कैप्सूल 14 जनवरी को वापस धरती पर आने के लिए निकल चुका है.
बताया गया है कि मिशन में गया एक एस्ट्रोनॉट गंभीर मेडिकल कंडीशन से जूझ रहा है. हालांकि अभी यह बताने से मना कर दिया गया है कि एस्ट्रोनॉट को क्या मेडिकल दिक्कत हुई है. अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने इसके लिए गोपनीयता का हवाला दिया है. रॉयटर्स के अनुसार यह पहली बार है, जब नासा ने स्वास्थ्य इमरजेंसी के कारण ISS क्रू के मिशन को छोटा किया है.
10 घंटे में धरती पर पहुंचेगाजानकारी के मुताबिक स्पेस कैप्सूल 14 जनवरी की रात GMT समयानुसार तकरीबन 10:20 बजे धरती के लिए रवाना हुआ. यह 15 जनवरी की सुबह 08:41 GMT यानी भारतीय समयानुसार लगभग दोपहर 2:11 बजे धरती पर पहुंचेगा. स्पेस कैप्सूल अमेरिका के कैलिफोर्निया के समूद्री तट से दूर प्रशांत महासागर पर उतरेगा. वापस आने में यह लगभग 10 घंटे का समय लेगा. रिपोर्ट के अनुसार कैप्सूल धरती के वायुमंडल में आग लगाने वाली री-एंट्री के बाद पैराशूट से उतरेगा.
नासा ने वेबकास्ट से कैप्सूल को ISS से अलग होते दिखाया गया था. इस दौरान एस्ट्रोनॉट क्रू केबिन में अपनी सीटों पर बैठे हुए थे और हेलमेट वाले सफेद और काले स्पेस सूट पहने हुए दिख रहे थे. जानकारी के मुताबिक इमरजेंसी वापसी के कारण यह मिशन 167 दिनों में समाप्त हो जाएगा. इस मिशन में चार एस्ट्रोनॉट क्रू मेंबर के तौर पर गए थे. इनमें अमेरिकी एस्ट्रोनॉट जेना कार्डमैन, माइक फिंके, जापानी एस्ट्रोनॉट किमिया यूई और रूसी कॉस्मोनॉट ओलेग प्लाटोनोव शामिल हैं. वे अगस्त 2025 में फ्लोरिडा से ऑर्बिट में लॉन्च होने के बाद स्पेस स्टेशन पर पहुंचे थे.
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इससे पहले नासा ने 8 जनवरी को बताया था कि स्पेस क्रू को तय समय से कुछ हफ्ते पहले वापस लाया जाएगा. नासा के एडमिनिस्ट्रेटर ने कहा था कि एक एस्ट्रोनॉट को "गंभीर मेडिकल कंडीशन" का सामना करना पड़ रहा है, जिसके लिए जमीन पर तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत है.
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