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सूडान में फंसे भारतीयों पर राजनीति का आरोप लगाया था, सिद्धारमैया ने जयशंकर को अब ये जवाब दिया है

सूडान में भयंकर सिविल वार चल रहा है. कई भारतीय फंसे हैं.

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19 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 19 अप्रैल 2023, 08:12 AM IST)
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कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने ट्वीट कर विदेश मंत्री एस. जयशंकर को जवाब दिया (फाइल फोटो: इंडिया टुडे/PTI)
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सूडान में चल रहे सिविल वॉर (Sudan civil war) के बीच कई भारतीय नागरिकों के फंसे होने की खबर है. इसको लेकर कांग्रेस नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) और विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) के बीच ट्विटर वॉर जारी है. कारण है कर्नाटक के हक्की-पिक्की आदिवासी समुदाय के 31 लोग, जो सूडान में फंसे हुए हैं. 18 अप्रैल को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मामले को लेकर सिद्धारमैया पर राजनीति करने के आरोप लगाए थे. जिसके बाद सिद्धारमैया का जवाब भी आया है.

सिद्धारमैया ने विदेश मंत्री को जवाब देते हुए लिखा,

“क्योंकि आप विदेश मंत्री हैं इसलिए मैंने आपसे मदद की मांग की है. अगर आप व्यस्त हैं तो किसी ऐसे व्यक्ति को उपलब्ध करा दें जो हमारे लोगों को वहां से लाने में मदद कर सके.”

जयशंकर ने राजनीति करने का आरोप लगाया था

इससे पहले कांग्रेस नेता सिद्धारमैया को जवाब देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया था,

“मैं आपकी बात से स्तब्ध हूं. यहां जीवन दांव पर लगे हैं. आप राजनीति मत करिए. 14 अप्रैल को लड़ाई शुरू होने के बाद से खार्तूम में भारतीय दूतावास अधिकांश भारतीय नागरिकों और PIO के साथ संपर्क में है.”

जयशंकर ने आगे कहा था कि सुरक्षा कारणों से इन लोगों की जानकारी साझा नहीं की जा सकती. उन्होंने लिखा,

“भारतीय दूतावास मंत्रालय से लगातार संपर्क में है. इस स्थिति का राजनीतिकरण करना काफी गैर जिम्मेदाराना है. कोई भी चुनावी लक्ष्य विदेश में भारतीयों को खतरे में डालने को सही नहीं ठहराता.”

बात कहां से शुरू हुई?

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 18 अप्रैल की सुबह कुछ ट्वीट्स किए. जिसमें वो हक्की-पिक्की आदिवासी समुदाय के लोगों को वापस लाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कह रहे हैं. उन्होंने ट्वीट कर लिखा,

“सूडान में कर्नाटक के हक्की-पिक्की समुदाय के 31 लोग पिछले कुछ दिनों से बिना भोजन के फंसे हुए हैं और सरकार ने अभी तक उन्हें वापस लाने के लिए कार्यवाही शुरू नहीं की है.”

सिद्धारमैया ने ट्वीट करते हुए सरकार से आग्रह किया कि वे कूटनीतिक चर्चा शुरू करे और आदिवासी समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इंटरनेशनल एजेंसियों से भी बात करें.

विदेश मंत्रालय ने कदम उठाए

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 14 अप्रैल से सूडान में चल रहे सिविल वॉर के बाद से भारतीय दूतावास ने कई एडवाइजरी जारी की हैं. सूडान में रह रहे भारतीयों को दूतावास ने अपने घरों से बाहर निकलने से मना किया है. यही नहीं, विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों की मदद के लिए एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के मुताबिक, सूडान में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर जानकारी और मदद देने के लिए मंत्रालय ने एक 24X7 कंट्रोल रूम बनाया है. जरूरतमंद लोगों को इस नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा गया है. ये हेल्पलाइन नंबर हैं 1800118797, +91-11-23012113, +91-11-23014104, +91-11-23017905, +91 9968291988.

सूडान हिंसा

सूडान में जारी हिंसा सशस्त्र बलों के कमांडर अब्देल फतेह अल बुरहान (Abdel Fattah al-Burhan) और रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) के प्रमुख जनरल मोहम्मद हमदान दागलो (Mohamed Hamdan Daglo) के बीच सत्ता के लिए संघर्ष का हिस्सा है. दोनों ही जनरल पूर्व सहयोगी हैं, जिन्होंने अक्टूबर 2021 में सैन्य तख्तापलट किया था. अब तक इस हिंसा में 180 लोगों के मरने की खबर है. वहीं 1800 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.  

वीडियो: दुनियादारी: लादेन को शरण देने वाले सूडान में सैनिक आपस में क्यों लड़ रहे हैं?

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