ज़ख्मी अमरनाथ यात्रियों को 'खून' देते कश्मीरियों की फोटो पर बवाल क्यों मचा है?
लोगों के पास फुर्सत ही फुर्सत है.
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फोटो शुजात बुखारी के ट्विटर हैंडल से
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पिछले दिनों अमरनाथ यात्रा के दौरान दो बड़े हादसे हो गए. पहले यात्रियों को ले जा रही एक बस पर आतंकी हमला हो गया जिसमें 8 लोगों की जान गई, फिर संडे को एक बस 100 फीट गहरी खाई में गिर गई. इसमें 17 लोगों की मौत हुई. दोनों हादसों के बाद ज़िम्मेदार एजेंसियां काम पर लगी दिखीं. जो फुर्सत से थे, वो ट्विटर पर लगे रहे - पहले मुसलमानों और कश्मीरियों से आतंकी हमले का हिसाब मांग रहे हैं, अब एक तस्वीर पर झगड़ रहे हैं. वही, जो आपने ऊपर देखी.
ये तस्वीर कश्मीरी अखबार राइज़िंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी ने ट्वीट की थीः
फोटो के साथ उन्होंने लिखा - युवा कश्मीरी बस हादसे के शिकार हुए अमरनाथ यात्रियों को खून दे रहे हैं और मदद पहुंचा रहे हैं. वेल डन.
शुजात के इस ट्वीट के बाद ट्विटर पर बहस शुरू हो गई कि तस्वीर और शुजात का दिया कैप्शन सही हैं कि नहीं. कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि हादसा तो बनिहाल में हुआ था, तो वहां मदद के लिए कश्मीरी कैसे पहुंच गएः
तो कुछ ने कहा कि बात खून देने की हो रही है, और तस्वीर में दिख ग्लूकोज़ की बोतल रही है.
तो 'देशभक्त' फॉरेंसिक एक्सपर्ट बन गएः
कुछ लोगों ने इसी बात पर सवाल उठाने शुरू कर दिया कि बनिहाल तो जम्मू डिविज़न में पड़ता है, फिर कश्मीरी लोग वहां कैसे पहुंचेः
लेकिन फिर कुछ ट्वीट्स में बात कुछ साफ हुई. बनिहाल और कश्मीरियों में लिंक बताते हुए सज्जाद शाहीन ने ट्वीट कियाः
बनिहाल में कश्मीरियों को लकर हुए ट्वीट्स का जवाब आखिर में शुजात अब्बास ने अपने हैंडल से ट्वीट कियाः
ये भी कहा गया कि तस्वीर में दिख रहे लड़कों ने सलाइन की ही बॉटल पकड़ी थी. लेकिन जब अस्पताल में घायलों को खून देने की बारी आई, तो वहां जाकर खून दिया. 10 जुलाई की रात हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीरियों ने घायलों को खून दिया था, जिसे देशभर के मीडिया ने रिपोर्ट भी किया था. ताज़ा मामले में सच क्या है, फिलहाल तय नहीं है. तय बस इतना है कि ट्विटर पर लोगों के पास फुर्सत बहुत है.
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फोटो के साथ उन्होंने लिखा - युवा कश्मीरी बस हादसे के शिकार हुए अमरनाथ यात्रियों को खून दे रहे हैं और मदद पहुंचा रहे हैं. वेल डन.
शुजात के इस ट्वीट के बाद ट्विटर पर बहस शुरू हो गई कि तस्वीर और शुजात का दिया कैप्शन सही हैं कि नहीं. कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि हादसा तो बनिहाल में हुआ था, तो वहां मदद के लिए कश्मीरी कैसे पहुंच गएः
तो कुछ ने कहा कि बात खून देने की हो रही है, और तस्वीर में दिख ग्लूकोज़ की बोतल रही है.
तो 'देशभक्त' फॉरेंसिक एक्सपर्ट बन गएः
कुछ लोगों ने इसी बात पर सवाल उठाने शुरू कर दिया कि बनिहाल तो जम्मू डिविज़न में पड़ता है, फिर कश्मीरी लोग वहां कैसे पहुंचेः
लेकिन फिर कुछ ट्वीट्स में बात कुछ साफ हुई. बनिहाल और कश्मीरियों में लिंक बताते हुए सज्जाद शाहीन ने ट्वीट कियाः
बनिहाल में कश्मीरियों को लकर हुए ट्वीट्स का जवाब आखिर में शुजात अब्बास ने अपने हैंडल से ट्वीट कियाः
ये भी कहा गया कि तस्वीर में दिख रहे लड़कों ने सलाइन की ही बॉटल पकड़ी थी. लेकिन जब अस्पताल में घायलों को खून देने की बारी आई, तो वहां जाकर खून दिया. 10 जुलाई की रात हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीरियों ने घायलों को खून दिया था, जिसे देशभर के मीडिया ने रिपोर्ट भी किया था. ताज़ा मामले में सच क्या है, फिलहाल तय नहीं है. तय बस इतना है कि ट्विटर पर लोगों के पास फुर्सत बहुत है.
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