योगी का जो मंदिर बना था, वहां से योगी की मूर्ति, छतरी, चंदे का पैसा सब गायब हो गया!
लोगों ने कहा - "पुलिसवालों ने फोर्स लगाकर मंदिर से मूर्ति उठा ली"

अयोध्या के कल्याण भदरसा में बनाए गए "श्री योगी मंदिर" में लगी योगी आदित्यनाथ की प्रतिमा को हटा दिया (Yogi Adityanath Idol Removed) गया है. खबर के मुताबिक ये कार्रवाई मंदिर के संस्थापक प्रभाकर मौर्य के चाचा रामनाथ मौर्य की शिकायत पर की गई है. रामनाथ मौर्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अयोध्या प्रशासन से इसकी शिकायत की थी. उनका दावा है कि जिस बंजर जमीन पर "श्री योगी मंदिर" बनाया गया है, उस पर पुश्तैनी कब्जा था. रामनाथ का आरोप है कि प्रभाकर मौर्य ने योगी मंदिर बनाकर उनका हिस्सा भी कब्जा लिया है.
श्री योगी मंदिर से सीएम योगी की मूर्ति गायबआजतक से जुड़े बनबीर सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय लोगों ने बताया कि रविवार, 25 सितंबर को पीएसी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस आई थी और मंदिर से मूर्ति निकालकर ले गई. प्रशासन और पुलिस विभाग (police department) के अफसर कैमरे पर ये बात स्वीकार नहीं कर रहे हैं. वे कह रहे हैं कि जमीन सरकारी है और उसकी पैमाईश के लिए टीम गई थी, लेकिन मूर्ति के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. वहीं शिकायत करने वाले प्रभाकर मौर्य के चाचा कहते हैं, ये कार्रवाई उनकी शिकायत के बाद हुई है.
आजतक की टीम मंदिर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला. मंदिर के दरवाजे के पीछे पर्दा लगा है. लोग किसी तरह भीतर देखने की कोशिश कर रहे थे. उनका कहना है कि अब मंदिर में ना तो योगी मूर्ति दिखाई दे रही है और ना ही वो चांदी का छत्र है जो मेरठ के एक व्यक्ति ने आकर लगवाया था. स्थानीय लोगों की मानें तो किसी भी व्यक्ति को पुलिस के जवानों ने आने नहीं दिया, इसलिए मूर्ति हटाए जाते समय कोई लोकल व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था.
रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस की इस कार्रवाई के बारे में प्रभाकर मौर्य के एक दोस्त अमरजीत ने बताया,
"वे लोग आए थे. पुलिस के ज्यादा लोग थे. वहां जाकर देख लीजिए. मूर्ति तोड़े हैं और चादर से ढंक कर मूर्ति लेकर चले गए. हम लोग इधर थे. लेकिन वे लोग खड़े थे. हमने जाने की कोशिश की लेकिन वे डांट दिए. फिर क्या करते. पुलिस वाले बहुत थे. चाभी नहीं थी तो उन लोगों ने ताला तोड़ दिया. उसके बाद मूर्ति ले गए और उसके ऊपर जो छत्र था उसको ले गए. वहां पर कुछ चढ़ावा भी रखा था उसको भी ले गए."
एक और स्थानीय निवासी राजन कुमार ने बताया,
"ये दोपहर 12 से एक बजे के बीच का मामला था. पुलिस वाले आए थे. पीएसी आई थी. मूर्ति कपड़े में लपेट कर ले गए."
मूर्ति हटाए जाने की जानकारी मिलने के बाद विपक्ष ने बीजेपी और योगी सरकार पर हमला शुरू कर दिया. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के मीडिया सेल ने कहा,
"इस मूर्ति/फाइबर प्रतिमा को जमीन निगल गई या आसमान खा गया या ये मूर्ति चुपचाप सीएम आवास में स्थापित करवाने की योजना के तहत सीएम आवास मंगवा ली गई? योगी जी के राज में योगी जी की मूर्ति का गायब हो जाना कोई छोटी और साधारण बात नहीं है, इसमें सीधा निर्देश सीएम आवास से जारी हो रहे."
सपा के मीडिया सेल ने तंज कसते हुए ये भी कहा कि प्रभाकर मौर्य में भी डिप्टी सीएम केशव मौर्य जैसे गुण हैं. सपा ने ये भी कहा कि केशव मौर्य ने चंदे की चोरी की थी, प्रभाकर मौर्य ने सरकारी जमीन कब्जा ली, तो हो सकता है अब योगी सरकार प्रभाकर मौर्य को डेप्युटी सीएम बनाना चाहती हो.
अब ये होंगे सीएम योगी आदित्यनाथ के आईएएस नंबर वन

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