The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • shraddha murder case update police questions to accused aaftab poonawala

'जिससे प्यार था उसके शव से ऐसा बर्ताव क्यों?' पुलिस के सवालों पर क्या-क्या बोला आफताब?

"मुझे पता था एक दिन सबको पता चल जाएगा, इसीलिए..."

Advertisement
shraddha walker murder case police aaftab poonawala questions
(बाएं-दाएं) आफताब पूनावाला और श्रद्धा वालकर.
pic
दुष्यंत कुमार
16 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 16 नवंबर 2022, 03:39 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

श्रद्धा वालकर मर्डर केस के आरोपी आफताब पूनावाला से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है. इस पूछताछ से जुड़ी जानकारियां एक-एक कर सामने आ रही हैं. पुलिस के हवाले से बताया गया है कि आफताब से कत्ल करने से लेकर लाश को ठिकाने लगाने तक पूरी वारदात को लेकर सवाल किए गए हैं जिनके उसने आराम से जवाब दिए हैं. आजतक को इन सवालों और उनके जवाबों की जानकारी पुलिस सूत्रों से मिली है.

पुलिस के सवाल, आफताब के जवाब

पुलिस: श्रद्धा का कत्ल कब और कैसे किया?
आफताब: 18 मई की रात श्रद्धा से झगड़ा हुआ था. इससे पहले भी झगड़ा होता था. मगर उस रोज बात बढ़ गई. हम दोनों में हाथापाई हुई थी. फिर मैंने श्रद्धा को पटक दिया. उसके सीने पर बैठ कर दोनों हाथों से उसका गला दबाने लगा. थोड़ी देर बाद ही वो दम तोड़ चुकी थी.

पुलिस: फिर लाश के साथ क्या किया?
आफताब: उस रात लाश को घसीटकर बाथरूम में ले गया. पूरी रात लाश वहीं पड़ी रही.

पुलिस: लाश के टुकड़े कैसे और कब किए?
आफताब: 19 मई को मैं मार्केट गया. लोकल मार्केट से 300 लीटर का एक फ्रिज खरीदा. एक दूसरी दुकान से आरी खरीदी. फिर मैं घर लौट आया. रात को उसी बाथरूम में आरी से लाश के टुकड़े करना शुरू किया. मैंने कुछ दिनों के लिए शेफ की नौकरी भी की थी. उससे पहले करीब दो हफ्ते की ट्रेनिंग ली थी. उस दौरान चिकन और मटन के पीस करने की ट्रेनिंग मिली थी. 19 मई को मैंने लाश के टुकड़े किए. उन्हें पॉलीथीन में डाला. फिर उन टुकड़ों को पॉलीथीन समेत फ्रीजर में रख दिया. बाकी लाश फ्रिज के निचले हिस्से में रखी.

पुलिस: कितनों दिनों तक लाश के टुकड़े किए?
आफताब: दो दिनों तक. 19 और 20 मई.

पुलिस: लाश के टुकड़ों को ठिकाने लगाना कब शुरू किया?
आफताब: 19 और 20 मई की रात पहली बार लाश के कुछ टुकड़े फ्रीजर से निकाल कर बैग में रखे थे. पहली रात बैग में कम टुकड़े रखे थे. क्योंकि लाश के टुकड़ों के साथ देर रात बाहर निकलने में घबरा रहा था कि कहीं रास्ते में पुलिस तलाशी न ले ले.

पुलिस: पहली बार लाश के टुकड़े कहां फेंके?
आफताब: 19 और 20 मई की रात महरौली के जंगल में टुकड़े फेंके थे. पर जंगल के ज्यादा अंदर नहीं गया था.

पुलिस: कितने दिनों में लाश के सारे टुकड़े ठिकाने लगाए?
आफताब: ठीक से याद नहीं, लेकिन कम से कम 20 दिनों तक मैं लाश के टुकड़े फेंकता रहा.

पुलिस: लाश के टुकड़े कहां-कहां फेंके?
आफताब: मैं सिर्फ छतरपुर और महरौली के आसपास ही जाता था. ज्यादा दूर जाने में पकड़े जाने का खतरा था.

पुलिस: तुम्हें वो सारी जगह याद है?
आफताब: नहीं, लेकिन कुछ जगह पता है. रात में अंधेरा था. इसलिए सारे ठिकाने सही-सही याद नहीं.

पुलिस: 20 दिनों तक घर में लाश या लाश के टुकड़े थे. इस दौरान तुम्हारा रुटीन क्या था?
आफताब: मैं घर से बाहर निकलता ही नहीं था. ना ही किसी पड़ोसी से मिलता या बात करता था. मैं बार-बार टुकड़ों को फ्रिज के निचले हिस्से से फ्रीजर में और फ्रीजर में रखे टुकड़ों को नीचे रख कर उनकी अदला बदली किया करता था. ताकि लाश की बू बाहर ना आ सके. घर, फ्लोर, बाथरूम इन सबकी केमिकल से सफाई करता था.

पुलिस: पूरी लाश ठिकाने लगा देने के बाद तुमने क्या किया?
आफताब: मैंने फिर से पूरे घर की सफाई की. फ्रिज खाली होने के बाद फ्रिज को भी केमिकल से अच्छे से साफ किया. बाथरूम, फर्श, दीवार, चादर, कपड़े, हर चीज को धोया और साफ किया.

पुलिस: इतनी सफाई क्यों की?
आफताब: एक तो घर से लाश की बू निकालनी थी, दूसरा मैं ये यकीन कर लेना चाहता था कि घर के अंदर खून या मांस के कोई भी सबूत ना छूट जाएं. मैं जानता था कभी न कभी ये सच बाहर आएगा और तब इस घर और फ्रिज की जांच भी होगी. इसीलिए अपनी तरफ से मैंने हर सबूत को धो डाला.

पुलिस: जिससे तुम प्यार करते थे उसकी लाश के साथ ऐसा बर्ताव करने से पहले तुमने एक बार भी कुछ सोचा नहीं?
आफताब: नहीं. मुझे गुस्सा आया था. इसलिए मैंने श्रद्धा को मार डाला. लेकिन मैं नहीं चाहता था कि उसकी मौत का सच घर से बाहर जाए. श्रद्धा के घरवाले भी उससे दूर ही रहते थे. उसकी अपने घरवालों से ही बात नहीं होती थी. मुझे पता था कि उसे कोई ढूंढने नहीं आएगा. इसीलिए लाश को इस ठिकाने लगाना जरूरी था और मैंने वही किया.

पुलिस की पूछताछ में आफताब ने ये भी बताया कि श्रद्धा की लाश के टुकड़े करने के लिए उसने गूगल सर्च कर मानव शरीर और एनाटॉमी के बारे में जानकारी हासिल की थी. इससे उसे लाश ठिकाने लगाने में मदद मिली. अब पुलिस उसकी गूगल सर्च हिस्ट्री भी निकालने में जुटी है.

श्रद्धा मर्डर केस में दिल्ली पुलिस बड़ी मुसीबत में फंस गई?

Advertisement

Advertisement

()