शिवाजी की मूर्ति ढहने पर मुंबई में 'चप्पल जूते मारो यात्रा', उद्धव और पवार भी शामिल हुए
Maharashtra Shivaji Statue Collapse: मार्च की अनुमति नहीं मिलने को लेकर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा कि विपक्ष को शिवाजी महाराज के लिए लड़ने के लिए किसी अनुमति की जरूरत नहीं है.

छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति ढहने (Shivaji Statue Collapse) को लेकर महा विकास अघाड़ी के नेता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. अघाड़ी के हजारों कार्यकर्ता 1 सितंबर को हुतात्मा चौक से गेटवे ऑफ इंडिया की तरफ मार्च कर रहे हैं (Protest March). सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस प्रदर्शन में कई बड़े नेता भी शामिल हुए. उद्धव ठाकरे और शरद पवार के अलावा सुप्रिया सुले, अनिल देशमुख, वर्षा गायकवाड़ भी पहुंचे. जानकारी के मुताबिक पुलिस ने इस विरोध मार्च की अनुमति नहीं दी है लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने पर अड़े हुए हैं.
मार्च की अनुमति नहीं मिलने को लेकर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा कि विपक्ष को शिवाजी महाराज के लिए लड़ने के लिए किसी अनुमति की जरूरत नहीं है. इस प्रोटेस्ट को 'चप्पल जोड़े (जूते) मारो यात्रा' नाम दिया गया है. विरोध में MVA में बड़े पैमाने पर चप्पलें लाई जा रही हैं. इस बीच लोगों के हुतात्मा चौक से आगे जाने पर रोक लगा दी गई है.
MVA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन के दौरान, शिव सेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र के लोग पीएम नरेंद्र मोदी की माफी को स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने ये भी दावा किया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र में मराठा प्रतीक शिवाजी महाराज की मूर्ति ढहने पर माफी मांगी तो उनके चेहरे पर अहंकार का भाव झलक रहा था. उन्होंने कहा,
वहीं, बीजेपी के जवाबी विरोध का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें भारत छोड़ देना चाहिए. उन्होंने कहा,
वहीं, एनसीपी (SP) नेता शरद पवार ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि सत्तारूढ़ दल के रुख ने शिवाजी महाराज का अपमान किया है. उन्होंने कहा,
इधर, BJP ने आंदोलन की प्रासंगिकता पर सवाल उठाया है और इसे आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए राजनीति से प्रेरित बताया. प्रदेश BJP प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने कहा कि BJP की युवा शाखा विपक्ष को बेनकाब करने के लिए आज पूरे महाराष्ट्र में शिवाजी महाराज की प्रतिमाओं के पास आंदोलन करेगी.
डिप्टी CM देवेंद्र फडनवीस ने MVA के विरोध की निंदा की और कहा,
महाराष्ट्र के CM एकनाथ शिंदे बोले,
क्या है मामला?दरअसल आठ महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधुदुर्ग जिले में 35 फुट की छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति का उद्धाटन किया था. लेकिन 26 अगस्त को मूर्ति ढह गई. इस पर विपक्ष महाराष्ट्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ लगातार हमलावर था. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम अजित पवार ने माफी मांगी. 30 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर माफी मांगी. कहा,
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इस पर कांग्रेस ने कहा कि चूंकि प्रधानमंत्री ने गलती स्वीकार कर ली है इसलिए अब समय आ गया है कि महाराष्ट्र सरकार जिम्मेदारी ले और इस्तीफा दे.
वीडियो: महाराष्ट्र में शिंदे सरकार ने दी यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी, कब से लागू होगी?

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