पांच साल में पैसे डबल का वादा किया, नहीं किए, इत्ती लंबी सजा हुई, अब पैसे देख भी कांपेगा
मध्यप्रदेश के आमला पानी गांव के लोगों के साथ 1 करोड़ 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला. चिट फंड कंपनी के चेयरमैन को सीहोर की कोर्ट ने कठोर कारावास और 9 लाख 35 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है.

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में एक शख्स को बहुत लंबी जेल की सजा सुनाई गई है. जितनी एक व्यक्ति की उम्र भी नहीं होती. शख्स पर चिट फंड के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप था. सीहोर जिला कोर्ट ने कठोर कारावास के साथ 9 लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. आजतक के नवेद जाफरी की रिपोर्ट के मुताबिक ये सजा साईं प्रसाद कंपनी के चेयरमैन बाला साहब भापकर को सुनाई गई है. चिट फंड कंपनी में पैसे लगाने वाले लोगों ने बाला साहब भापकर पर कुल 1 करोड़ 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था.
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5 साल में पैसे डबल होने की बात कही थीमामला सीहोर जिले के गोपालपुर का है. यहां बाला साहब भापकर नाम के शख्स ने खुद को साईं प्रसाद कंपनी का चेयरमैन बताकर आमला पानी गांव के कुछ लोगों से कंपनी में पैसे जमा कराए थे. गांव के लोगों ने साल 2012 से 2015 के बीच इसमें पैसे जमा किए. उनसे कहा गया था कि 5 साल बाद उनके पैसे दोगुने हो जाएंगे. पॉलिसी मैच्योर होने पर जब गांव के लोग साई प्रसाद कंपनी के ऑफिस गए, तो वहां ताला लगा मिला.
गांव वालों ने कंपनी के लोगों से संपर्क किया, तो उन्हें भरोसा दिया गया कि उनका पैसा मिल जाएगा. जब पैसा नहीं मिला तो चिट फंड कंपनी में पैसा जमा कराने वालों ने गोपालपुर थाने में इसकी शिकायत की. शिकायत में बताया गया कि कंपनी के चेयरमैन बाला साहब भापकर ने उनके साथ कुल 1 करोड़ 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है. मामले में FIR दर्ज की गई और जांच शुरू हुई. मामला कोर्ट पहुंचा.
कितने साल की सजा हुई?सीहोर के सहायक जिला अभियोजन अधिकारी (Assistant District Prosecution Officer) प्रमोद अहिरवार ने मीडिया को इस मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जज संजय कुमार शाही की कोर्ट ने बाला साहब भापकर को IPC की धारा 420 और चिट फंड एक्ट में 5-5 साल की सजा निवेशकों की संख्या के हिसाब से सुनाई है. ये कुल मिलाकर 170 साल बनती है.
प्रमोद अहिरवार ने बताया कि कोर्ट की ओर से बाला साहब भापकर और साईं प्रसाद कंपनी की मध्यप्रदेश में जितनी भी संपत्तियां हैं, उन्हें कुर्क करने का आदेश दिया गया है. उससे मिले पैसे सभी निवेशकों में बांटे जाएंगे.

