सिसोदिया को SC से राहत नहीं, CJI ने कहा- हाईकोर्ट जाइए
कोर्ट ने कहा- 'सीधे सुप्रीम कोर्ट आना स्वस्थ परंपरा नहीं'

Delhi के डिप्टी CM मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है. मंगलवार, 28 फरवरी को सिसोदिया के अरेस्ट के खिलाफ दायर याचिका पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की बेंच ने सुनवाई की.
आजतक के मुताबिक CJI ने सिसोदिया के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा,
सुनवाई के दौरान जस्टिस नरसिम्हा ने टिप्पणी करते हुए कहा,
इसके बाद अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि वो क्यों सीधे सुप्रीम कोर्ट आए हैं. आजतक के मुताबिक उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ अब तक कोई सबूत नहीं मिला है. गिरफ्तारी भी नियम के तहत नहीं हुई है. इस दौरान सिंघवी ने रोमेश थापर मामले में कोर्ट के पुराने आदेश का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट ने अपने कुछ फैसलों में साफ किया है कि लोगों की व्यक्तिगत आजादी से समझौता नहीं हो सकता है.
लेकिन, इसके बाद CJI ने कहा,
5 दिन की रिमांड पर हैं सिसोदियाइससे पहले सोमवार, 27 फरवरी को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया था. उन्हें 4 मार्च तक CBI की कस्टडी में रहना होगा. सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने 5 दिन की रिमांड की मांग की थी. कोर्ट ने करीब एक घंटे तक फैसला सुरक्षित रखा. फिर सिसोदिया को रिमांड पर भेजने की मांग स्वीकार कर ली.
बता दें कि जुलाई 2022 में दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ CBI जांच की सिफारिश की थी. सक्सेना ने सिसोदिया पर नियमों को नजरअंदाज कर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए थे.
रविवार, 26 फरवरी को दिल्ली शराब नीति केस में CBI ने मनीष सिसोदिया को पूछताछ के लिए बुलाया था. 9 घंटे की पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. सीबीआई का आरोप है कि मनीष सिसोदिया ने शराब घोटाले में आपराधिक साजिश रची और उन्होंने सबूतों को मिटाने की कोशिश की.
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