फंस गए बृजभूषण शरण सिंह? महिला रेसलर्स की याचिका पर SC ने पुलिस से मांगा जवाब
SC ने कहा- महिला पहलवानों के आरोप बेहद गंभीर

दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों का धरना जारी है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट सात महिला रेसलर्स की याचिका पर सुनवाई करने के लिए राजी हो गया है. इन महिला रेसलर्स ने कोर्ट से कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और BJP सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करवाने की मांग की है. मंगलवार, 25 अप्रैल को कोर्ट ने कहा कि पहलवानों ने याचिका में यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं, ऐसे में सुनवाई जरूरी है.
आजतक से जुड़ीं अनीशा माथुर की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने की. पहलवानों की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने सीजेआई से कहा कि पहलवान प्रदर्शन कर रहे हैं और सात महिला पहलवानों ने शिकायत की है. सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में अब तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है.
इस पर कोर्ट ने कहा,
इस पर सिब्बल ने कहा,
इस पर सीजेआई ने कहा,
इसके बाद कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज नहीं करने को लेकर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है. इसके अलावा कोर्ट ने शिकायत करने वाली सात महिला रेसलर्स के नाम ज्यूडिशियल रिकॉर्ड से हटाने को कहा, ताकि इनकी पहचान सामने ना आए.
क्या है मामला?बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक समेत कई पहलवान बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग कर रहे हैं. पहलवानों का आरोप है कि महिला पहलवानों के साथ यौन शोषण होता है. इसके साथ ही महासंघ के अध्यक्ष पर तानाशाही और मनमानी करने का भी आरोप लगाया है. जंतर-मंतर पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में विनेश फोगाट का कहना था कि उनके समेत कई पहलवान मेंटल टॉर्चर से जूझ रहे हैं. सवाल किया कि जब पहलवान सुरक्षित नहीं हैं तो फिर कौन सुरक्षित है?
बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत पर एक्शन न लेने पर पहलवान 23 अप्रैल को एक बार फिर जंतर-मंतर पर जुटे. इसके पहले जनवरी 2023 में बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक के साथ कई पहलवान जंतर-मंतर पर जुटे थे और अपनी बात रखी थी. हालांकि, तब खेल मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद पहलवानों ने अपना प्रदर्शन वापस ले लिया था.
वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: पहलवान और बृजभूषण सिंह का विवाद भारतीय पहलवानी को कितना नुकसान पहुंचाएगा?

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