होशंगाबाद नगर निगम के अध्यक्ष हैं अखिलेश खंडेलवाल. उन्होंने ऐलान किया है कि"संजय लीला भंसाली को जूते मारने पर 10 हजार रूपये ईनाम.." बुरा उनका ये ऐलान था,इस पर आए सिर्फ 25 कमेंट थे, 4 शेयर थे, या उस पोस्ट पर आए 204 लाइक थे. इस परविशेषज्ञों में मतभेद है. हमें सबसे बुरा ये लगा कि ऐसा अपडेट करते हुए, उनकी डीपीपर उनकी माताजी की तस्वीर थी. खैर एक बेसिक सा सवाल है, अखिलेश 10 हजार कैश मेंदेंगे या चेक में? पेटीएम की लिमिट बीस हजार है और अगर किसी ने जूते तीन मारे औरउनका मन पेटीएम से पैसे देने का किया तो क्या होगा. पचास हजार से ज्यादा के लेन-देनपर हमसे तो पैन कार्ड मांग लिया जाता है अगर ये क़ानून तोड़ने वाला काम हुआ तो क्यापैसे देते वक़्त क़ानून का ख्याल रखा जाएगा. सवाल ये भी कि अगर कोई उनकी बात सेउत्साहित हो ऐसा काम कर भी देता है तो कानून के हत्थे चढ़ने पर क्या जेल से छुड़वानेभी अखिलेश जाएंगे. एक सवाल ये भी कि बीजेपी अपने ऐसे नेताओं को चुप क्यों नहींकराती. क्या बीजेपी में सोशल नेट्वर्किंग साइट पर क्या लिखना है क्या नहीं इसकोलेकर गाइडलाइन जारी नहीं होती. अंकिल प्राइवेट जॉब में होते तो इत्ते पे एचआर कामेल आ जाता नौकरी चली जाती. इस बीच अंकल लालू के बेटे ने कहा. 'संजय लीला भंसाली केसाथ बीजेपी शासित राजस्थान में जो हुआ, बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. हिंदुस्तानियों कोआपस में लड़ाना इनके डीएनए में है.' वर्ड प्ले किए होते तो ये कुछ ऐसा होता किएनडीए के डीएनए में लड़ाना है. पर वो तो बीजेपी की बात कर रहे थे. मैं अलायंस की बातक्यों करने लगा लालू फैमिली का जिक्र आते ही. विषयांतर हो रहा है मुद्दे पर लौटिएट्वीट पढ़िए. https://twitter.com/yadavtejashwi/status/825929881263280129 लालूअंकिल भी आगे आए, कहिन. यूपी में होता तो कह देते जंगलराज है. बालक को रिट्वीट करतेहुए कहे. बहुत परमोशन हो रहा ट्विटर पे. वैसे राजस्थान में जंगलराज कैसे कहा जासकता है, सब हिरन तो फिल्म वाले मार देते हैं. क्या हिरन? क्या जंगल? ओक्के हम कुछनहीं कह रहे हैं. ट्वीट पढ़िए.https://twitter.com/laluprasadrjd/status/825936200166813696 इधर जब सब हल्ला मचाथा, संजय लीला भंसाली ने डैमेज कंट्रोल का काम शुरू कर दिया. खिलजी के ड्रीम सीन्सऔर पद्मावती-खिलजी के लव सीन्स पर बवाल पर सफाई दी है. भंसाली प्रोडक्शन ने बतायाजैसे सीन पर सिरफोड़ मची है वैसे कोई सीन फिल्म में हैं ही नहीं. ड्रीम और लवसीक्वेंस नहीं हैं, अश्लील सीन भी नहीं हैं. राजपूत करणी सेना और भंसाली प्रोडक्शनकी ओर से प्रेस कांफ्रेंस की गई और रिटेन में आपसी सहमति हो गई. दोनों तरफ से कोईकानूनी कार्रवाई नहीं की गई. बात-बात में बात संभाल ली गई. वैसे एक बात कहें. इतनाप्रेम? खिलजी और पद्मावती के बीच कोई लव स्टोरी भले न दिखाई जा रही है, हमको तो सीनमें ही एक लव स्टोरी पनपती दिख रही है. आह! फिर विषयांतर. उधर सेना से जुड़े कुछलड़कों ने कहा, फिल्म का नाम पद्मावती की जगह राजा रतन सिंह हो सकता है. साथ ही करणीसेना ने कहा, फिल्म रिलीज होने के बाद इसकी स्क्रीनिंग एक कमेटी के सामने हो. राखीसावंत का भी एक वीडियो आया है, जिसमें वो संजय को मारने वालों को कीड़े पड़ने कीकामना करती देखीं गईं. इस सबसे दूर कहीं सुशांत सिंह राजपूत ने अपने नाम में फिरराजपूत लगा लिया है. https://twitter.com/itsSSR/status/826062105585397760