The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • sanjay bhandari admits to email from Vadra, I-T sends seven property, bank queries overseas

मेरे लंदन वाले फ्लैट की मरम्मत कराओ: Cheers, रॉबर्ट वाड्रा

करप्शन के मामले में फंसे डिफेंस कंसल्टेंट संजय भंडारी ने माना, 'रॉबर्ट वाड्रा ने भेजी थी मेल.'

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
विकास टिनटिन
1 जून 2016 (अपडेटेड: 31 मई 2016, 03:34 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
रॉबर्ट वाड्रा नए तरह के लफड़ों में फंसते नजर आ रहे हैं. एक डिफेंस कंसल्टेंट हैं संजय भंडारी. कम वक्त में गलत तरीकों से ज्यादा पैसे बनाने का आरोप है. दबाके छापेमारी हुई. कहा गया कि संजय भंडारी ने रॉबर्ट वाड्रा को लंदन में 9 करोड़ रुपये का घर खरीद कर दिया. दोनों के बीच ई-मेल बाजी की बात सामने आई. रॉबर्ट वाड्रा के वकीलों ने आरोपों को खारिज किया. लेकिन अब संजय भंडारी ने खुद मान लिया है कि छापेमारी के दौरान कंप्यूटर से जो ई-मेल के रिकॉर्ड मिले हैं, वो संजय, रॉबर्ट वाड्रा और उनके असिस्टेंट मनोज अरोड़ा के बीच हुई ई-मेल बाजी ही है. एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, संजय भंडारी के घर पर ईडी और इनकम टैक्स ने छापेमारी की थी. इन छापेमारी में भंडारी के कंप्यूटर से कई मेल मिले. एक मेल खुद रॉबर्ट वाड्रा ने संजय को भेजा था. 4 अप्रैल को भेजी एक मेल के आखिर में साइन ऑफ की जगह पर आखिर में लिखा था, 'Cheers, Robert Vadra' इन ई-मेल्स में लंदन में अपार्टमेंट खरीदने को लेकर बातचीत थी. एक मेल में संजय भंडारी के लंदन में रहने वाले रिलेटिव सुमित चड्ढा ने अपार्टमेंट के रिनोवेशन में करीब 27 लाख रुपये का खर्चा बताया. लेकिन ये खर्च बढ़कर 34 लाख रुपये हो गया.
Embed
बता दें कि यहां रॉबर्ट वाड्रा इसलिए भी फंसते नजर आ रहे हैं. क्योंकि इनके जो असिस्टेंट हैं मनोज अरोड़ा. संजय भंडारी, सुमित चड्ढा और मनोज अरोड़ा के बीच की मेल्स जांच एजेंसियों को मिली हैं. कौन है संजय भंडारी? भंडारी ऑफसेट इंडिया सॉल्यूशंस कंपनी के मालिक हैं. 2008 में एक लाख रुपये की पेड-अप कैपिटल के साथ कंपनी शुरू की थी. डिफेंस डील से जुड़ी डील्स में नाम आया. अप्रैल में ED और इनकम टैक्स वालों ने छापेमारी की. संजय भंडारी ने कुछ ही सालों में करोड़ों की प्रॉपर्टी बना ली है. संजय भंडारी की ही कंपनी OIS को 38 कॉम्बेट एयरक्राफ्ट के पार्ट्स की सप्लाई की एक डील मिली है. ये पार्ट्स इंडिया डेजॉल्ट एविएशन से खरीद रहा है. संजय भंडारी पर दर्जनों शैल कंपनियां बनाईं थीं. शैल कंपनियां यानी ऐसी नॉन ट्रैडिंग कंपनियां जो सिर्फ इसलिए बना दी जाती हैं, जिन्हें फ्यूचर में अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा सके.
Embed
पढ़िए रॉबर्ट वाड्रा के फंसने पर सोनिया क्या बोलीं... आखिर ये अगस्टा वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर भसड़ है क्या? डिफेंस सेक्टर के वो घोटाले, जिसमें नेहरू से लेकर अटल तक का आया नाम..

Advertisement

Advertisement

()