NIA का दावा- 'हसीना पारकर का अधूरा काम पूरा कर रहा था सलीम फ्रूट'
हसीना पारकर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की बहन थी. उस पर कई संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने का आरोप था.

छोटा शकील का करीबी सलीम कुरेशी उर्फ सलीम फ्रूट (Salim Fruit) 'हसीना पारकर का अधूरा काम पूरा कर रहा था'. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार, 18 अगस्त को विशेष NIA कोर्ट में ये जानकारी दी. हसीना पारकर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) की बहन थी. उस पर कई संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने का आरोप था. जुलाई 2014 में उसकी मौत हो गई थी.
Salim Fruit पर क्या बोली NIA?इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सुनवाई के दौरान NIA की तरफ से पेश हुए सीनियर पब्लिक प्रॉसिक्यूटर संदीप सदावर्ते ने कोर्ट को बताया,
"आरोपी (सलीम कुरेशी) अलग-अलग मौकों पर पाकिस्तान समेत कुछ और देशों में गया था. वो छोटा शकील से मिला था और डी कंपनी के कामों को आगे बढ़ा रहा था. उनके नाम का इस्तेमाल कर लोगों को धमका रहा था. वो हसीना पारकर का छोड़ा अधूरा काम पूरा कर रहा था. उसकी (हसीना) मौत के बाद संपत्तियों पर कब्जा करने का वही तरीका अपनाया गया और बहुत सारा पैसा छोटा शकील को भेजा गया."
NIA के वकील ने दावा किया कि हिरासत के दौरान सलीम फ्रूट के सामने एक हजार से ज्यादा डॉक्युमेंट्स रखे जाएंगे जिन पर उसे जवाब देने होंगे. जांच एजेंसी का ये भी दावा है कि प्रॉपर्टी पर अवैध कब्जा करने के अलावा कुरेशी सोने की तस्करी (Gold Smuggling) में भी शामिल है. एजेंसी के मुताबिक उसके घर से कई कीमती चीजों के साथ लाखों की सिगरेट बरामद हुई हैं.
संदीप सदावर्ते ने कोर्ट से कहा कि मामले से जुड़े 8 गवाहों के बयान रिकॉर्ड कर लिए गए हैं. 19 लोगों के बयान रिकॉर्ड करना बाकी है जो अभी एजेंसी के पास आने में डर रहे हैं. इसके अलावा एजेंसी के 300 मोबाइल नंबरों के कॉल डेटा रिकॉर्ड्स का विश्लेषण करने की भी बात कही गई है.
हालांकि सलीम कुरेशी के वकील विकार राजगुरु ने जांच एजेंसी के आरोप को खारिज करते हुए इसे अपने क्लाइंट के पर्सनल कैरेक्टर के खिलाफ बताया. वकील ने कहा कि सलीम फ्रूट का हसीना पारकर से कोई लेना-देना नहीं था. उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसी हजारों दस्तावेज होने की बात कर रही है, जबकि अभी तक एक भी प्रॉपर्टी को आइडेंटिफाई नहीं कर पाई है. वकील के जरिये सलीम फ्रूट ने अदालत से कहा,
"कस्टम डिपार्टमेंट की तरफ से मेरे खिलाफ एक भी केस नहीं है, ना ही एक्सटॉर्शन का कोई मामला है. तो ये दिखावा क्यों किया गया है कि मैं डी कंपनी का साथ दे रहा हूं? मैं एक छोटे से फ्लैट में रहकर पूरी डी कंपनी का साथ कैसे दे सकता हूं?"
वहीं NIA की जांच पर सवाल उठाते हुए कुरेशी के वकील ने कहा,
"ये दिखावे की इंक्वारी है. NIA ने पारकर पर 20 से ज्यादा केस होने का दावा किया है, जबकि दो से ज्यादा मामले नहीं थे और उनमें से एक भी ट्रायल स्टेज तक नहीं पहुंचा."
सुनवाई के बाद स्पेशल जज बीडी शेल्के ने कुरेशी को 24 अगस्त के लिए NIA की हिरासत में भेज दिया. हालांकि एजेंसी ने 10 दिन की कस्टडी मांगी थी.
सलीम कुरैशी को बीती 4 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था. NIA का दावा था कि वो दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील और उनके गैंग की धमकी देकर संपत्तियों के अवैध कब्जे करने में शामिल रहा है.
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