धोनी और साक्षी की ये तस्वीरें, दुनिया के सबसे रोमेंटिक जेस्चर्स में से एक है
साक्षी के इंस्टाग्राम अकाउंट से ली गई ये फोटो आजकल खूब चर्चा में है!
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फोटो - thelallantop
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साक्षी सिंह धोनी ने इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की है, जिसमें वो महेंद्र सिंह धोनी से अपनी सेंडिल के फीते बंधवाते हुए दिख रही हैं. कैप्शन में लिखा है – तुमने जूतों के पैसे दिए हैं इसलिए फीते भी तुम ही बांधो.
आइए पहले वो पोस्ट देख लेते हैं फिर आगे बात करते हैं -
बहुत पहले शाहरुख़ खान ने कहा था कि वो 'जोरू के ग़ुलाम' हैं.
मेरे बॉस कहते हैं कि तुलना तब हो सकती है जब दोनों बराबर हों, लेकिन जहां एक तरफ मेरी बीवी कहीं ऊपर है वहीं मैं उसके सामने पिद्दी हूं.
ये सब बातें सुनने में या तो बड़ी ‘सबमिसिव’ लगती हैं या फिर किसी मज़ाक सरीखी. लेकिन ये बातें दरअसल सच होते हुए भी ‘सबमिसिव’ नहीं ‘क्यूट’ हैं.
शाहरुख़ और गौरी के रिश्ते की मिसालें ऐसे ही नहीं दी जाती हैं.
लेकिन इन सब बातों से ये अर्थ नहीं लगा लेना चाहिए कि महिलाओं को घर देखना चाहिए और पुरुषों को जॉब या कमाई. कहना सिर्फ और सिर्फ इतना है कि अगर आप अपने काम में सफल हो, अगर बाहर आपकी पूछ है, तो आपको घर में कुछ सिद्ध करने की ज़रूरत नहीं. और इसका उल्टा भी उतना ही सही है, और यही हमारी इस स्टोरी का निष्कर्ष है – यदि आप पुरुष हैं तो आपको अपनी मर्दानगी घर पर प्रूफ करने की ज़रूरत नहीं. बल्कि मर्दानगी शब्द अपने आप में ही बेहद नेगेटिव और पक्षपाती है.
खैर जाते-जाते साक्षी और धोनी की ऐसी ही एक और फोटो देखते जाइए और दोनों के प्रेम को एप्रिशिएट कीजिए -
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आइए पहले वो पोस्ट देख लेते हैं फिर आगे बात करते हैं -
Instagram पर यह पोस्ट देखेंYou paid for the shoes so you tie them tooo !!! Photo Credit - @k.a.b.b.s
कितनी नॉर्मल सी चीज़ है न? लेकिन हम इस पर स्टोरी केवल इसलिए कर रहे हैं क्यूंकि ये नॉर्म्स आजकल इतने ‘नॉट सो कॉमन’ हैं कि ये फोटो लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गई है.
मेटाफर में कहा जाए तो, धोनी दरअसल फीता नहीं एक रिश्ता बांध रहे हैं.बहुत पहले शाहरुख़ खान ने कहा था कि वो 'जोरू के ग़ुलाम' हैं.
मेरे बॉस कहते हैं कि तुलना तब हो सकती है जब दोनों बराबर हों, लेकिन जहां एक तरफ मेरी बीवी कहीं ऊपर है वहीं मैं उसके सामने पिद्दी हूं.
ये सब बातें सुनने में या तो बड़ी ‘सबमिसिव’ लगती हैं या फिर किसी मज़ाक सरीखी. लेकिन ये बातें दरअसल सच होते हुए भी ‘सबमिसिव’ नहीं ‘क्यूट’ हैं.
शाहरुख़ और गौरी के रिश्ते की मिसालें ऐसे ही नहीं दी जाती हैं.होने को कह देने भर से शाहरुख़ 'जोरू के ग़ुलाम' नहीं हो जाते. और 'रिवर्स फेमिनिज्म' में इस कथन को भी स्वीकार नहीं किया जाएगा. क्यूंकि बात बराबरी की होनी चाहिए. लेकिन ये कथन निश्चित तौर पर उनका यानी शाहरुख़ का चुनाव है, किसी दबाव के चलते नहीं.
मैंने निजी तौर पर अनुभव किया है कि जिस घर में महिलाओं की सुनी जाती है, वो घर ज़्यादा संपन्न होते हैं. न न, पैसों से नहीं सुख से. साथ ही मैंने ये भी अनुभव किया है कि जो पुरुष जितने ज़्यादा सफल होते हैं उनके घर पर महिलाओं का उतना ही प्रभुत्व होता है.लेकिन इन सब बातों से ये अर्थ नहीं लगा लेना चाहिए कि महिलाओं को घर देखना चाहिए और पुरुषों को जॉब या कमाई. कहना सिर्फ और सिर्फ इतना है कि अगर आप अपने काम में सफल हो, अगर बाहर आपकी पूछ है, तो आपको घर में कुछ सिद्ध करने की ज़रूरत नहीं. और इसका उल्टा भी उतना ही सही है, और यही हमारी इस स्टोरी का निष्कर्ष है – यदि आप पुरुष हैं तो आपको अपनी मर्दानगी घर पर प्रूफ करने की ज़रूरत नहीं. बल्कि मर्दानगी शब्द अपने आप में ही बेहद नेगेटिव और पक्षपाती है.
खैर जाते-जाते साक्षी और धोनी की ऐसी ही एक और फोटो देखते जाइए और दोनों के प्रेम को एप्रिशिएट कीजिए -
Instagram पर यह पोस्ट देखेंYou paid for the band so you screw it too #Round2 Photo credits @k.a.b.b.s
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