आपके हथियारों से हम पर हमले होते... भारत के रूसी तेल खरीदने पर जयशंकर ने यूरोप को सुनाया
विदेश मंत्री S Jaishankar ने कहा कि यूरोप रूसी तेल पर भारत को टोकता है, जबकि खुद भारत के विरोधियों को हथियार बेचता है. उन्होंने यह भी कहा कि 2022 में अमेरिका ने ही भारत को रूसी तेल खरीदने को कहा था.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस से तेल खरीदने पर यूरोपीय देशों की आलोचना का करारा जवाब दिया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एक तरफ तो यूरोप रूसी तेल खरीदने पर भारत पर सवाल उठाता है, लेकिन दूसरी तरफ वह ऐसे हथियार बेचता है जिनका इस्तेमाल कई सालों से भारत पर हमलों के लिए किया जाता रहा है. जयशंकर ने कहा कि भारत ने कभी ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे यूरोप को खतरा हो.
गुरुवार, 11 जून को फिनलैंड में कुलटारेंटा टॉक्स में ‘उभरती ताकतें और नया जियोपॉलिटिकल कॉम्पिटिशन’ पर चर्चा के दौरान जयशंकर ने एक सवाल का जवाब दिया. इस सवाल में कहा गया था कि यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से भारत रूस के प्रति बहुत ज्यादा हमदर्दी रखता है और रूसी तेल पर बहुत ज्यादा निर्भर है. जवाब में जयशंकर ने कहा,
"मैं यह कहूंगा कि किसी भी यूरोपीय देश पर भारतीय हथियारों से हमला नहीं हुआ है. काश मैं भारत के मामले में यूरोपीय हथियारों के बारे में भी ऐसा कह पाता… यूरोपीय देश ऐसे हथियार बेचते हैं जिनका इस्तेमाल भारत पर हमले के लिए किया जाता है. अभी नहीं, बल्कि कई सालों से ऐसा हो रहा है. हम भारतीयों ने कभी भी यूरोप को खतरे में डालने वाला कोई काम नहीं किया है."
रूसी तेल खरीदने पर क्या बोले?रूस से तेल खरीदने का बचाव करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि मॉस्को पर प्रतिबंध लगने के बाद अमेरिका ने ही भारत को 2022 में रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया था, ताकि ग्लोबल ऑयल मार्केट को स्थिर रखा जा सके. उन्होंने कहा,
"मैं कीमत और उपलब्धता के आधार पर तेल खरीदता हूं. उस समय, बाजार में ज्यादातर तेल रूस का ही उपलब्ध था क्योंकि यूरोपीय देश खासतौर से मिडिल ईस्ट से तेल खरीद रहे थे, जहां से हम हमेशा खरीदते थे. तो हालात ने हमें एक खास दिशा में धकेल दिया."
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एस. जयशंकर ने पश्चिमी देशों के दोहरे रवैये पर भी सवाल उठाया. पश्चिमी देश भारत को रूस से सस्ता तेल खरीदने के लिए टोकते हैं, जबकि वे खुद अपनी जरूरत के हिसाब से नियम बदलते रहते हैं. उन्होंने साफ किया कि भारत किसी के दबाव में आकर फैसले नहीं लेगा.
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