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फ्रांस के सेलिब्रिटी शेफ पर 'रूसी जासूस' होने का आरोप, Paris Olympics में बवाल करने वाला था?

फ्रांस में Paris Olympics 2024 को बाधित करने की साजिश के आरोप में एक रूसी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है. उस पर लगे गंभीर आरोपों में उसे 30 साल की जेल हो सकती है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

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26 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 26 जुलाई 2024, 11:46 PM IST)
security deployed in paris (photo-pti)
सालों से पेरिस में रह रहा था आरोपी किरिल ग्रियाज़्नोव. (फोटो- Instagram/@kirillgryaznoff)
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पेरिस ओलंपिक 2024 (Paris Olympics 2024) का आधिकारिक आगाज 26 जुलाई से होने जा रहा है. खेलों के इस महाकुंभ में 206 देशों के 10 हजार से ज्यादा एथलीट फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंच चुके हैं. इन खिलाड़ियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी फ्रांस की है. इस बीच फ्रेंच पुलिस ने पिछले 14 सालों से पेरिस में रह रहे एक रूसी नागरिक को ओलंपिक खेलों को बाधित करने की साजिश रचने के संदेह में गिरफ्तार किया है. इसकी जानकारी फ्रांस की स्थानीय मीडिया द्वारा दी गई है.

फ्रांसीसी अखबार ला मोंदे के अनुसार, 40 वर्षीय किरिल ग्रियाज़्नोव को पेरिस में उसके फ्लैट से गिरफ्तार किया गया. उसकी गतिविधियों पर कई यूरोपीय खुफिया एजेंसियां महीनों से नजर रखे थीं. फ्रेंच पुलिस के मुताबिक ये शख्स खुद को शेफ बताता है. उसके अपार्टमेंट की तलाशी लेने पर शेफ के रूस की घरेलू खुफिया एजेंसी, फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) से जुड़े होने के सबूत मिले हैं. तलाशी के दौरान एक बड़े षड्यंत्र के सबूत भी मिले, जिसके तहत शेफ ओलंपिक्स के दौरान फ्रांस को अस्थिर करने की प्लानिंग में जुटा था. 

ये भी पढ़ें - Olympics 2024 Ceremony से ऐन पहले फ्रांस के रेल नेटवर्क पर हमले, सब ठप, लाखों यात्री फंसे

आउटलेट के अनुसार, कथित रूसी जासूस पर फ्रांस में लोगों के बीच दुश्मनी भड़काने के उद्देश्य से एक विदेशी शक्ति के साथ खुफिया जानकारी साझा करने के आरोप भी लगे हैं. इसके तहत उसे 30 साल जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है. इस साल मई महीने से ही कई यूरोपीय ख़ुफ़िया एजेंसियां उस पर नज़र बनाए रखी थीं. मई में वो इस्तांबुल से वापस पेरिस की यात्रा कर रहा था जिस दौरान उसे प्लेन में चढ़ने से रोक दिया गया, क्योंकि उसने बहुत अधिक शराब पी रखी थी.

फिर उसे बुल्गारिया से दूसरी उड़ान लेने के लिए कहा गया. तब एक रेस्तरां में रुकने के दौरान उसने कथित तौर पर मॉस्को में अपने खुफिया हैंडलर को फोन किया था. नशे में धुत्त जासूस ने अपने हैंडलर को फ़ोन पर दावा करते हुए कहा था, 

"फ्रेंच लोग ऐसा उद्घाटन समारोह आयोजित करने जा रहे हैं, जैसा पहले कभी नहीं हुआ."

आसपास मौजूद गवाहों के मुताबिक, शराब के नशे में धुत्त होने के दौरान उसने अपनी FSB पहचान भी उजागर कर दी थी और अगल-बगल के पड़ोसियों को शेखी बघारने के चक्कर में ये कह दिया था कि वो ओलंपिक खेलों को बाधित करने के लिए एक स्पेशल मिशन पर है. उसकी इसी चूक से यूरोपीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसके प्लान का भांडा फोड़ा और रूसी खुफिया सेवाओं के साथ उसके करीबी संबंधों का पता लगाया.

रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिस शिफ्ट होने से पहले, ग्रियाज़नोव ने रूस की पर्म स्टेट यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री ली थी. इसके बाद उसने एक रूसी शो में अभिनय भी किया, जहां उसने खुद को एक सफल व्यवसायी और रेस्तरां मालिक के रूप में पेश किया था. इसके चलते उसे रूस में कुछ हद तक सेलिब्रिटी का दर्जा हासिल था. उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 100,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं. गिरफ्तारी से पहले वो 14 वर्षों से फ़्रांस में रह रहा था. उसने अपने बायोडाटा में खुद को "निजी शेफ" बताया था और रूसी सरकार से किसी भी संबंध का जिक्र नहीं किया था. 

रिपोर्ट के अनुसार, ओलिंपिक खेलों की सुरक्षा के मद्देनज़र फ्रांस के गृह मंत्री गेराल्ड डर्मैनिन ने बताया कि अधिकारियों ने शुक्रवार 26 जुलाई से शुरू होने वाले ओलंपिक खेलों से पहले दस लाख से अधिक लोगों की जांच की है. इनमें 5,000 से अधिक लोगों को पहले ही ओलंपिक्स को अटेंड करने से रोक दिया गया है. इनमें तक़रीबन 1,000 लोग ऐसे हैं जिन पर विदेशी हस्तक्षेप या जासूसी का संदेह है.

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