रूसी अरबपति ने युद्ध शांति की बात की, मालूम नहीं था कोई जहर चटा देगा!
रोमन अब्रामोविच को किसने दिया जहर?
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समझौता कराने वाले नेताओं को दिया गया था जहर? हाथ व चेहरे से अलग होने लगी थी खाल (सभी फ़ाइल फोटो: AP)
यूरोप के मशहूर फुटबॉल क्लब चेल्सी के मालिक और रूसी अरबपति रोमन अब्रामोविच को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का बेहद अजीज माना जाता है. इस समय वे रूस और यूक्रेन के बीच हो रही शांति वार्ता में अहम भूमिका निभा रहे हैं. रोमन अब्रामोविच को लेकर मंगलवार 29 मार्च को जो खबर सामने आई है, उससे पूरी दुनिया हैरान है. बताया जा रहा है कि रोमन अब्रामोविच जब इस महीने की शुरुआत में यूक्रेन के साथ शांति वार्ता करने गए थे तब उन्हें कीव में जहर देकर मारने की कोशिश हुई.
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक,
किसने किया यह हमला?
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने ये भी बताया है कि इन तीनों लोगों को लक्षण दिखने के तुरंत बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया. और थोड़े इलाज के बाद अब उनकी हालत खतरे से बाहर है. हालांकि, यह अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि लक्षणों का क्या कारण है?
अभी यह भी साफ़ नहीं है कि इन लोगों पर हमले के पीछे किसका हाथ है. हालांकि, इस कथित हमले का निशाना बने लोगों ने इसे लेकर उन रूसी कट्टरपंथियों पर उंगली उठाई है, जो युद्ध जारी रखवाना चाहते है और इसलिए बातचीत को पटरी से उतारने में लगे हुए हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अटकलें ये भी लगाई जा रही हैं कि अब्रामोविच को जहर देने का कारण उनका यूक्रेनी लोगों की मदद करना भी हो सकता है. बता दें, पिछले दिनों रोमन अब्रामोविच ने अपनी काफी सम्पत्ति बेचकर यूक्रेन के युद्ध पीड़ितों की मदद करने का ऐलान किया था. इसके बाद यूक्रेन की सरकार ने उनकी काफी तारीफ की थी.
रुस्तम उमेरोव ने क्या कहा?
रोमन अब्रामोविच सहित जिन तीन लोगों को कथित रूप से जहर देने की बात की जा रही है, उनमें यूक्रेन के राजनेता रुस्तम उमेरोव भी शामिल हैं. यह खबर सामने आने के बाद रुस्तम ने एक ट्वीट कर बताया कि वे पूरी तरह ठीक हैं. उन्होंने लिखा,
रूस का जहर देने का इतिहास
रूस में जहर देकर विरोधियों को मारने का इतिहास काफी पुराना रहा है. रूस की नीतियों के कई प्रमुख आलोचकों - जिनमें पूर्व जासूस, पत्रकार और राजनेता तक शामिल हैं - को बीते दो दशकों में ज़हर दिया जा चुका है. रूस की सीक्रेट सर्विस के दो एजेंटों को ब्रिटेन में निशाना बनाया गया था. एलेक्ज़ेंडर लित्वीनेंको पर रेडियोएक्टिव पदार्थ पोलोनियम-210 से साल 2006 में हमला हुआ था और सर्गेई स्क्रीपाल को ज़हरीले नर्व एजेंट नोविचोक से साल 2018 में निशाना बनाया गया था. कुछ समय पहले ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधी अलेक्सी नवेलनी भी इसी तरह के केमिकल अटैक में बुरी तरह बीमार हो गए थे. जर्मनी में लम्बे समय तक इलाज के बाद इनकी जान बची. हालांकि, इन तीनों ही घटनाओं में रूस ने अपनी भूमिका होने से इनकार किया था.

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