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NEET UG का पूरा रिजल्ट होगा जारी, लेकिन फिर से परीक्षा कराने पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

NEET Paper Leak: अदालत में तीन जजों की बेंच मामले पर सुनवाई कर रही है. चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ सुनवाई कर रही है.

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18 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 18 जुलाई 2024, 07:43 PM IST)
supreme court hearing commenced on NEET paper row(photo-PTI)
नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई (फोटो-पीटीआई)
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नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. 40 से अधिक याचिकाओं पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने सुनवाई की. याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस परीक्षा के ‘सामाजिक प्रभाव’ हैं. ऐसे में NEET-UG एग्जाम फिर से आयोजित करने का आदेश देने के पीछे ये ‘ठोस आधार’ होना चाहिए कि जो गड़बड़ियां हुईं उनसे पूरी परीक्षा प्रभावित हुई है या नहीं. गौरतलब है कि सरकार भी कहती रही है कि नीट पेपर लीक का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर नहीं पड़ा है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जो याचिकाकर्ता परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं उनसे अदालत ने कहा है कि वो यह साबित करें कि NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक सुनियोजित था और इससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई है. RE-NEET की मांग पर CJI चंद्रचूड़ ने कहा, 

"NEET री एग्जाम इस ठोस आधार पर होना चाहिए कि क्या पूरे परीक्षण की पवित्रता प्रभावित हुई है या नहीं?"

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इस पर याचिकाकर्ताओं के वकील ने यह तर्क दिया कि NEET UG परीक्षा आयोजित करने की प्रणाली में ही गड़बड़ हुई है. उन्होंने कहा, 

“प्रश्न पत्रों के परिवहन में गड़बड़ियां सामने आई हैं. प्रश्न पत्र छह दिनों के लिए एक निजी कूरियर कंपनी के पास था. वहीं, हजारीबाग में ई-रिक्शा से पेपर ले जाए जा रहे थे. ड्राइवर प्रश्न पत्रों को बैंक ले जाने के बजाय ओएसिस स्कूल ले गया, जहां स्कूल के प्रिंसिपल को यह ट्रंक मिला. लीक हुए पेपर प्रवेश परीक्षा से दो दिन पहले 3 मई से ही सर्कुलेट हो रहे थे. कुछ टेलीग्राम वीडियो के साक्ष्य से यह पता चलता है कि हल किए गए पेपर 4 मई को सर्कुलेशन में थे.”

सुनवाई के दौरान बाद में सीजेआई चंद्रचूड़ ने इस पर कहा, 

“पेपर लीक पैसा कमाने के लिए किया गया था, न कि राष्ट्रीय स्तर पर नाटक करने के लिए.”

उन्होंने आगे कहा, 

“लोग पैसे के लिए ऐसा कर रहे थे. इसलिए यह परीक्षा को बदनाम करने के लिए नहीं था. अब ये स्पष्ट है कि ऐसा पैसा कमाने के लिए किया जा रहा था. पेपर के बड़े पैमाने पर लीक होने के लिए बड़े स्तर पर संपर्क की आवश्यकता होती है ताकि आप विभिन्न शहरों आदि में संपर्क कर सकें. ऐसे में जो कोई भी इससे पैसा कमा रहा है वह इसे बड़े पैमाने पर प्रसारित नहीं करेगा.”

इस मामले पर केंद्र और NTA ने भी अपना पक्ष रखा. उन्होंने अदालत को बताया,

"पेपर लीक स्थानीय था और बड़े पैमाने पर गोपनीयता के उल्लंघन के किसी भी सबूत के अभाव में परीक्षा को रद्द करने से लाखों ईमानदार उम्मीदवारों के प्रयास गंभीर रूप से खतरे में पड़ जाएंगे."

वहीं मामले पर बेंच ने कहा कि पेपर लीक मामले की जांच CBI कर रही है. CBI की जांच पर बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा, 

"CBI ने हमें जो बताया है अगर वह सामने आ गया तो इससे जांच प्रभावित होगी और (लीक से जुड़े) लोग सतर्क हो जाएंगे."

NEET पेपर लीक सामने आने के बाद केंद्र ने मामला CBI को सौंप दिया था. CBI द्वारा बिहार और झारखंड में एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG 2024 का रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने NTA से कहा है कि 20 जुलाई, 2024 को दोपहर 12 बजे तक NEET परीक्षा का रिजल्ट जारी करे. आदेश के मुताबिक रिजल्ट शहरवार और केंद्रवार जारी करना होगा. जिसमें अभ्यर्थियों की पहचान नहीं बताई जाएगी.

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