The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Rakesh Tikait Bhartiya Kisan Union splits Rajesh Chauhan and others form new organisation

राकेश टिकैत पर 'एक पार्टी' के समर्थन का आरोप, BKU के दो फाड़ पर टिकैत बोले- सरकार ने डरा दिया

बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने संगठन से लोगों के अलग होने पर कहा कि इसके पीछे सरकार का हाथ है. उन्होंने कहा कि जिस तरीके से जनवरी 2021 में कुछ लोगों ने सरेंडर किया था, उसी तरह आज भी लोगों ने सरकार के सामने सरेंडर कर दिया है.

Advertisement
pic
17 मई 2022 (अपडेटेड: 17 मई 2022, 12:26 PM IST)
Rakesh Tikait Rajesh Chauhan
बीकेयू से अलग हुए नेता राजेश चौहान और राकेश टिकैत (फोटो- ANI/PTI)
Quick AI Highlights
Click here to view more

भारतीय किसान यूनियन (BKU). केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में हुए आंदोलन में इस संगठन की खूब चर्चा हुई थी. अब संगठन दो धड़ों में बंट गया है. कई नेताओं ने BKU छोड़कर नया संगठन बना लिया है. BKU से अलग होने वाले नेताओं ने राकेश टिकैत और नरेश टिकैत पर 'राजनीति करने' का आरोप लगाया है. संगठन में यह दो फाड़ दिग्गज किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के पुण्यतिथि पर हुई है. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, महेंद्र सिंह टिकैत के बेटे हैं.

'अराजनैतिक' है नया संगठन

BKU से अलग होने के बाद राजेश सिंह चौहान के नेतृत्व में एक नए संगठन 'भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक)' बनाया गया है. इस नए संगठन में राजेंद्र सिंह मलिक को संरक्षक बनाया गया है. इसके अलावा मांगेराम त्यागी, अनिल तालान, हरनाम सिंह वर्मा, कुंवर परमार सिंह, धर्मेंद्र मलिक, बिन्दु कुमार इसी गुट में आ गए हैं. नए संगठन का कहना है कि उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं होगा.

आजतक से जुड़े संतोष शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, नए गुट ने आरोप लगाया कि भारतीय किसान यूनियन राजनैतिक हो गया है. और सरकार से बातचीत के लिए भी तैयार नहीं है. नए संगठन के अध्यक्ष राजेश चौहान राकेश टिकैत के करीबी माने जाते रहे हैं. कृषि कानूनों के खिलाफ गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान चौहान अकसर टिकैत के साथ नजर आते थे. हालांकि राजेश चौहान ने आरोप लगाते हुए ये नहीं बताया कि टिकैत किसके लिए राजनीति कर रहे हैं.

'राकेश टिकैत ने पार्टी विशेष का प्रचार किया'

राजेश चौहान ने आजतक से बात करते हुए कहा,

"हमारे नेता महात्मा टिकैत (महेंद्र सिंह टिकैत) ने कहा था हम अराजनैतिक हैं. हमारे नेता किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं लेंगे, लेकिन 13 महीने के आंदोलन के बाद जब 2022 का चुनाव आया तो हमारे नेता राकेश टिकैत जी ने एक पार्टी विशेष का प्रचार किया और एक खास पार्टी को टारगेट किया. जो हमारे सिद्धांतों के खिलाफ था. हमने उनको फोन करके भी कहा कि यह गलत है, हम अराजनैतिक लोग हैं."

चौहान ने ये भी कह दिया कि अगर राकेश टिकैत और नरेश टिकैत उनके साथ आना चाहते हैं तो स्वागत है. लेकिन वे महात्मा टिकैत के सिद्धांतों के साथ आएं. उन्होंने टिकैत भाइयों पर आरोप लगाया कि वे विपक्ष का चेहरा बनकर संगठन को गिरवी रखने का काम कर रहे हैं.

राकेश टिकैत का जवाब

इधर, बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने संगठन से लोगों के अलग होने पर कहा कि इसके पीछे सरकार का हाथ है. उन्होंने कहा कि जिस तरीके से जनवरी 2021 में कुछ लोगों ने सरेंडर किया था, उसी तरह आज भी लोगों ने सरकार के सामने सरेंडर कर दिया है. राकेश टिकैत ने कहा,

"पहले भी हमारे संगठन से कई सारे लोग बाहर जा चुके हैं. उत्तर प्रदेश में ही भारतीय किसान यूनियन से टूटकर 8 से 10 संगठन बन चुके हैं. जिनकी आस्था नहीं है वह बाहर जाने को स्वतंत्र हैं. मैं उनसे बात करने के लिए कल लखनऊ गया था. उन्होंने मुझसे कहा कि वे कहीं नहीं जा रहे हैं. लेकिन कोई बड़ी मजबूरी रही होगी तभी ये लोग छोड़ के गए हैं. सरकार की तरफ से दबाव बहुत ज्यादा है."

टिकैत ने यह भी कहा कि लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन का जो कार्यालय है वह अलॉटमेंट राजेश चौहान के नाम से है. उन्होंने कहा कि किसी तरीके से उस पर एक से दो करोड़ रुपए का बिल बन गया था और लगता है सरकार ने नोटिस से डरा दिया.

कृषि कानून: सुप्रीम कोर्ट ने किसान आंदोलन को लेकर रिपोर्ट में क्या बताया?

Advertisement

Advertisement

()