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फेरों से ठीक पहले प्रेमी संग दुल्हन चली गई, 13 दिन मंडप में बैठा रहा दूल्हा और फिर...

शेरवानी पहने 13 दिन बैठा रहा दूल्हा

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13 दिनों तक बारात दुल्हन के घर में रुकी रही | फोटो: आजतक
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अभय शर्मा
29 मई 2023 (अपडेटेड: 29 मई 2023, 03:54 PM IST)
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राजस्थान (Rajasthans) का पाली (Pali) जिला. यहां की एक शादी चर्चा में है. इस शादी के लिए दूल्हे को 13 दिन तक मंडप में इंतजार करना पड़ा. वजह थी शादी वाले दिन दुल्हन का अपने प्रेमी के साथ चला जाना. दूल्हा 200 बारातियों के साथ आया था, सो जिद पर अड़ गया कि बिना शादी के दुल्हल के दरवाजे से वापस नहीं जाएगा. वो सेहरा और शेरवानी में लड़की के घर में जमकर बैठ गया. बोला- चाहें जो हो जाए, यहां से हिलूंगा नहीं. फिर क्या हुआ और कैसे दुल्हन वापस आई? आगे सब कुछ जानते हैं.

जब दुल्हन ने बहाना बनाया

आजतक से जुड़े भारत भूषण जोशी की एक रिपोर्ट के मुताबिक ये मामला पाली जिले के बाली उपखंड का है. यहां के सैणा गांव में रहने वाले एक शख्स की बेटी मनीषा की शादी थी. उसका रिश्ता सिरोही जिले के मणादर गांव निवासी श्रवण कुमार के साथ तय हुआ था. तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार दूल्हा श्रवण बारातियों के साथ 3 मई को सेगा गांव पहुंचा. सब कुछ ठीक चल रहा था. 4 मई की सुबह फेरों से पहले सुबह छह बजे पंडित जी ने फेरों की रस्म के लिए दुल्हन को मंडप में भेजने के लिए कहा. घरवालों ने बताया कि दुल्हन की तबीयत खराब है और उसे आने में थोड़ा समय लगेगा.

आजतक को दुल्हन के पिता ने बताया कि पेट दर्द और उल्टी होने की बात कहकर मनीषा मकान के पीछे बनी पानी की एक टंकी के पास जा पहुंची. वहां पहले से भरत कुमार मौजूद था, जो दूर के रिश्ते में उसका चचेरा भाई लगता है. मनीषा उसी के साथ चली गई. काफी देर तक मनीषा वापस नहीं लौटी तो उसकी मौसी ने बाहर जाकर देखा. घरवालों ने काफी देर तक मनीषा को ढूंढा, लेकिन उसका कोई पता नहीं लगा.

जब दूल्हे को सच बताया गया…

दूल्हे श्रवण को जब ये बात बताई गई तो वो जिद पर अड़ गए कि मनीषा से शादी किए बिना वो कहीं नहीं जाएंगे. काफी समय बीत गया, लेकिन श्रवण नहीं माने. दुल्हन के इंतजार में उन्होंने अपनी पगड़ी भी नहीं उतारी और मंडप में ही बैठे रहे.

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फोटो: आजतक

दूल्हे की जिद देख मनीषा के पिता ने एक बड़ा फैसला लिया. उन्होंने कहा कि वो हर हाल में अपनी बेटी को ढूंढकर वापस लाएंगे और श्रवण के साथ ही उसकी शादी करवाएंगे. उनके घर के आंगन में मंडप सजा रहा. कई दिनों तक खोजने के बाद पता लगा कि मनीषा अपने प्रेमी के साथ गुजरात में है. पता लगने के बाद 15 मई को मनीषा को उसके पिता गुजरात से वापस लेकर आए. इंतजार कर रहे दूल्हे के साथ 16 मई को मनीषा ने सात फेरे लिए और फिर उसके साथ विदा हो गई.

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