राजस्थान (Rajasthan) के करौली (Karauli) में हुई हिंसा के बाद FIR लिखी गई है. इसFIR में पुलिस ने शोभा यात्रा पर हमले को सुनियोजित साजिश बताया है. बता दें कि येFIR करौली हिंसा में घायल कोतवाली थाने के एसएचओ रामेश्वर दयाल मीणा की ओर से लिखाईगई है. FIR में रामेश्वर मीणा ने कहा है, नव संवत्सर के अवसर पर आयोजित की गई हिंदूसंगठनों की रैली पुलिस की सुरक्षा में शांतिपूर्ण तरीके से चल रही थी, तभी अचानक सेमस्जिद और मुस्लिम घरों की छतों से पत्थरों की बारिश शुरू हो गई. पुलिस ने बीच बचावकिया मगर मुस्लिम समाज के लोग लाठी डंडे लेकर आ गए और रैली में मौजूद भीड़ पर हमलाबोल दिया, जिसके बाद बवाल बढ़ गया. पुलिस ने ये भी बताया है कि अनुमति मिलने के बादही यात्रा निकल रही थी, पर कुछ लोगों ने योजना बनाकर पुलिस की मौजूदगी में इस परहमला कर दिया. हिंसा को नियंत्रित करने में 6 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.आजतक के शरत कुमार के मुताबिक, इस घटना के दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है,जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग हाथों में डंडे और लाठी लिए दिख रहे हैं. इस वीडियोमें साफ दिख रहा है कि शोभायात्रा पर हमला करने की तैयारी पहले से की गई थी.करौली में मंगलवार को लगा कर्फ्यू और तैनात पुलिस (फोटो: आजतक)कितने लोग हुए गिरफ्तार? पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जानबूझकर कर सुनियोजित ढंगसे हमला करने के आरोप में एक निर्दलीय पार्षद समेत 12 मुस्लिमों और 8 हिंदुओं कोगिरफ्तार किया गया है. इनमें से 7 लोगों को मंगलवार 5 मार्च को कोर्ट में पेश कियागया. जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया. और बाकी 13 आरोपी पहले सेही दो दिन की पुलिस रिमांड पर हैं. दंगे पर राजनीति करौली में हुई हिंसा पर राजनीतिभी अपने तरीके से चल रही है. 5 मार्च को करौली में कांग्रेस और भाजपा की टीमेंहिंसा की जांच करने पहुंची. दोनों पार्टियों के नेताओं ने एक-दूसरे पर तुष्टीकरण कीराजनीति करने के आरोप जमकर लगाए.बीजेपी नेता और राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने आरोप लगाते हुएकहा, घटना को योजना बनाकर अंजाम दिया गया है, घरों की छत पर पहले से पत्थर जमा करकेरखे गये थे. पुलिस और प्रशासन ने इलाके का ड्रोन से सर्वे क्यों नहीं किया. पुलिसने रैली के रूट का भी सर्वे नहीं किया. पुलिस फोर्स 45 मिनट बाद घटनास्थल परपहुंची. इंटेलिजेंस रिपोर्ट भी नहीं दी गई. राजेंद्र राठौड़ ने आरोप लगाया कि पीएफआई(Popular Front Of India) के साथ राजस्थान सरकार का गठजोड़ सामने आ रहा है. कहा किइससे ये साबित हो गया है कि प्रदेश सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है.करौली हिंसा में दर्ज की गई FIR की कॉपी (फोटो: आजतक)उधर, राजस्थान अल्पसंख्यक बोर्ड के अध्यक्ष रफीक खान ने भाजपा पर पलटवार करते हुएकहा, राजेंद्र राठौर तुष्टीकरण की बात करते हैं, भाजपा खुद धर्म और जात-पात कीराजनीति करती है, पूरे प्रदेश में माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है..जिस बातका उदाहरण दिया जाता है कि भगवान श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम थे, उन्होंने मर्यादातोड़ना नहीं सिखाया, उन्होंने तो मर्यादा के अंदर रहना सिखाया. भगवान श्री राम नेरावण से युद्ध किया और रावण का अंत हुआ. लेकिन, ये लोग रावण बनकर आम आदमी के साथलड़ना चाहते हैं. कांग्रेस पार्टी और हमारे मुख्यमंत्री की सोच है कि हम 36 कौम कोसाथ लेकर चलें. हम कभी डिवाइड एंड रूल में विश्वास नहीं रखते. मुख्यमंत्री अशोकगहलोत मैदान में डटे हुए हैं कोई माहौल खराब नहीं होगा.करौली में रफीक खान एक मीटिंग में बोलते हुए (फोटो: आजतक)बता दें, राजस्थान के करौली में शनिवार, 2 अप्रैल को हिन्दू नववर्ष (नव संवत्सर) केदौरान कुछ हिंदू संगठनों द्वारा बाइक रैली निकाली जा रही थी. आरोप है कि इसी दौरानकुछ शरारती तत्वों ने रैली पर पथराव कर दिया. इसके बाद हिंसा फैल गई. हिंसा केदौरान उपद्रवियों ने कुछ दुकानों और वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया. करौली मेंकरीब आधा दर्जन दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है.