The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Rajasthan govt to probe hiring process of three lakh employees amid fake degrees racket

राजस्थान के 3 लाख सरकारी कर्मचारियों की नींद उड़ना तय, फेक डिग्री कांड पर सरकार का बड़ा एक्शन

राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने हाल ही में एक यूनिवर्सिटी में रेड मारी थी. पुलिस जांच में सामने आया कि यूनिवर्सिटी फेक सर्टिफिकेट और पीछे की तारीख की डिग्री जारी करने का काम करती है.

Advertisement
Rajasthan govt to probe hiring process of three lakh employees amid fake degrees racket
पुलिस की पड़ताल में पता चला कि यूनिवर्सिटी अब तक कुल 43 हजार फर्जी डिग्रियां बांट चुकी है. (फोटो- PTI)
pic
प्रशांत सिंह
12 जुलाई 2024 (पब्लिश्ड: 07:23 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

राजस्थान सरकार ने फेक डिग्री रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद राज्य के 3 लाख सरकारी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया की जांच करने का फैसला किया है (Rajasthan govt probe employees). ये आदेश पिछले पांच सालों में हुई भर्तियों पर लागू किया जाएगा.

राज्य की भजन लाल शर्मा सरकार ने फर्जी डॉक्यूमेंट्स के जरिए नौकरी पाने के मामले सामने आने के बाद ये फैसला लिया है. इंडिया टुडे में छपी शरत कुमार और अभिषेक डे की रिपोर्ट में बताया गया कि राज्य में PTI से लेकर सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षाओं में कथित धोखाधड़ी की खबरें सामने आई हैं.

इतना ही नहीं, रिपोर्ट में ये भी जानकारी सामने आई है कि सैकड़ों कैंडिडेट्स को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित नौकरियां मिल गईं. ऐसा परीक्षा में डमी कैंडिडेट का इस्तेमाल करके किया गया. एक सरकारी आदेश में बताया गया,

Embed

रिपोर्ट के मुताबिक फर्जी डिग्री और डॉक्यूमेंट्स का ये मामला राजस्थान स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड की जांच के बाद सामने आया. बोर्ड PTI भर्ती परीक्षा में सेलेक्ट हुए कैंडिडेट्स के डॉक्यूमेंट्स की जांच कर रहा था. बोर्ड ने पाया कि 80 से ज्यादा सेलेक्ट हुए कैंडिडेट्स की डिग्री फर्जी थी. इनमें से 60 सर्टिफिकेट चुरू स्थित ओम प्रकाश जोगेंदर सिंह (OPJS) यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किए गए थे.

जानकारी के मुताबिक राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने हाल ही में यूनिवर्सिटी में रेड मारी थी. पुलिस जांच में सामने आया कि यूनिवर्सिटी फेक सर्टिफिकेट और पीछे की तारीख की डिग्री (backdated degrees) जारी करने का काम करती है. यूनिवर्सिटी का स्टाफ मात्र सात लोगों का पाया गया. यही नहीं, पुलिस की पड़ताल में पता चला कि यूनिवर्सिटी अब तक कुल 43 हजार फर्जी डिग्रियां बांट चुकी है. इनमें से ज्यादातर छात्र जम्मू-कश्मीर और दक्षिण भारत के राज्यों के थे.

फर्जी डिग्री जारी करने के आरोप में पुलिस ने 5 जुलाई को यूनिवर्सिटी के फाउंडर जोगिंदर सिंह दलाल और पूर्व चेयरपर्सन सरिता करवासरा को गिरफ्तार कर लिया था. इन दोनों के साथ-साथ पुलिस ने यूनिवर्सिटी के पूर्व रजिस्ट्रार जितेंद्र यादव को इस मामले में गिरफ्तार किया है.

वीडियो: PM मोदी की डिग्री पर टिप्पणी का मामला, संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने क्या 'झटका' दिया?

Advertisement

Advertisement

()