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धोरों की बेटी मेजर दीपिका ने दूसरी बार चूमा माउंट एवरेस्ट

सलाम! दीपिका उस जगह से आती हैं, जहां ज्यादातर लोग अपनी बच्चियों को 5वीं क्लास से आगे पढ़ने नहीं देते हैं.

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23 मई 2016 (अपडेटेड: 23 मई 2016, 01:48 PM IST)
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राजस्थान की बेटी. यह शब्द सुनते ही ज्यादातर लोगों के ज़ेहन में घूंघट ओढ़े, घाघरा पहने, घड़ा लिए और कंधों तक चूड़ा पहने हुए एक सुंदर सी लड़की की तस्वीर उभर आती है. पर बता दें कि यह तस्वीर अब पुरानी हो गई है. राजस्थान की बेटियां अब चूड़ियों के साथ चुनौतियां भी संभाल रही हैं. धोरों के किनारे बसा है राजस्थान का नागौर जिला. वहीं है एक छोटा सा गांव भवादिया. वहां की लड़की मेजर दीपिका राठौड़ ने दूसरी बार माउंट एवरेस्ट पर फतेह पा ली है. दीपिका राजस्थान की पहली और इंडियन आर्मी की इकलौती महिला हैं, जिनने ये कीर्तिमान रचा है. दीपिका इससे पहले मई 2012 में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ चुकी हैं. प्रेसिडेंट से सम्मान भी मिल चुका है.
दीपिका उस एरिया से आती है, जहां बेटियों को स्कूल नहीं भेजा जाता है. अगर कोई भेजता भी है तो पांचवीं या आठवीं तक पढ़ाने की औपचारिकता निभाकर इतिश्री कर लेता है. लेकिन दीपिका ने ना सिर्फ आगे पढ़ाई की बल्कि भारतीय सेना ज्वॉइन करने के साथ दो बार एवरेस्ट पे चढ़के जीत का झंडा भी लहरा दिया.
दीपिका के नाना आर्मी में थे. वो जब छोटी थीं तो अपने नाना को फौजी कपड़ों में देखकर एक्साइटेड होती थीं. फिर स्कूल कॉलेज के दिनों में एनसीसी से जुड़ गईं. शांत रहने वाली मम्मी पापा की प्यारी दुलारी दीपिका शुरू से ही सेना से जुड़ने के सपने देखने लगी थी. दीपिका के पति जितेन्द्र सिंह शेखावत मर्चेंट नेवी में सेकंड इंजीनियर हैं. जितेंद्र ने इस बारे में कहा, 'दीपिका और उनके टीम लीडर कर्नल गौरव कार्की ने शनिवार को 10.45 बजे एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराया. चार अप्रैल को जीरी गांव से शुरू हुए इस ट्रैक में उनके साथ दो-दो लड़कियां लेह, उत्तराखंड और मणिपुर से थीं. इसके अलावा एक-एक लड़की दार्जिलिंग और मिजोरम से थी. दीपिका के पिता गणपत सिंह राठौड़ ने बताया कि उनकी बेटी दो बार एवरेस्ट चढ़ने वाली राजस्थान की पहली महिला है. उन्होंने कहा कि मुझे उस पर गर्व है, उसने अपने परिवार और राजस्थान का गौरव बढ़ाया है.
(ये स्टोरी दी लल्लनटॉप के साथ काम कर रहे सुमेर सिंह राठौड़ ने लिखी है.)  

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