'देशद्रोही हो, आपने मणिपुर में भारत माता की हत्या की', मोदी सरकार पर राहुल का सबसे बड़ा हमला
राहुल गांधी ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात रखी, बड़े आरोप लगाए, बोलते ही खूब हंगामा हुआ

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात रखी. राहुल ने मणिपुर के मुद्दे पर पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा. राहुल ने कहा कि पीएम मणिपुर नहीं गए, क्योंकि उनके लिए मणिपुर भारत में नहीं है. राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या कर दी, उसे दो हिस्सों में बांट दिया और तोड़ डाला (Parliament No-Confidence Motion Rahul gandhi Speech).
'आप भारत माता के हत्यारे हो'राहुल गांधी ने अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात रखते हुए कहा,
मणिपुर में जब राहुल दो महिलाओं से मिले‘मैंने अपने भाषण की शुरुआत में बोला कि भारत एक आवाज है. भारत हमारी जनता की आवाज है. दिल की आवाज है. उस आवाज की हत्या आपने (सरकार ने) मणिपुर में की. इसका मतलब आपने भारत माता की हत्या मणिपुर में की. आपने मणिपुर के लोगों को मारकर भारत माता की हत्या की. आप देशद्रोही हो. आप द्रेशप्रेमी नहीं हो. आपके पीएम मणिपुर में नहीं जा सकते हैं, क्योंकि उन्होंने हिंदुस्तान की हत्या की है. भारत माता की हत्या की है. आप भारत माता के रखवाले नहीं हो, आप भारत माता के हत्यारे हो.’
लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने अपनी मणिपुर यात्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा,
‘कुछ दिन पहले मैं मणिपुर गया था. लेकिन हमारे पीएम नहीं गए. उन्होंने मणिपुर को दो भागों में बांट दिया है. तोड़ दिया है. मैं राहत शिविरों में गया हूं, मैंने वहां महिलाओं से बात की. एक महिला से पूछा कि क्या हुआ आपके साथ. उन्होंने कहा कि उनके इकलौते बेटे को उनकी आंखों के सामने गोली मारी गई. मैं पूरी रात उसकी लाश के साथ लेटी रही. फिर मुझे डर लगा, मैंने अपना घर छोड़ दिया.’
राहुल ने आगे बताया कि जब उन्होंने उस महिला से पूछा कि कुछ तो लाई होगी अपने साथ, तो महिला ने कहा कि उनके पास सिर्फ उनके कपड़े हैं. महिला ने एक फोटो दिखाते हुए कहा कि अब बस यही बची है.
राहुल गांधी ने मणिपुर का एक और उदाहरण भी दिया. उन्होंने बताया,
'मैंने अडानी पर बोला, सीनियर नेता को कष्ट हुआ'‘मणिपुर में एक अन्य कैंप में एक महिला मेरे पास आई. मैंने उनसे पूछा, तुम्हारे साथ क्या हुआ? जैसे ही मैंने उनसे ये सवाल पूछा, वैसे ही एक सेकंड में वह कांपने लगीं. उनके दिमाग में वो घटना आई और वो मेरे सामने बेहोश हो गईं. मैंने ये सिर्फ दो उदाहरण दिए हैं.’
राहुल गांधी ने कहा,
भारत जोड़ो यात्रा का मकसद कब पता चला?‘स्पीकर महोदय मैं आपसे माफी मांगना चाहता हूं. मैंने पिछली बार अडानी के मुद्दे पर जोर से बोला था. उससे सीनियर नेता को कष्ट हुआ. लेकिन, उन्हें अब डरने की जरूरत नहीं है. कोई घबराने की जरूरत नहीं है. आज मैं अडानी पर नहीं बोलूंगा. मेरा भाषण आज दूसरी दिशा में जा रहा है. जो शब्द दिल से आते हैं, वो शब्द दिल में जाते हैं. तो आज मैं दिमाग से नहीं, दिल से बोलना चाहता हूं और मैं आप लोगों पर इतना आक्रमण नहीं करूंगा. एक दो गोले जरूर मारूंगा, लेकिन इतने नहीं मारूंगा. आप लोग रिलेक्स कर सकते हैं.’
संसद में बोलते हुए राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के अपने कई अनुभव भी साझा किए.
उन्होंने कहा,
'मेरा अहंकार भेड़िया से चींटी बन गया''बहुत सारे लोगों ने मुझसे पूछा कि तुम क्यों चल रहे हो? तुम्हारा मकसद क्या है? तुम कन्याकुमारी से कश्मीर तक क्यों जा रहे हो. शुरुआत में मेरे मुंह से जवाब नहीं निकलता था. शायद मुझे ही नहीं मालूम था कि मैं क्यों यात्रा कर रहा हूं. मैं लोगों को जानना चाहता था, उन्हें समझना चाहता था. थोड़ी देर में मुझे बात समझ आने लगी. जिस चीज के लिए मैं मरने को तैयार, जिस चीज के लिए मोदी की जेलों में जाने के लिए तैयार, जिस चीज को मैंने हर रोज गाली खाई, उस चीज को मैं समझना चाहता था. ये है क्या? जिसने मेरे दिल को इतनी मजबूती से पकड़ रखा था, उसे समझना चाहता था.'
आगे बोले,
राहुल ने किसान की कहानी सुनाई‘भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मैं हर रोज 8-10 किलोमीटर चलता था. तो सोचता था कि मैं 20-25 किलोमीटर चल सकता हूं. मुझे अहंकार था. लेकिन, भारत अहंकार को सेकेंड में मिटा देता है. दो तीन दिन में ही मेरे घुटनों में इतना दर्द हुआ कि मेरा अहंकार निकल गया. मेरा अहंकार भेड़िया से चींटी बन गया.’
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने एक किसान की कहानी सुनाते हुए बताया,
‘यात्रा के दौरान एक किसान ने रुई का बंडल दिया. उसने कहा कि उसके पास बस यही बचा है. बाकी कुछ नहीं बचा. मैंने उस किसान से पूछा कि उसे बीमा का पैसा मिला? उसने कहा, नहीं...भारत के बड़े उद्योगपतियों ने उसे छीन लिया. मैंने अजीब सी चीज देखी. उसके दिल में जो दर्द था, वो दर्द मैंने महसूस किया. उसका दर्द मेरा दर्द बन गया.’
राहुल गांधी ने सदन में ये भी कहा कि देश में कई भाषाएं हैं, कई धर्म हैं, मगर सच्चाई ये है कि देश सिर्फ एक आवाज है. यहां दर्द है, दुख है और कठिनाई भी है. उनके मुताबिक अगर इस आवाज को सुनना है, तो अहंकार को किनारे करना पड़ेगा. तभी वो आवाज सुनाई देगी.
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