BJP नेता ने की कतर फीफा वर्ल्ड कप के बॉयकॉट की अपील, कहा- आतंकियों को बुलाया...
कतर में फीफा वर्ल्ड कप शुरू हुए दो दिन हो चुके हैं.

दो दिन पहले कतर में शुरू हुए FIFA वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) को लेकर भारत में 'बॉयकॉट अभियान' शुरू हो गया है. वजह बने हैं विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक (Zakir Naik). दरअसल, कतर (Qatar) ने फीफा वर्ल्ड कप में लेक्चर के लिए जाकिर नाइक को आमंत्रित किया. इस पर बीजेपी प्रवक्ता सेवियो रोड्रिग्स ने भारत सरकार, इंडियन फुटबॉल एसोसिएशन और कतर जा रहे भारतीयों से वर्ल्ड कप का बहिष्कार करने की अपील की है.
'जाकिर नाइक आतंकी से कम नहीं'जाकिर नाइक को भारत सरकार ने भगोड़ा घोषित कर रखा है. नाइक के संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को भी बैन कर दिया गया था. संगठन पर दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने और लोगों को भड़काने का आरोप लगा था. जाकिर नाइक पर लोगों के जबरन धर्मांतरण का भी आरोप है.
बीजेपी नेता सेवियो रोड्रिग्स ने एक बयान में कहा कि जब दुनिया आतंकवाद के खिलाफ लड़ रही है, उस दौरान जाकिर नाइक को प्लेटफॉर्म देना 'आतंकियों के हमदर्द' को घृणा फैलाने का स्पेस देना है. बीजेपी नेता ने कहा,
सोशल मीडिया पर भी कई लोग ने जाकिर नाइक को आमंत्रित किए जाने के खिलाफ ‘#BoycottQatar2022’ अभियान चला रहे हैं.
जाकिर का संगठन 5 साल के लिए बैनइस साल मार्च में केंद्र सरकार ने जाकिर नाइक के संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) को गैरकानूनी घोषित किया था और इसको 5 साल के लिए बैन कर दिया था. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तब कहा था कि जाकिर नाइक ने युवाओं को इस्लाम में जबरन धर्मांतरण के लिए भड़काया, आत्मघाती हमलों को सही ठहराया और हिंदुओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की. सरकार के मुताबिक, IRF की गैरकानूनी गतिविधियां गुजरात, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, केरल, महाराष्ट्र और ओडिशा में देखी गई थीं.
मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के बाद साल 2017 से जाकिर नाइक मलेशिया में रह रहा है. मलेशिया में उसे स्थायी नागरिकता मिली हुई है. हालांकि, मलेशिया सरकार ने भी 2020 में 'राष्ट्रीय सुरक्षा' के हित में नाइक के भाषण देने पर बैन लगा दिया था.
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