अमित शाह का नाम लेते ही नीतीश कुमार और प्रशांत किशोर में कुट्टी हो गई
और पीके अब JDU से बाहर.
Advertisement

बहुत धूमधाम से प्रशांत किशोर आये थे जदयू में. अब उतनी ही हुज्जत के बाद बाहर जा रहे हैं.
Quick AI Highlights
Click here to view more
बिहार. नीतीश कुमार. प्रशांत किशोर. दोस्ती कुछ पुरानी. फूट कुछ नई. नतीजा- अब प्रशांत किशोर को JDU ने पार्टी से बाहर कर दिया है. इससे ठीक पहले नीतीश कुमार से उनकी हो चुकी है बकझक. आखिर क्या है मामला?
लल्लनटॉप वीडियो : दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर पार लगाएंगे आम आदमी पार्टी की नैया
बिहार के मुख्यमंत्री और JDU अध्यक्ष नीतीश कुमार. उन्होंने पटना में मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर के बारे में टिप्पणी की. उन्होंने कहा,JD (U) expels its vice president Prashant Kishor from party: JD(U) statement
— Press Trust of India (@PTI_News) January 29, 2020
"अमित शाह जी ने मुझे प्रशांत किशोर को पार्टी में लेने के लिए कहा था. लेकिन पीके दूसरे तरह के लोगों के लिए अब चुनाव की रणनीति बना रहे हैं. इस समय वो आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहे हैं. उनकी इच्छा होगी किसी और जगह जाने की. वो जाने के लिए एकदम फ्री हैं."अमित शाह के कहने पर पीके JDU में आए, ये सुनने के बाद प्रशांत किशोर का मूड हो गया खराब. पहले ही नागरिकता संशोधन क़ानून और NRC पर JDU की ओर से बयान देकर चुप्पी तोड़ चुके थे. अब इस विवाद पर उन्होंने सीधे ट्विटर पर लिखा,
"नीतीश कुमार जी, आप किस स्तर तक गिर चुके हैं कि आपने मेरे JDU से जुड़ने के बारे में झूठ बोला है. ये आपकी तरफ से ओछा प्रयास है. आप मुझे भी अपने ही रंग में रंगना चाह रहे हैं. और अगर आप सच बोल रहे हैं, तो इस बात पर कौन भरोसा करेगा कि अमित शाह के कहने पर आपने जिसको पार्टी में जोड़ा, आप उसकी बात ही नहीं सुन रहे हैं."
प्रशांत किशोर अपनी कंपनी आई पैक के साथ कुछ पार्टियों के लिए चुनाव की प्लानिंग करते हैं. 2014 में बीजेपी के लिए काम करके चर्चा में आए पीके के ग्राहकों की सूची में JDU, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का नाम शामिल है. नीतीश कुमार ने 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव RJD के साथ मिलकर BJP के खिलाफ लड़ा था. उस समय पीके ने JDU की रणनीति बनाने और RJD के साथ सीट शेयरिंग करने के मामले में अहम भूमिका निभाई थी. सितम्बर 2018 में पीके को JDU का सदस्य बनाया गया और पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद भी दे दिया गया. तभी ये कयास लगाए जाने लगे कि नीतीश कुमार के बाद पीके JDU की कमान संभालेंगे. लेकिन नहीं. बीते कुछ महीनों से पीके और JDU के अन्य नेताओं में फूट देखने को मिली थी. प्रशांत किशोर के बयान के बाद ही नीतीश कुमार ने साफ़ कर दिया था कि अगर पीके JDU के साथ रहना चाहते हैं, तो उन्हें पार्टी के मूलभूत ढांचे के साथ काम करना होगा. नीतीश ने सिर्फ पीके पर ही निशाना नहीं साधा था. पार्टी के दूसरे बड़े नेता और राजनयिक रह चुके पवन वर्मा के बारे में नीतीश ने कहा, 'किसी ने लेटर लिखा है, तो मैंने उसका जवाब भी दे दिया है...लोगों का पार्टी में जब तक रहने का मन है, वे पार्टी में रह सकते हैं. वो जब भी चाहें, तो छोड़कर जा सकते हैं.' अब सबकुछ के बाद प्रशांत किशोर ने भरे मन से नीतीश कुमार का शुक्रिया भी अदा किया है. ट्विटर पर लिखा..@NitishKumar what a fall for you to lie about how and why you made me join JDU!! Poor attempt on your part to try and make my colour same as yours!
And if you are telling the truth who would believe that you still have courage not to listen to someone recommended by @AmitShah? — Prashant Kishor (@PrashantKishor) January 28, 2020
Thank you @NitishKumar. My best wishes to you to retain the chair of Chief Minister of Bihar. God bless you.🙏🏼
— Prashant Kishor (@PrashantKishor) January 29, 2020
लल्लनटॉप वीडियो : दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर पार लगाएंगे आम आदमी पार्टी की नैया

