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PM मोदी ने मोहम्मद यूनुस को लिखी चिट्ठी, बांग्लादेश को 1971 की बातें याद दिलाईं

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 1971 Liberation War का भी जिक्र किया. 1971 में भारत के सैन्य सहयोग की मदद से बांग्लादेश एक स्वतंत्र देश बना. उससे पहले वो पाकिस्तान का हिस्सा था.

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Narendra Modi and Muhammad Yunus
बांग्लादेश 26 मार्च को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे/AFP)
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शिवानी शर्मा
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27 मार्च 2025 (Updated: 27 मार्च 2025, 11:45 AM IST)
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बांग्लादेश के 'स्वतंत्रता दिवस' के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने वहां की सरकार के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) को एक चिट्ठी लिखी. प्रधानमंत्री ने 1971 के मुक्ति संग्राम (लिबरेशन वॉर) का जिक्र किया. उन्होंने लिखा कि मुक्ति संग्राम की बदौलत भारत और बांग्लादेश के बीच मजबूत और स्थायी संबंधों की नींव पड़ी.

इसके अलावा पीएम मोदी ने ये भी कहा कि भारत, बाग्लादेश के साथ अपने संबंंधों को मजबूत करने के लिए तैयार है. हालांकि, उन्होंने एक और बात पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे के हितों और चिंताओं का भी ध्यान रखना चाहिए. प्रधानमंत्री ने लिखा,

ये दिन हमारे साझा इतिहास और बलिदानों का प्रमाण है. इसने हमारी द्विपक्षीय साझेदारी की नींव रखी है. बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम की भावना आज भी हमारे रिश्ते के लिए एक प्रेरणा बनी हुई है. इस भावना के साथ हमारा आपसी संबंध कई क्षेत्रों में मजबूत हुआ है. इससे दोनों देशों के लोगों को लाभ मिला है.

उन्होंने आगे कहा,

हम इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं. हमारा मकसद शांति, स्थिरता और तरक्की है. हम एक-दूसरे की बातों, जरूरतों और चिंताओं का ध्यान रखते हुए साथ मिलकर काम करना चाहते हैं.

राष्ट्रपति ने भी दी शुभकामनाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शाहबुद्दीन को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने एक लोकतांत्रिक और तरक्की पसंद बांग्लादेश के लिए नए भारत का समर्थन दोहराया. उन्होंने कहा,

भारत और बांग्लादेश के रिश्ते कई पहलुओं से जुड़े हुए हैं. जैसे- व्यापार, कनेक्टिविटी, बिजली और ऊर्जा, शिक्षा, ट्रेनिंग, सांस्कृतिक सहयोग और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव.

ये भी पढ़ें: बांग्लादेश की स्कूली किताबों से शेख हसीना गायब, भारत के योगदान को भी सीमित करके दिखाया

बांग्लादेश का स्वतंत्रता दिवस

1971 में भारत के सैन्य सहयोग की मदद से बांग्लादेश एक स्वतंत्र देश बना. उससे पहले वो पाकिस्तान का हिस्सा था. भारत की सेना ने पाकिस्तानी सेना से लड़ाई लड़ी. 16 दिसंबर, 1971 को ढाका में पाकिस्तान की हार हुई. पाकिस्तान की पूर्वी सेना के कमांडर जनरल एएके नियाजी ने आत्मसमर्पण के कागजों पर हस्ताक्षर किए. इसके साथ ही करीब 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना और मुक्ति वाहिनी के सामने सरेंडर कर दिया. 

26 मार्च, 1971 की सुबह शेख मुजीबुर्रहमान ने बांग्लादेश के एक स्वतंत्र राष्ट्र होने की घोषणा की. इसके बाद से हर साल 26 मार्च को ये देश अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है. 

पिछले साल बांग्लादेश में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए. इसके बाद अगस्त महीने में उनको देश छोड़ना पड़ा. वहां एक अंतरिम सरकार बनाई गई है. मोहम्मद यूनुस सरकार के मुख्य सलाहकार हैं. 

वीडियो: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा, 'अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को वापस भेजने की जगह हिरासत में क्यों रखा जा रहा'

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