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PM मोदी की डिग्री सार्वजनिक होगी? CM केजरीवाल की समीक्षा याचिका पर फैसला आ गया

PM मोदी की डिग्री मामले में गुजरात हाई कोर्ट ने इसी साल मार्च में अपना फैसला सुनाया था. कोर्ट ने कहा था कि PM की डिग्रियां सार्वजनिक किए जाने की जरूरत नहीं है. इस फैसले पर CM केजरीवाल ने समीक्षा याचिका दायर की थी.

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9 नवंबर 2023 (पब्लिश्ड: 09:02 PM IST)
Kejriwal review petition on PM Modi degree row
PM मोदी की डिग्री को लेकर CM केजरीवाल की याचिका खारिज (फाइल फोटो: PTI)
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री मामले (PM Modi Degree row) में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की समीक्षा याचिका खारिज कर दी गई है. CM केजरीवाल ने गुजरात हाई कोर्ट के इस साल मार्च में दिए फैसले पर समीक्षा याचिका दायर की थी. हाई कोर्ट ने तब कहा था कि PM मोदी की डिग्रियां सार्वजनिक किए जाने की जरूरत नहीं है. कोर्ट के इस फैसले पर केजरीवाल ने जो समीक्षा याचिका दायर की थी, उस पर 9 नवंबर को गुजरात हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया.

पूरे मामले पर एक नज़र

दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल चाहते थे कि PM मोदी की डिग्रियां सार्वजनिक की जाएं. केजरीवाल की अपील पर केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने साल 2016 में प्रधानमंत्री कार्यालय, गुजरात यूनिवर्सिटी और दिल्ली यूनिवर्सिटी को PM मोदी की डिग्रियों की जानकारी देने को कहा था.

CIC के इस आदेश पर गुजरात यूनिवर्सिटी ने 4 मई, 2016 को हाई कोर्ट में अपील की थी. यूनिवर्सिटी ने गुजरात हाई कोर्ट से कहा था कि CIC का आदेश गलत है और इसे रद्द कर दिया जाना चाहिए. कहा गया था कि CIC ने बिना गुजरात यूनिवर्सिटी की सुने आदेश दे दिया. यूनिवर्सिटी ने ये भी कहा था कि CIC का अधिकार क्षेत्र केंद्र सरकार के अधीन सार्वजनिक प्राधिकरणों तक है और गुजरात यूनिवर्सिटी इस अधिकार क्षेत्र में नहीं आती है. हाई कोर्ट ने गुजरात यूनिवर्सिटी की अपील को मंजूरी दे दी थी. 

खारिज किया था CIC का आदेश

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च, 2023 को गुजरात हाई कोर्ट ने PM मोदी की डिग्री उपलब्ध कराने का CIC का आदेश खारिज कर दिया था. इसके अलावा कोर्ट ने RTI एक्ट का मजाक बनाने के लिए CM केजरीवाल पर 25 हजार का जुर्माना भी लगाया था.

यहां पढ़ें- पीएम मोदी की डिग्री नहीं दिखाना चाहती थी यूनिवर्सिटी, हाईकोर्ट गई और जीत भी गई

इस पर CM केजरीवाल ने X पर अपना विरोध जताते हुए सवाल किया था,

"क्या देश को ये जानने का भी अधिकार नहीं है कि उनके PM कितना पढ़े हैं? कोर्ट में इन्होंने डिग्री दिखाए जाने का जबरदस्त विरोध किया. क्यों? और उनकी डिग्री देखने की मांग करने वालों पर जुर्माना लगा दिया जाएगा? ये क्या हो रहा है?"

रिव्यू पिटिशन में क्या दलीलें दी गईं?

गुजरात हाई कोर्ट के इस आदेश पर CM केजरीवाल की ओर से रिव्यू पिटिशन यानी समीक्षा याचिका दायर की गई थी. सुनवाई में CM केजरीवाल की ओर से पेश हुए सीनियर वकील पर्सी कविना ने कहा था कि कोर्ट ने इस मामले में कुछ टिप्पणियां करने में गलती की है. खासकर, वो टिप्पणियां जिनमें केजरीवाल के आचरण की आलोचना की गई थी. केजरीवाल के वकील ने कोर्ट के इस फैसले पर भी सवाल उठाया था कि PM की डिग्री उपलब्ध कराने 'व्यापक सार्वजनिक हित' से कोई लेना-देना नहीं है.

वहीं गुजरात यूनिवर्सिटी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने मामले में कोर्ट के पहले के निष्कर्षों का बचाव किया था. साथ ही, तुषार मेहता ने कहा था कि केजरीवाल की समीक्षा याचिका बिना किसी कारण के विवाद को बनाए रखने की एक कोशिश है. कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 30 सितंबर को ही अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

वीडियो: PM मोदी की डिग्री पर वरिष्ठ पत्रकार शीला भट्ट ने क्या दावा कर चौंका दिया?

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