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प्रोफेसर का हाथ काटा, दूसरे धर्म के लोगों की हत्या की... PFI बैन का असली कारण सामने आया!

सरकार ने साफ-साफ बताया कि PFI पर बैन क्यों लगाया?

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ban on pfi govt notification
(बाएं) पीएफआई की एक रैली की पुरानी तस्वीर. (दाएं) सरकार का नोटिफिकेशन.
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दुष्यंत कुमार
28 सितंबर 2022 (अपडेटेड: 28 सितंबर 2022, 03:51 PM IST)
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पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर पांच साल का बैन लगा दिया गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में मंगलवार, 27 सितंबर को अधिसूचना जारी की थी. इसकी जानकारी बुधवार, 28 सितंबर की सुबह आई तो हंगामा मच गया. तब से एक ही सुर्खी की पट्टी न्यूज चैनलों की स्क्रीन पर तैर रही है- PFI के खिलाफ सरकार का सबसे बड़ा ऐक्शन.

केंद्र सरकार ने केवल PFI को बैन नहीं किया है, बल्कि इससे जुड़े कई संघटनों और संस्थाओं को भी ‘गैरकानूनी’ करार दिया है. इनके नाम हैं - 

रिहैब इंडिया फाउंडेशन (RIF) 

कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) 

ऑल इंडिया इमाम्स काउंसिल (AIIC) 

नेशनल कन्फिडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (NCHRO) 

नेशनल वीमन्स फ्रंट (NWF) 

जूनियर फ्रंट (JF) 

एम्पावर इंडिया फाउंडेशन (EIF)  

रिहैब फाउंडेशन केरल (RF).

PFI पर क्या कहती है सरकार की अधिसूचना?

अधिसूचना में गृह मंत्रालय ने PFI और सहयोगी संगठनों के लिए ‘Unlawful Association’ (अवैध संघ या गठजोड़) शब्द का इस्तेमाल कर इनकी गतिविधियों और भूमिकाओं पर गंभीर टिप्पणियां की हैं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), CBI और राज्यों की पुलिस की हालिया छापेमारी और जांच के आधार पर नोटिफिकेशन जारी करते हुए सरकार ने कहा है,

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PFI और इसके सहयोगी संगठनों के संबंध को “हब और स्पोक” जैसा बताते हुए मंत्रालय ने लिखा है,

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अधिसूचना कहती है कि PFI के कुछ संस्थापक स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) के नेता रहे हैं. जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) से भी PFI का संबंध है. ये दोनों प्रतिबंधित संगठन हैं. आगे लिखा है,

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इन वजहों के आधार पर सरकार ने लिखा है कि PFI के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA), 1967 के तहत ऐक्शन लेना जरूरी है. इसके लिए सरकार ने कुछ तथ्य सामने रखे. जैसे,

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इसके बाद सरकार ने कहा है कि अगर PFI पर तत्काल रोक या नियंत्रण नहीं लगाया गया तो ये संगठन और इसके सहयोगी इस मौके का इस्तेमाल,

- अपनी विध्वंसक गतिविधियों को जारी रखने में करेंगे, जिससे लोक व्यवस्था भंग होगी और राष्ट्र का संवैधानिक ढांचा कमजोर होगा.
- एक वर्ग विशेष के लोगों में देश के प्रति असंतोष पैदा करेंगे. इसके लिए उनमें राष्ट्र-विरोधी भावनाओं को भड़काने और कट्टरवाद के लिए उकसाने का काम करेंगे.
- देश की अखंडता, सुरक्षा और संप्रुभता के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों को और तेज करेंगे.

इन कारणों को ध्यान में रखते हुए सरकार का ये मत है

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इसके साथ ही 27 सितंबर, 2027 तक के लिए PFI को प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया गया.

PFI पर पांच साल का बैन लगा, सरकार ने कहा- ‘वर्ग विशेष का कट्टर बना रहा’ |

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