कटनी को हम ऐसे जानते थे कि रात में हमारी ट्रेन वहां जाकर खड़ी होती थी. कटनी को हमइस वजह से भी जानते थे कि कटनी का रेलवे प्लेटफॉर्म अतिशय गन्दा रहता था. हालांकिअब ये नहीं कहा जा सकता. बहुत कुछ बदला है. कटनी आजकल चर्चा में है. एक पुलिस वालेके कारण. पुलिसवाला छोटा-मोटा नहीं. एसपी वहां के. एसपी का नाम हुआ गौरव तिवारी.जिनके तबादले का पूरे कटनी शहर में जमकर विरोध हो रहा है. बिलकुल वैसा ही जैसा एसपीअमित कुमार का तबादला होते ही, तेजपुर में होने लगा था. संदर्भ: फिल्म गंगाजल.सोमवार शाम को गौरव तिवारी का तबादला होते ही कटनी में सोशल मीडिया में कैम्पेनशुरू हो गए. और मंगलवार की सुबह होते-होते तो कटनी सड़क पर उतर आया. पीएम को चिट्ठीभी लिख दी गई. सोमवार की शाम को भोपाल से देर शाम राज्य सरकार ने तीन आईपीएस अफसरोंकी बदली का कागज भिजवाया. उसी में कटनी के एसपी गौरव तिवारी भी थे. उनको छिंदवाड़ाभेजा जा रहा था.एसपी को गौरव को इतना जनसमर्थन क्यों मिल रहा है. हुआ ये कि गौरव तिवारी कटनी मेंलगभग पांच-छह सौ करोड़ रुपए के हवाला कारोबार जांच में लगे थे. ये गौरव ही हैं,जिन्होंने एक्सिस बैंक के हवाला घोटाले के खुलासे में बड़ा रोल निभाया है. बस 6महीने के काम में असर इतना हुआ था कि कटनी में छेड़छाड़ कम हो गई. औरतें सेफ फीलकरने लगीं. शायद यही वजह है कि जब उनका तबादला हुआ तो कुछ परिवारों ने आत्मदाह कीधमकी तक दे डाली.कटनी के सुभाष चौक का एक दृश्यसोशल मीडिया ऐसे अपडेट्स से भरा है.लोगों ने गौरव तिवारी के समर्थन में अपनी DP भी बदलकर काली कर ली है.कहा जा रहा है. राजनीतिक दवाब में तिवारी की बदली की गई है. गौरव तिवारी वो अफसरहैं, जिन्होंने बालाघाट में लकड़ी माफिया की नकेल कसी तो तब के कलेक्टर वी किरणगोपाल भी लपेटे में आ गए हैं. इतना ही नहीं एक बार उनके कारण एक आईजी भी नप गए थे.अब कटनी वालों को बड़ी मुश्किल से सलीके का अफसर मिला. खोना नहीं चाहते उसको. तोतबादले के खिलाफ सड़क पर आ गए.--------------------------------------------------------------------------------मोदी कांग्रेस के युवराज को कोसते रहे, भाजपा में ये कुंवर सा आ गयेशिवराज सिंह चौहान के जूते में पन्ना की किसी खदान के हीरे मढ़े हैं?गांधी जी की तस्वीर के साथ जान से मारने की धमकी