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पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पर महबूबा मुफ्ती का हमला, 'उन्होंने BJP का एजेंडा पूरा किया'

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि रामनाथ कोविंद के कार्यकाल में भारतीय संविधान को कई बार कुचला गया.

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25 जुलाई 2022 (अपडेटेड: 25 जुलाई 2022, 05:18 PM IST)
Mehbooba Mufti Ram Nath Kovind
PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (फाइल फोटो- PTI)
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जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कार्यकाल को लेकर सवाल उठाया है. रामनाथ कोविंद का कार्यकाल खत्म होते ही महबूबा मुफ्ती ने उन पर बीजेपी के राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने का आरोप लगाया. बतौर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल रविवार 24 जुलाई को खत्म हो गया. 25 जुलाई को द्रौपदी मुर्मू ने देश की 15वीं राष्ट्रपति पद की शपथ ली.

इसके बाद ही महबूबा मुफ्ती ने पूर्व राष्ट्रपति हुए रामनाथ कोविंद के कार्यकाल को लेकर एक ट्वीट किया. इसमें उन्होंने लिखा, 

"पूर्व राष्ट्रपति ने अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ी है जहां भारतीय संविधान को कई बार कुचला गया है. चाहे वह अनुच्छेद 370 को खत्म करना हो, CAA (नागरिकता संशोधन कानून) हो या अल्पसंख्यकों और दलितों पर होने वाले लगातार हो रहे हमले हों. उन्होंने भारतीय संविधान को ताक पर रख कर बीजेपी के राजनीतिक एजेंडे को पूरा किया."

BJP ने दिया जवाब

केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने महबूबा मुफ्ती के ट्वीट पर जवाब दिया है. रिजिजू ने समाचार एजेंसी ANI से कहा कि जब कोई बहुत ही गलत तरीके से बयान देता है तो उसे तवज्जो नहीं देनी चाहिए क्योंकि किसी भी चीज की एक गरिमा होती है.

बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने महबूबा मुफ्ती के बयान को आपत्तिजनक बताया. उन्होंने संसद परिसर में ANI से कहा, 

"एक पूर्व सीएम को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए. राष्ट्रपति निष्पक्ष और निर्दलीय होकर काम करता है. वही बता दें कि क्या राष्ट्रपति बीजेपी कार्यालय गए या बीजेपी के किसी कार्यक्रम में गए. इस तरह का आरोप लगाना सही नहीं है. उनके रिटायरमेंट के बाद इतनी ओछी और छिछली बात कहना बहुत ही अपमानजनक है. ऐसे बयान से बड़े नेताओं को बचना चाहिए."

जब BJP के सहयोग से महबूबा बनीं सीएम

गौरतलब है कि महबूबा मुफ्ती बीजेपी के सहयोग से 2016 में जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री बनी थीं. वो राज्य (अब केंद्रशासित प्रदेश) की पहली महिला सीएम थीं. हालांकि महबूबा मुफ्ती की पीडीपी और बीजेपी के गठबंधन वाली सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चली. जून 2018 में बीजेपी ने गठबंधन से अलग होने का फैसला लिया. इसके बाद मुफ्ती ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया. राज्य में सरकार गिरने के बाद राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था.

अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने संसद में विधेयक पारित कर अनुच्छेद-370 को खत्म कर दिया. इससे जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो गया. जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांट दिया गया- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख. केंद्र सरकार ने ये फैसला लेते ही महबूबा मुफ्ती समेत जम्मू-कश्मीर के लगभग सभी बड़े नेताओं को कई दिनों तक हिरासत में रखा था.

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