'यीशु से मिलवाऊंगा, भूखे रहो', तड़प-तड़पकर मर गए 95 लोग, पादरी पर ये खुलासा देख दुनिया डरी
पादरी की जमीन खोदी तो लाशें ही लाशें निकलीं...

एक पादरी ने कुछ लोगों में भगवान से मिलने की चाहत जगाई. फिर उसने भगवान के पास पहुंचने का उन्हें रास्ता बताया. ऐसा रास्ता, जिसपर चलने के बाद ज्यादातर लोग कभी अपने घर वापस नहीं लौट सके. अबतक इनमें से 95 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं (Kenya hunger cult deaths). क्या हुआ? कैसे हुआ? सब कुछ आपको बताते हैं.
द गार्डियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक मामला अफ्रीकी देश केन्या का है. यहां किलिफी काउंटी के शाकहोला इलाके में पॉल मैकेंजी नाम का एक पादरी रहता है. पॉल मैकेंजी यहां एक ‘गुड न्यूज इंटरनेशनल’ नाम का चर्च चलाता है. पिछले दिनों उसने चर्च में आने वाले कई भक्तों से कहा कि अगर वो भूखे रहेंगे, तो उन्हें यीशु से मिलवाएगा. पादरी की बातों पर लोगों ने भरोसा कर लिया और खाना छोड़ दिया. ये सभी भक्त एक घर में साथ रहने लगे. धीरे-धीरे इनमें से कई लोगों की भूख से तबीयत बिगड़ने लगी. कुछ की मौत भी हो गई.
जब जमीन से लाशें निकलनी शुरू हुईंशाकहोला पुलिस को इस बात की जानकारी हुई, तो उसने दबिश दी. उसे भूख से तड़पते 15 लोग मिले. पुलिस ने सभी को अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टर्स ने इनमें से 4 लोगों को मृत घोषित कर दिया. मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी थे.
इसके बाद स्थानीय पुलिस ने पादरी मैकेंजी के खेतों और घर की तलाशी ली. उसके खेतों को देखकर पुलिस को शक हुआ तो जमीन की खुदाई करवाई. खुदाई के दौरान जमीन से कई लाशें निकलीं. जांच कर रहे अधिकारियों के मुताबिक मैकेंजी के खेतों से अबतक 95 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं. इतनी लाशें निकलने के बाद पुलिस का मानना है कि पादरी मैकेंजी लोगों को भूखा रखने का खेल काफी पहले से खेल रहा था.
314 लोग गायब हैंउधर, केन्या रेड क्रॉस सोसाइटी का दावा है कि इस घटना के बाद जब इलाके के लापता लोगों का आंकड़ा जुटाया गया तो ये संख्या 314 निकली. ऐसे में खेतों में अभी और भी लोगों के शव दबे होने की आशंका जताई जा रही है. खुदाई जारी है और इलाके के खेतों में लोगों की आवाजाही को अगले 30 दिनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है.
पादरी का क्रिमिनल रिकॉर्ड पता लगाघटना के सामने आने के बाद शाकहोला पुलिस ने पादरी पॉल मैकेंजी को अरेस्ट कर लिया. उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 2 मई तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया. अधिकारियों के मुताबिक मैकेंजी को इससे पहले भी दो बार अरेस्ट किया जा चुका है. एक बार 2019 में और दूसरी बार मार्च 2023 में. ये मामले बच्चों की मौत से जुड़े थे. हालांकि, उसे दोनों बार बॉन्ड पर जमानत दे गई.
हालांकि, इस बार पॉल मैकेंजी की गिरफ्तारी के बाद इलाके में एक कैंपेन शुरू हो गया है. इसके तहत स्थानीय नेताओं और लोगों ने अदालत से गुहार लगाई है कि मैकेंजी को इस बार जमानत न दी जाए.
वीडियो: केन्या में पाकिस्तानी पत्रकार अरशद शरीफ की हत्या की ये कहानी दुनिया से छिपाई गई

