संसद की एक समिति ने कैग (CAG) के अधिकारियों को तलब किया है. यह समिति इनअधिकारियों से जानना चाहती है कि कैग सरकारी विभागों की सालाना रिपोर्ट और खातों काब्योरा पेश करने में देरी क्यों कर रहा है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक लोकसभा केपटल पर रखे जाने वाले दस्तावेजों की संसदीय समिति इन अधिकारियों के साथ सोमवार, 4अप्रैल को एक बैठक करेगी. इस बैठक में डिप्टी सीएजी जी विश्वनाथन और राकेश मोहन,डीजी-वाणिज्यिक रितिका भाटिया, डीजी-संसदीय समिति शैलेंद्र विक्रम सिंह, प्रधाननिदेशक-एबी नमिता प्रसाद और ऑडिट के डीजी मनीष कुमार शामिल होंगे. समिति की ओर सेक्या कहा गया है? उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर से बसपा सांसद रितेश पांडे इस समितिके अध्यक्ष हैं. इस मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक संसदीय समिति अधिकारियों कोइसलिए बुला रही है, क्योंकि कैग की ऑडिट रिपोर्ट को 31 दिसंबर 2021 तक संसद केदोनों सदनों के पटल पर रखा जाना था, जो अबतक नहीं रखी गई. अब कैग के अधिकारियों सेपूछा जायेगा कि देरी का कारण क्या है. इस बैठक में संसदीय समिति यह भी जानने कीकोशिश करेगी कि दस्तावेजों को संसद में तय समय में पेश करने के लिए उसे क्या कदमउठाने चाहिए. संसदीय समिति के अध्यक्ष रितेश पांडे ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,'हमने सीएजी को बुलाया है. इनके अधिकारी आकर वह तरीका खोजेंगे जिससे सरकारी फंडलेने वाली स्वायत्त संस्थाओं, मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों केअकाउंट्स को जल्द ऑडिट किया जा सके और संसद के समक्ष ऑडिट के दस्तावेज रखे जा सकें.इन दस्तावेजों से देश के लोगों को पता चलेगा कि उनका पैसा ये संस्थाएं कैसे खर्चकरती हैं.' कहा जा रहा है कि यह संभवत: पहली बार है, जब लोक लेखा समिति (पीएसी) सेइतर कोई संसदीय समिति कैग अधिकारियों के साथ इस तरह की औपचारिक चर्चा करेगी. इसेलेकर रितेश पांडे ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, 'रिकॉर्ड्स को देखें तो लोकसभा केपटल पर रखे जाने वाले दस्तावेजों की संसदीय समिति ने पहले कभी भी ऑडिट में देरी काकारण जानने के लिए कैग को तलब नहीं किया. मुझे नहीं लगता कि लोक लेखा समिति केअलावा किसी अन्य संसदीय समिति ने कभी सीएजी को तलब किया है...एक संसदीय समिति एकछोटी संसद की तरह होती है, जिसे किसी भी मंत्रालय/विभाग/संगठन/सार्वजनिक क्षेत्र कीकंपनी और यहां तक कि स्वायत्त संगठनों के प्रतिनिधियों को जानकारी मांगने के लिएबुलाने का अधिकार है.' देरी के लिए मंत्रालयों को किया गया था तलब हाल ही में रितेशपांडे की अध्यक्षता वाली इस संसदीय समिति ने इस मामले में विभिन्न मंत्रालयों औरविभागों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया था और उनसे देरी का कारण पूछा था. पीटीआई केमुताबिक इस दौरान कई संस्थाओं ने कहा था कि कैग की ऑडिट प्रक्रिया कभी-कभीनिर्धारित समय से कहीं ज्यादा समय लेती है, जिसके चलते उन्हें संसद के समक्षदस्तावेज पेश करने में देरी हो रही है. कुछ का यह भी कहना था कि कैग ने समय पर अपनेऑडिटर्स को नहीं भेजा, जिस वजह से देरी हो रही है. इसके बाद रितेश पांडे ने सीएजीगिरीश चंद्र मुर्मू के साथ एक बैठक की थी. इस बैठक में मुर्मू ने उन्हें ऑडिटप्रक्रिया में तेजी लाने और संसदीय समिति के साथ तालमेल मिलाकर काम करने का आश्वासनदिया था.